WHO ने कहा- गर्भवती महिलाएं न लें Moderna वैक्सीन, जानिए क्या है इसके पीछे कारण
WHO ने गर्भवती को तब तक मॉडर्ना वैक्सीन (Moderna Vaccine) लेने की सलाह नहीं दी है जब तक कि उन्हें उच्च जोखिम (जैसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता) का खतरा न हो।
WHO ने गर्भवती को तब तक मॉडर्ना वैक्सीन (Moderna Vaccine) लेने की सलाह नहीं दी है जब तक कि उन्हें उच्च जोखिम (जैसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता) का खतरा न हो।
एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) एक जानवेला एलर्जिक रिएक्शन है, जिसका असर सामान्यत: वैक्सीनेशन के कुछ ही मिनटों या घंटों बाद दिखने लगता है। जानें, क्या है एनाफिलेक्सिस और इसके कारण, लक्षण....
हां लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर पूरी सावधानी बरत रहे हैं वहीं वैक्सीन लगवाने से पहले और बाद में भी अपनी सेहत से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान लोगो को खुद रखना होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक टीका लेने से पहले जहां आपको इस बात का खुलासा करना होगा कि आपको कोई लम्बी बीमारी तो नहीं है। वहीं, वैक्सीन लग जाने के बाद भी किसी परेशानी या साइड-इफेक्ट्स से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।
रूसी अधिकारियों द्वारा स्पुतनिक-5 वैक्सीन (Sputnik V.) की खुराक मिलने के बाद दो महीने तक शराब के सेवन से परहेज करने की सलाह दी है। वहीं, अब भारत में भी एक्सपर्ट्स इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि लोगों को वैक्सीन की खुराक लेने के साथ ही अल्कोहल के सेवन से परहेज करना पड़ेगा।(Covid-19 Vaccine and Alcohol)
मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना में मंगलवार को इस स्वास्थ्यकर्मी को कोविड-19 की वैक्सीन लगायी गयी, और अगले दिन इस व्यक्ति की मृत्यु हो गई। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि इस स्वास्थकर्मी की मौत का कारण वैक्सीन से संबंधित नहीं है। (Death after Covid-19 Vaccination)
WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा, 'मुझे कुंठित होने की जरूरत है। दुनिया एक भयावह नैतिक पतन की कगार पर है। इस पतन की कीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों में जीवन और आजीविका के साथ चुकानी होगी।'
हाल में किए गए विभिन्न रिसर्च और स्टडीज़ के परिणामों के आधार पर इस तरह के दावे एक्सपर्टस द्वारा किए जा रहे हैं। इन स्टडीज़ के अनुसार, ज़्यादा वजन वाले लोगों में दूसरों की तुलना में कई बीमारियों का रिस्क अधिक होता है। इन लोगों के शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट इम्यून सिस्टम को भी कमज़ोर करता है जिससे, बीमारियों से लड़ने में शरीर की क्षमता कम होने लगती है। (Covid-19 Vaccine Effectiveness Facts )
Moradabad Ward Boy Death News: मुरादाबाद में 46 वर्षीय सरकारी अस्पताल के वॉर्ड ब्वॉय महिपाल सिंह की मौत कोविड-19 वैक्सीन लेने से नहीं, बल्कि इन कारणों और बीमारियों से हुई है।
कोविड-19 वैक्सीन के प्रभाव से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कोरोना वायरस का टीका लेने वाले व्यक्ति को एक ही दवाई की 2 खुराकें लेनी होंगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 2 दवाइयों के 2 अलग-अलग डोज़ लेने से दवा की प्रभावशीलता का पता लगाना मुश्किल होगा। इसके अलावा, 2 डोज़ लेने के बीच अंतर रखना भी आवश्यक होता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय दवारा दी गयी जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 2,24,301 लोगों को कोरोनो की वैक्सीन लगायी जा चुकी है। इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गयी कि वैक्सीन लेने वाले 447 लोगों में इसके साइड-इफेक्ट्स दिखायी पड़े हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना टीके में अदला-बदला नहीं की जाएगी और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। जानें क्यों कहा मंत्रालय ने ऐसा।
कोविड वैक्सीन के आने के साथ-साथ अब इस वैक्सीन से जुड़ी कई बातें और अफवाहें भी सामने आने लगी हैं। ऐसी ही एक बात उठायी गयी है कि, क्या कोरोना वायरस की वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों की प्रजनन क्षमता यानि फर्टिलिटी कम हो जाएगी। देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने खुद इस विषय पर बात की और उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के साइड-इफेक्ट्स में इंफर्टिलिटी का खतरा भी है या नहीं? (Covid-19 Vaccine and Infertility)
भारत सरकार ने दो कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) को मंजूरी दे दी है, जिनका टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू होगा। आइए जानते हैं किस वैक्सीन की कीमत कितनी होगी।
कोविड वैक्सीन रोल-आउट पर मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के दौरान टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधि प्राथमिकता सूची में नहीं हैं और पहले दौर के टीके फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को कोविड टीकों के पहले दौर के लिए भुगतान नहीं करना होगा, क्योंकि केंद्र इसकी लागत वहन करेगा। (Covid-19 Vaccination in India update)
वैक्सीन लगवाने से पहले आपको इस बात को जानने की जरूरत है कि ये किन लोगों के लिए सेफ है और किन लोगों के लिए नहीं। इस लेख में हम आपको ये बता रहे हैं कि किन लोगों को वैक्सीन से दिक्कत हो सकती है।
एफडीए के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना वायरस से संपूर्ण सुरक्षा के लिए लोगों को फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना कोविड-19 वैक्सीन लगाने की जरूरत होगी।
Corona Vaccination in Kerala: केरल के तिरुवनंतपुरम, इडुक्की, पलक्कड़ और वायनाड जिलों में ड्राई रन शुरू हो गया है। 4 जिलों में कुल मिलाकर 6 केंद्र में ये ड्राई रन हो रहे हैं, इनमें से 3 केन्द्र तिरुवनंतपुरम में हैं और बाकी 3 जिलों में एक-एक केन्द्र हैं।
दुनियाभर में कोरोना के खात्मे (which covid 19 vaccine is best for india) के लिए फार्मा जगत की बड़ी कंपनियों ने कोरोना वैक्सीन इजात की है, जिसमें अमेरिका की दो कंपनियां मॉडर्ना (Moderna), फाइजर (Pfizer) और रूस की स्पूतनिक (Sputnik V) शामिल है।
एक ट्वीट में अडार पूनावाला ने कहा, 'सीरम इंस्टीट्यूट ने टीके को लेकर जो जोखिम उठाया था, वो सही था। कोविशिल्ड भारत का पहला कोविड-19 वैक्सीन (Covishield Vaccine Upadate) है, जिसे अनुमति मिली है। यह सुरक्षित, प्रभावी और आने वाले हफ्तों में रोल-आउट के लिए तैयार है।
भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बयान दिया है कि देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाने का काम जनरी 2021 में आरंभ हो लकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को बयान दिया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों तक सेफ और असरदार वैक्सीन पहुंचाने की है। (Coronavirus Vaccination in India)
CM Yogi Adityanath ने कहा, प्रदेश में कोविड-19 का टीकाकरण कार्य निर्धारित टाइम लाइन के अनुसार संपन्न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीनेटर्स को तैयार करने का कार्य पूरी तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
कोवैक्सिन (Covaxin) के पहले फेज़ के क्लिनिकल ट्रायल्स के अंतरिम नतीज़ों में इस वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस वैक्सीन को लगाने के बाद वॉलिंटियर्स में किसी प्रकार के गम्भीर साइड-इफेक्ट्स नहीं दिखायी पड़े। (Covaxin safety and efficiency)
Guidelines for Covid Vaccination in India: केंद्र सरकार ने भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए जरूरी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत रोजाना प्रत्येक सत्र में लगभग 100 से 200 लोगों को टीका लगाया जाएगा। जानिए, वैक्सीनेशन के दौरान फॉलो की जाने वाली गाइडलाइंस की कुछ महत्वपूर्ण बातें यहां....
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कुछ साइड-इफेक्ट्स भी दिखायी पड़ सकते हैं, जिनके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत का प्रदर्शन, कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। (Coronavirus Cases in India)
रूसी अधिकारियों द्वारा स्पुतनिक-5 वैक्सीन (Sputnik V.) की खुराक मिलने के बाद दो महीने तक शराब के सेवन से परहेज करने की सलाह दी है। वहीं, अब भारत में भी एक्सपर्ट्स इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि लोगों को वैक्सीन की खुराक लेने के साथ ही अल्कोहल के सेवन से परहेज करना पड़ेगा।(Covid-19 Vaccine and Alcohol)
मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना में मंगलवार को इस स्वास्थ्यकर्मी को कोविड-19 की वैक्सीन लगायी गयी, और अगले दिन इस व्यक्ति की मृत्यु हो गई। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि इस स्वास्थकर्मी की मौत का कारण वैक्सीन से संबंधित नहीं है। (Death after Covid-19 Vaccination)
WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा, 'मुझे कुंठित होने की जरूरत है। दुनिया एक भयावह नैतिक पतन की कगार पर है। इस पतन की कीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों में जीवन और आजीविका के साथ चुकानी होगी।'
हाल में किए गए विभिन्न रिसर्च और स्टडीज़ के परिणामों के आधार पर इस तरह के दावे एक्सपर्टस द्वारा किए जा रहे हैं। इन स्टडीज़ के अनुसार, ज़्यादा वजन वाले लोगों में दूसरों की तुलना में कई बीमारियों का रिस्क अधिक होता है। इन लोगों के शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट इम्यून सिस्टम को भी कमज़ोर करता है जिससे, बीमारियों से लड़ने में शरीर की क्षमता कम होने लगती है। (Covid-19 Vaccine Effectiveness Facts )
Moradabad Ward Boy Death News: मुरादाबाद में 46 वर्षीय सरकारी अस्पताल के वॉर्ड ब्वॉय महिपाल सिंह की मौत कोविड-19 वैक्सीन लेने से नहीं, बल्कि इन कारणों और बीमारियों से हुई है।
कोविड-19 वैक्सीन के प्रभाव से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कोरोना वायरस का टीका लेने वाले व्यक्ति को एक ही दवाई की 2 खुराकें लेनी होंगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 2 दवाइयों के 2 अलग-अलग डोज़ लेने से दवा की प्रभावशीलता का पता लगाना मुश्किल होगा। इसके अलावा, 2 डोज़ लेने के बीच अंतर रखना भी आवश्यक होता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय दवारा दी गयी जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 2,24,301 लोगों को कोरोनो की वैक्सीन लगायी जा चुकी है। इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गयी कि वैक्सीन लेने वाले 447 लोगों में इसके साइड-इफेक्ट्स दिखायी पड़े हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना टीके में अदला-बदला नहीं की जाएगी और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। जानें क्यों कहा मंत्रालय ने ऐसा।
कोविड वैक्सीन के आने के साथ-साथ अब इस वैक्सीन से जुड़ी कई बातें और अफवाहें भी सामने आने लगी हैं। ऐसी ही एक बात उठायी गयी है कि, क्या कोरोना वायरस की वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों की प्रजनन क्षमता यानि फर्टिलिटी कम हो जाएगी। देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने खुद इस विषय पर बात की और उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के साइड-इफेक्ट्स में इंफर्टिलिटी का खतरा भी है या नहीं? (Covid-19 Vaccine and Infertility)
भारत सरकार ने दो कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) को मंजूरी दे दी है, जिनका टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू होगा। आइए जानते हैं किस वैक्सीन की कीमत कितनी होगी।
कोविड वैक्सीन रोल-आउट पर मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के दौरान टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधि प्राथमिकता सूची में नहीं हैं और पहले दौर के टीके फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को कोविड टीकों के पहले दौर के लिए भुगतान नहीं करना होगा, क्योंकि केंद्र इसकी लागत वहन करेगा। (Covid-19 Vaccination in India update)
वैक्सीन लगवाने से पहले आपको इस बात को जानने की जरूरत है कि ये किन लोगों के लिए सेफ है और किन लोगों के लिए नहीं। इस लेख में हम आपको ये बता रहे हैं कि किन लोगों को वैक्सीन से दिक्कत हो सकती है।
एफडीए के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना वायरस से संपूर्ण सुरक्षा के लिए लोगों को फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना कोविड-19 वैक्सीन लगाने की जरूरत होगी।
Corona Vaccination in Kerala: केरल के तिरुवनंतपुरम, इडुक्की, पलक्कड़ और वायनाड जिलों में ड्राई रन शुरू हो गया है। 4 जिलों में कुल मिलाकर 6 केंद्र में ये ड्राई रन हो रहे हैं, इनमें से 3 केन्द्र तिरुवनंतपुरम में हैं और बाकी 3 जिलों में एक-एक केन्द्र हैं।
दुनियाभर में कोरोना के खात्मे (which covid 19 vaccine is best for india) के लिए फार्मा जगत की बड़ी कंपनियों ने कोरोना वैक्सीन इजात की है, जिसमें अमेरिका की दो कंपनियां मॉडर्ना (Moderna), फाइजर (Pfizer) और रूस की स्पूतनिक (Sputnik V) शामिल है।
एक ट्वीट में अडार पूनावाला ने कहा, 'सीरम इंस्टीट्यूट ने टीके को लेकर जो जोखिम उठाया था, वो सही था। कोविशिल्ड भारत का पहला कोविड-19 वैक्सीन (Covishield Vaccine Upadate) है, जिसे अनुमति मिली है। यह सुरक्षित, प्रभावी और आने वाले हफ्तों में रोल-आउट के लिए तैयार है।
भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बयान दिया है कि देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाने का काम जनरी 2021 में आरंभ हो लकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को बयान दिया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों तक सेफ और असरदार वैक्सीन पहुंचाने की है। (Coronavirus Vaccination in India)
CM Yogi Adityanath ने कहा, प्रदेश में कोविड-19 का टीकाकरण कार्य निर्धारित टाइम लाइन के अनुसार संपन्न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीनेटर्स को तैयार करने का कार्य पूरी तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
कोवैक्सिन (Covaxin) के पहले फेज़ के क्लिनिकल ट्रायल्स के अंतरिम नतीज़ों में इस वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस वैक्सीन को लगाने के बाद वॉलिंटियर्स में किसी प्रकार के गम्भीर साइड-इफेक्ट्स नहीं दिखायी पड़े। (Covaxin safety and efficiency)
Guidelines for Covid Vaccination in India: केंद्र सरकार ने भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए जरूरी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत रोजाना प्रत्येक सत्र में लगभग 100 से 200 लोगों को टीका लगाया जाएगा। जानिए, वैक्सीनेशन के दौरान फॉलो की जाने वाली गाइडलाइंस की कुछ महत्वपूर्ण बातें यहां....
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कुछ साइड-इफेक्ट्स भी दिखायी पड़ सकते हैं, जिनके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत का प्रदर्शन, कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। (Coronavirus Cases in India)
प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि कोरोना संकट अब खत्म होने के रास्ते पर है और भारत में भी जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
Corona Vaccine Doses: फाइजर वैक्सीन की बात करें तो, दो खुराकों के बीच 21 दिनों और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के लिए दो खुराकों के बीच 28 दिनों का अंतराल सुझाया गया है। इसके अलावा, संक्रमण से बचने के लिए इस दौरान उचित देखभाल, आराम और सावधानियां बरतने की बात भी कही गई है।
मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीन मुफ्त में लगाने की घोषणा करने के बाद अब केरल (Kerala) के चीफ मिनिस्टर पिनाराई विजयन (Chief Minister Pinarayi Vijayan) ने अपने राज्य के लोगों को मुफ्त में कोविड-19 वैक्सीन (Vaccine) लगाने की घोषणा की है।