
चीन में अचानक कोरोना केस बढ़ने से दवाओं की किल्लत, भारत जल्द भेजेगा बुखार की ये 2 दवाएं
कोरोना से जूझ रहे चीन को भारत से मिलेगी मदद, जल्द भेजी जाएंगी बुखार की दवाइयां।

कोरोना से जूझ रहे चीन को भारत से मिलेगी मदद, जल्द भेजी जाएंगी बुखार की दवाइयां।

After Covid Weakness: पुरषों के मुकाबले महिलाओं में कोरोना से होने वाली थकान के लक्षण ज़्यादा देखने को मिलते हैं। कोरोना के बाद कुछ लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं तो कुछ लोगों में यह समस्या गंभीर हो जाती है। पूरी तरह से ठीक हुए लोगों में भी इसके हलके लक्षण देखने को मिलते हैं। बुज़ुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग कोरोना के लक्षणों को देर तक झेलते हैं।

कोविड राष्ट्रीय कार्य बल ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत कोविड रोगियों के सही से प्रबंधन के लिए कुछ दिशानिर्देशों में संशोधन किए हैं। मरीज जिनमें कोरोना के बेहद हल्के लक्षण नजर आ रहे हैं, वे होम आइसोलेशन में रहेंगे। कोविड मरीजों के इलाज के दौरान किन बातों का रखना होगा ख्याल, जानें यहां...

अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर ने कहा है कि कोविड के खिलाफ बनाई गई उसकी टैबलेट पैक्सलोविड (Paxlovid Tablet) के परीक्षण के अंतिम नतीजे दर्शाते हैं कि यह मरीजों के हॉस्पिटल में भर्ती होने या गंभीर मरीजों में मौत के जोखिम को कम करने में 89 % कारगर है।

कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित ऐसे लोग जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है उनके इलाज के लिए यह दवा उपयोगी होने के दावे किए जा रहे हैं।

शोध में खुलासा, दक्षिण अमेरिकी ऊंट का नैनोबॉडी कोरोनावायरस से लड़ने में कारगर....

स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में, तिवारी ने लिखा, "मैं आपसे तुरंत स्पष्टीकरण मांगूंगा कि अस्पताल ने एक मरीज से इतनी अधिक राशि क्यों और कैसे ली, चाहे वह कितना भी अस्वस्थ हो या ना हो।"

आईसीएमआर के अध्यक्ष डॉ. बलराम भार्गव, कोविड-19 नैशनल टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. पॉल, एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया तथा अन्य अनेक विख्यात डॉक्टरों को प्रेषित किये गए इस शोध पत्र का समर्थन किया है जिनमें प्रमुख हैं डॉ. संजय जैन, एमएस, अमेरिका से डॉ.अनू गर्ग एमडी, डॉ.सुरेश अग्रवाल एमएस आदि।

Covid Treatment Guidelines In India: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब आइवरमेक्टीन और डॉक्सीसाइक्लिन जैसी दवाइयों का प्रयोग कोविड उपचार में नहीं किया जाएगा।

आयुष मंत्रालय ने दिल्ली के कई स्थानों पर आयुष-64 ( AYUSH 64 ) का मुफ्त डिस्टीब्यूशन आरंभ कर किया है। सोमवार 10 मई से इसके नि:शुल्क वितरण के लिए कई केंद्रों पर व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजना के अंतर्गत सीटी स्कैन आदि जांचें भी निशुल्क होंगी तथा दवाएं, रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन आदि भी नि:शुल्क मिलेंगे। (Free Treatment in Madhya Pradesh)

कोरोना से जूझ रहे चीन को भारत से मिलेगी मदद, जल्द भेजी जाएंगी बुखार की दवाइयां।

कोविड राष्ट्रीय कार्य बल ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत कोविड रोगियों के सही से प्रबंधन के लिए कुछ दिशानिर्देशों में संशोधन किए हैं। मरीज जिनमें कोरोना के बेहद हल्के लक्षण नजर आ रहे हैं, वे होम आइसोलेशन में रहेंगे। कोविड मरीजों के इलाज के दौरान किन बातों का रखना होगा ख्याल, जानें यहां...

अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर ने कहा है कि कोविड के खिलाफ बनाई गई उसकी टैबलेट पैक्सलोविड (Paxlovid Tablet) के परीक्षण के अंतिम नतीजे दर्शाते हैं कि यह मरीजों के हॉस्पिटल में भर्ती होने या गंभीर मरीजों में मौत के जोखिम को कम करने में 89 % कारगर है।

कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित ऐसे लोग जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है उनके इलाज के लिए यह दवा उपयोगी होने के दावे किए जा रहे हैं।

शोध में खुलासा, दक्षिण अमेरिकी ऊंट का नैनोबॉडी कोरोनावायरस से लड़ने में कारगर....

स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में, तिवारी ने लिखा, "मैं आपसे तुरंत स्पष्टीकरण मांगूंगा कि अस्पताल ने एक मरीज से इतनी अधिक राशि क्यों और कैसे ली, चाहे वह कितना भी अस्वस्थ हो या ना हो।"

आईसीएमआर के अध्यक्ष डॉ. बलराम भार्गव, कोविड-19 नैशनल टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. पॉल, एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया तथा अन्य अनेक विख्यात डॉक्टरों को प्रेषित किये गए इस शोध पत्र का समर्थन किया है जिनमें प्रमुख हैं डॉ. संजय जैन, एमएस, अमेरिका से डॉ.अनू गर्ग एमडी, डॉ.सुरेश अग्रवाल एमएस आदि।

Covid Treatment Guidelines In India: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब आइवरमेक्टीन और डॉक्सीसाइक्लिन जैसी दवाइयों का प्रयोग कोविड उपचार में नहीं किया जाएगा।

आयुष मंत्रालय ने दिल्ली के कई स्थानों पर आयुष-64 ( AYUSH 64 ) का मुफ्त डिस्टीब्यूशन आरंभ कर किया है। सोमवार 10 मई से इसके नि:शुल्क वितरण के लिए कई केंद्रों पर व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजना के अंतर्गत सीटी स्कैन आदि जांचें भी निशुल्क होंगी तथा दवाएं, रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन आदि भी नि:शुल्क मिलेंगे। (Free Treatment in Madhya Pradesh)