Lockdown in India: कोरोना संक्रमण रोकने के लिए डॉ.फाउची के सुझाव ।
डॉक्टर एंथोनी फाउची (Dr. Anthony S Fauci) ने कहा है कि, भारत में दूसरी वेव को खत्म करने के लिए 6 महीने के शटडाउन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। (Lockdown in India)
डॉक्टर एंथोनी फाउची (Dr. Anthony S Fauci) ने कहा है कि, भारत में दूसरी वेव को खत्म करने के लिए 6 महीने के शटडाउन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। (Lockdown in India)
मेडिकल जर्नल 'द लांसेट' (The Lancet) में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि, कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार हवा के माध्यम से हो रहा है। (Covid Transmission Through Air)
मंत्रालय ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं जो विभिन्न दफ्तरों और वहां काम करने वाले लोगों पर लागू रहेंगी। इन नये नियमों के अनुसार, सैनिटाइजेशन, सोशल-डिस्टेंसिंग और कोविड-19 टेस्टिंग जैसी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा। (Guidelines for Offices to prevent Covid-19 Spread)
एक्सपर्ट्स का दावा है कि सांस रोककर (Holding Breath) रखने से भी कोरोना संक्रमण का रिस्क (Risk of Covid-19 Spread) बढ़ सकता है। जी हां, चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की शाखा में वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च का आयोजन किया और उसके परिणामों के आधार पर यह दावा किया। (Covid-19 Infection)
एक्सपर्ट्स का दावा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सिर्फ मास्क पहनना कारगर नहीं है। उसके साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना ज़रूरी है। हाल ही में रिसर्चर्स ने 5 तरह के मास्क में इस्तेमाल सामग्री के प्रभाव का परीक्षण कर नतीजा निकाला है। (Covid-19 Spread)
डॉक्टर एंथोनी फाउची (Dr. Anthony S Fauci) ने कहा है कि, भारत में दूसरी वेव को खत्म करने के लिए 6 महीने के शटडाउन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। (Lockdown in India)
मेडिकल जर्नल 'द लांसेट' (The Lancet) में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि, कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार हवा के माध्यम से हो रहा है। (Covid Transmission Through Air)
मंत्रालय ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं जो विभिन्न दफ्तरों और वहां काम करने वाले लोगों पर लागू रहेंगी। इन नये नियमों के अनुसार, सैनिटाइजेशन, सोशल-डिस्टेंसिंग और कोविड-19 टेस्टिंग जैसी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा। (Guidelines for Offices to prevent Covid-19 Spread)
एक्सपर्ट्स का दावा है कि सांस रोककर (Holding Breath) रखने से भी कोरोना संक्रमण का रिस्क (Risk of Covid-19 Spread) बढ़ सकता है। जी हां, चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की शाखा में वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च का आयोजन किया और उसके परिणामों के आधार पर यह दावा किया। (Covid-19 Infection)
एक्सपर्ट्स का दावा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सिर्फ मास्क पहनना कारगर नहीं है। उसके साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना ज़रूरी है। हाल ही में रिसर्चर्स ने 5 तरह के मास्क में इस्तेमाल सामग्री के प्रभाव का परीक्षण कर नतीजा निकाला है। (Covid-19 Spread)