क्या गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है कोरोना का बूस्टर डोज? एक्सपर्ट से जानें
COVID-19 booster doses in pregnancy: कोरोना क बदलते वेरिएंट्स से क्या गर्भवती महिलाओं को घबराने की जरूरत है। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
COVID-19 booster doses in pregnancy: कोरोना क बदलते वेरिएंट्स से क्या गर्भवती महिलाओं को घबराने की जरूरत है। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, अगर आप बूस्टर शॉट्स नहीं लेते हैं तो आपकी लगी कोविड वैक्सीन की क्षमता धीमे-धीमे 6 महीने बाद कम होना शुरू हो जाती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया में मौजूद कोरोनावायरस वैक्सीन्स को ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ लगातार सुरक्षा देने के लिए और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
घोषणा की गयी है कि वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने के ले लोगों को अलग से पंजीकरण कराने की ज़रूरत नहीं।
अभी केवल फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन ही 16 और 17 साल के युवाओं को लगाने की अनुमति दी गई है।
भारत में ही जल्द बूस्टर डोज लग सकती है। इसे लेकर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों की बैठक होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक विशेषज्ञ पैनल ने एक एडवाइजरी जारी कर सलाह दी है कि, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें डब्ल्यूएचओ की मंजूरी वाली कोविड -19 वैक्सीन की एक एक्स्ट्रा डोज लगवानी चाहिए।
COVID-19 booster doses in pregnancy: कोरोना क बदलते वेरिएंट्स से क्या गर्भवती महिलाओं को घबराने की जरूरत है। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, अगर आप बूस्टर शॉट्स नहीं लेते हैं तो आपकी लगी कोविड वैक्सीन की क्षमता धीमे-धीमे 6 महीने बाद कम होना शुरू हो जाती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया में मौजूद कोरोनावायरस वैक्सीन्स को ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ लगातार सुरक्षा देने के लिए और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
घोषणा की गयी है कि वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने के ले लोगों को अलग से पंजीकरण कराने की ज़रूरत नहीं।
अभी केवल फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन ही 16 और 17 साल के युवाओं को लगाने की अनुमति दी गई है।
भारत में ही जल्द बूस्टर डोज लग सकती है। इसे लेकर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों की बैठक होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक विशेषज्ञ पैनल ने एक एडवाइजरी जारी कर सलाह दी है कि, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें डब्ल्यूएचओ की मंजूरी वाली कोविड -19 वैक्सीन की एक एक्स्ट्रा डोज लगवानी चाहिए।