
China: चीन के ग्वांगझू में बनाया गया विशाल क्वारंटाइन सेंटर, Watch Video
चीन में बढ़ रहा है कोरोना का कहर, लोग परेशान।

चीन में बढ़ रहा है कोरोना का कहर, लोग परेशान।

भारत के शीर्ष वायरोलॉजिस्टों में से एक गगनदीप कांग ने कहा कि, "XE वेरिएंट थोड़ा तेजी से फैलता है, लेकिन यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण नहीं लगता है।"

फ्रांसीसी डेली ली टेलीग्राम की रिपोर्ट की मानें, तो अक्टूबर महीने में फिनिस्टेयर और बैनालेक में बी.1.एक्स (B.1.X ) या बी.1.640 (B.1.640) के रूप में एक नए संस्करण (Corona new variant) को खोजा गया था।

देश में कोरोना वायरस के एक नये वैरिएंट के पाए जाने के बाद हडकंप सा मच गया है। इस नये वैरिएंट का नाम का कप्पा जिसके 2 मामले उत्तर प्रदेश राज्य से सामने आए हैं। (Kappa Variant of Coronavirus)

विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से फैसला लिया गया है कि अब किसी भी स्ट्रेन का नाम किसी देश के नाम के साथ जोड़कर नहीं लिया जाएगा। हू प्रमुख ने कहा है कि, अब जानलेवा कोविड-19 वेरिएंट्स को ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों से जाना जाएगा। (Coronavirus Variants naming updates)

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने चेतावनी दी है कि भारतीय कोरोना वैरिएंट उन लोगों में जंगल की आग की तरह फैल सकता है जिन्होंने अबतक कोरोना का वैक्सीन नहीं लगवाया है। (Corona Indian Variant infection risk in Hindi)

अब शोधकर्ताओं को कुछ नये लक्षणों का भी पता चला है जो इन सब समस्याओं से बिल्कुल अलग हैं। यहां पढ़ें कोरोना के उन्हीं नये लक्षणों के बारे में। (New Symptoms of Coronavirus Infection)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इस म्यूटेंट के बारे में कहा गया है कि, अभी इसकी संख्या काफी कम है और राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के मामलों की कुल संख्या में इसे अभी जोड़ा नहीं जा सकता। (Double Mutant Covid Variant in Hindi)

नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) ने इन राज्यों से कहा है कि वे दूसरे देशों से यहां आने वाले वैरिएंट्स के मामलों पर नजर रखें, क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस तरह के स्ट्रेन से संक्रमित लोगों की तादाद देश में 194 तक पहुंच गई है, इनमें यूके संस्करण के 187 मामले, दक्षिण अफ्रीकी संस्करण के छह मामले शामिल हैं जबकि एक ब्राजीलियाई संक्रमण का मामला पाया गया है। (Coronvirus Outbreak in India)

कुछ नयी स्टडीज़ में कहा गया है कि केवल विटामिन सी या ज़िंक से रोग-प्रतिरोधक शक्ति नहीं बढ़ सकती। इसीलिए आपको नये स्ट्रेन से खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए ज़्यादा पौष्टिक औऱ हेल्दी फूड्स का सेवन करना चाहिए। (Covid New Strain and Immunity)

ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि केंट वायरस पुराने वायरस से 70 प्रतिशत अधिक खतरनाक है। गौरतलब है कि ब्रिटेन के केंट इलाके से शुरु हुए इस स्ट्रेन को केंट स्ट्रेन कही जा रहा है। इस रिसर्च के परिणाम सामने आने के बाद से ही एक्सपर्ट्स, प्रशासन और लोगों को चिंता बढ़ गयी है। (Covid-19 Kent Variant in hindi)

सार्स-कोवि-2 के व्यवहार को समझते हुए जो वैक्सीन्स तैयार की गयी हैं, उनमें से कुछ को कोरोना के नये स्ट्रेन्स के खिलाफ कारगर नहीं माना जा रहा है। इसी बीच फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन करने में 6-9 महीने का समय लग सकता है।

अब ब्रिटेन के केंट स्ट्रेन (Corona Kent Variant) से जुड़ा एक और बयान सामने आया है। ऐसा दावा किया गया है कि मौजूदा समय में जिन कोविड-19 वैक्सीन्स के साथ दुनियाभर में कोरोना वायरस को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं वे वैक्सीन्स केंट वेरिएंट के सामने असरदार नहीं हैं। (Vaccines for Corona Kent Variant)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कहा है कि, दिसंबर 2020 में चर्चा में आए कोरोना वायरस का यूके स्ट्रेन अब तक 86 देशों में फैल चुका है। गौरतलब है कि, दिसंबर 2020 में इसने लोगों को भारी सख्या में संक्रमित किया। जिसके बाद ब्रिटेन में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गयी। (Coronavirus New Strain)

कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि ऑक्सफोर्ड –एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की गयी कोविड वैक्सीन नये स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है। यह दावा खुद इस वैक्सीन को बनाने वाले वैज्ञानिकों का है जिन्होंने एक स्टडी के बाद यह बात कही है।(Vaccine for New Coronavirus Strain)

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) की तरफ से सोमवार को एक बयान दिया गया जिसके अनुसार, इस स्ट्रेन के खिलाफ कोविड-19 वैक्सीन्स बेअसर रहेंगी। इस स्टडी के परिणामों ने ब्रिटेन सहित दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऑनलाइन एक बयान जारी करते हुए कहा कि वायरस के स्वरूपों में बदलाव यानि म्यूटेशन एक बहुत ही साधारण-सी बात है। चूंकि कोविड-19 वायरस बहुत अधिक संक्रामक है, ऐसे में इसके और भी कई स्ट्रेन सामने आ सकते हैं। (Covid-19 New Strain)

वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले साल भर से दुनियाभर में कोरोना वायरस के व्यवहार में कई बदलाव आए हैं। हाल ही में सामने आयी एक स्टडी में तो यह भी दावा किया गया है कि कोविड-19 संक्रमण की वजह बनने वाला वायरस यानि सार्स कोवि-2 भविष्य में अधिक संक्रामक और खतरनाक बन सकता है। (New Symptoms of Covid)

रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह नया स्ट्रेन पुराने वायरस से 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। इसी तरह कुछ लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा भी अधिक है। आइए समझते हैं क्यों कुछ लोगों को बाकियों की तुलना में कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन का अधिक रिस्क है। (New Coronavirus Strain Risk)

ब्रिटेन और अफ्रीका के बाद अब जापान ने भी अपने यहां कोरोना के एक नये म्यूटेंट स्ट्रेन के मिलने का दावा किया है। जापान ने कहा है कि उनके क्षेत्र में कोरोना वायरस एक नया म्यूटेंट स्ट्रेन मिला है। एक्सपर्ट्स ने इस बाबत लोगों को चेताया भी है और कहा है कि जापान में मिला स्ट्रेन ब्रिटेन में पाए गए कोरोना स्ट्रेन से भी अधिक संक्रामक है। (New Covid Strain in Japan)

अब देश में कुल मामलों की संख्या 10,4,66,595 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को ये जानकारी दी। इससे पहले सबसे कम 16,375 दैनिक मामले 5 जनवरी को दर्ज किए गए थे। Coronavirus Cases in India update)

Delhi New Covid Strain: स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, "दिल्ली में शुक्रवार को 585 नए केस सामने आए थे। दिल्ली में सकारात्मकता दर 0.73 प्रतिशत रही और सकारात्मकता दर में लगातार गिरावट आ रही है। हमें उम्मीद है कि दिल्ली में प्रतिदिन आ रहे नए केस की संख्या भी 500 से कम रहेगी।"

COVID-19 से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इस लेख में हम आपको ये बता रहे हैं कि कैसे 2021 में आप खुद को कोरोना (covid new strain) से दूर रख सकते हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे 5 तरीकों के बारे में जो आपको नए साल में कोरोना से दूर रखने में मदद करेंगे।

ICMR एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन को लैब्स में पृथक करने यानि आइसोलेट करने में सफलता पायी है। इस विषय में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने खुद जानकारी दी। (Coronavirus New Strain)

भारत के शीर्ष वायरोलॉजिस्टों में से एक गगनदीप कांग ने कहा कि, "XE वेरिएंट थोड़ा तेजी से फैलता है, लेकिन यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण नहीं लगता है।"

फ्रांसीसी डेली ली टेलीग्राम की रिपोर्ट की मानें, तो अक्टूबर महीने में फिनिस्टेयर और बैनालेक में बी.1.एक्स (B.1.X ) या बी.1.640 (B.1.640) के रूप में एक नए संस्करण (Corona new variant) को खोजा गया था।

देश में कोरोना वायरस के एक नये वैरिएंट के पाए जाने के बाद हडकंप सा मच गया है। इस नये वैरिएंट का नाम का कप्पा जिसके 2 मामले उत्तर प्रदेश राज्य से सामने आए हैं। (Kappa Variant of Coronavirus)

विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से फैसला लिया गया है कि अब किसी भी स्ट्रेन का नाम किसी देश के नाम के साथ जोड़कर नहीं लिया जाएगा। हू प्रमुख ने कहा है कि, अब जानलेवा कोविड-19 वेरिएंट्स को ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों से जाना जाएगा। (Coronavirus Variants naming updates)

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने चेतावनी दी है कि भारतीय कोरोना वैरिएंट उन लोगों में जंगल की आग की तरह फैल सकता है जिन्होंने अबतक कोरोना का वैक्सीन नहीं लगवाया है। (Corona Indian Variant infection risk in Hindi)

अब शोधकर्ताओं को कुछ नये लक्षणों का भी पता चला है जो इन सब समस्याओं से बिल्कुल अलग हैं। यहां पढ़ें कोरोना के उन्हीं नये लक्षणों के बारे में। (New Symptoms of Coronavirus Infection)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इस म्यूटेंट के बारे में कहा गया है कि, अभी इसकी संख्या काफी कम है और राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के मामलों की कुल संख्या में इसे अभी जोड़ा नहीं जा सकता। (Double Mutant Covid Variant in Hindi)

नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) ने इन राज्यों से कहा है कि वे दूसरे देशों से यहां आने वाले वैरिएंट्स के मामलों पर नजर रखें, क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस तरह के स्ट्रेन से संक्रमित लोगों की तादाद देश में 194 तक पहुंच गई है, इनमें यूके संस्करण के 187 मामले, दक्षिण अफ्रीकी संस्करण के छह मामले शामिल हैं जबकि एक ब्राजीलियाई संक्रमण का मामला पाया गया है। (Coronvirus Outbreak in India)

ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि केंट वायरस पुराने वायरस से 70 प्रतिशत अधिक खतरनाक है। गौरतलब है कि ब्रिटेन के केंट इलाके से शुरु हुए इस स्ट्रेन को केंट स्ट्रेन कही जा रहा है। इस रिसर्च के परिणाम सामने आने के बाद से ही एक्सपर्ट्स, प्रशासन और लोगों को चिंता बढ़ गयी है। (Covid-19 Kent Variant in hindi)

सार्स-कोवि-2 के व्यवहार को समझते हुए जो वैक्सीन्स तैयार की गयी हैं, उनमें से कुछ को कोरोना के नये स्ट्रेन्स के खिलाफ कारगर नहीं माना जा रहा है। इसी बीच फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन करने में 6-9 महीने का समय लग सकता है।

अब ब्रिटेन के केंट स्ट्रेन (Corona Kent Variant) से जुड़ा एक और बयान सामने आया है। ऐसा दावा किया गया है कि मौजूदा समय में जिन कोविड-19 वैक्सीन्स के साथ दुनियाभर में कोरोना वायरस को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं वे वैक्सीन्स केंट वेरिएंट के सामने असरदार नहीं हैं। (Vaccines for Corona Kent Variant)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कहा है कि, दिसंबर 2020 में चर्चा में आए कोरोना वायरस का यूके स्ट्रेन अब तक 86 देशों में फैल चुका है। गौरतलब है कि, दिसंबर 2020 में इसने लोगों को भारी सख्या में संक्रमित किया। जिसके बाद ब्रिटेन में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गयी। (Coronavirus New Strain)

कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि ऑक्सफोर्ड –एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की गयी कोविड वैक्सीन नये स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है। यह दावा खुद इस वैक्सीन को बनाने वाले वैज्ञानिकों का है जिन्होंने एक स्टडी के बाद यह बात कही है।(Vaccine for New Coronavirus Strain)

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) की तरफ से सोमवार को एक बयान दिया गया जिसके अनुसार, इस स्ट्रेन के खिलाफ कोविड-19 वैक्सीन्स बेअसर रहेंगी। इस स्टडी के परिणामों ने ब्रिटेन सहित दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऑनलाइन एक बयान जारी करते हुए कहा कि वायरस के स्वरूपों में बदलाव यानि म्यूटेशन एक बहुत ही साधारण-सी बात है। चूंकि कोविड-19 वायरस बहुत अधिक संक्रामक है, ऐसे में इसके और भी कई स्ट्रेन सामने आ सकते हैं। (Covid-19 New Strain)

वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले साल भर से दुनियाभर में कोरोना वायरस के व्यवहार में कई बदलाव आए हैं। हाल ही में सामने आयी एक स्टडी में तो यह भी दावा किया गया है कि कोविड-19 संक्रमण की वजह बनने वाला वायरस यानि सार्स कोवि-2 भविष्य में अधिक संक्रामक और खतरनाक बन सकता है। (New Symptoms of Covid)

रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह नया स्ट्रेन पुराने वायरस से 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। इसी तरह कुछ लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा भी अधिक है। आइए समझते हैं क्यों कुछ लोगों को बाकियों की तुलना में कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन का अधिक रिस्क है। (New Coronavirus Strain Risk)

ब्रिटेन और अफ्रीका के बाद अब जापान ने भी अपने यहां कोरोना के एक नये म्यूटेंट स्ट्रेन के मिलने का दावा किया है। जापान ने कहा है कि उनके क्षेत्र में कोरोना वायरस एक नया म्यूटेंट स्ट्रेन मिला है। एक्सपर्ट्स ने इस बाबत लोगों को चेताया भी है और कहा है कि जापान में मिला स्ट्रेन ब्रिटेन में पाए गए कोरोना स्ट्रेन से भी अधिक संक्रामक है। (New Covid Strain in Japan)

अब देश में कुल मामलों की संख्या 10,4,66,595 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को ये जानकारी दी। इससे पहले सबसे कम 16,375 दैनिक मामले 5 जनवरी को दर्ज किए गए थे। Coronavirus Cases in India update)

Delhi New Covid Strain: स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, "दिल्ली में शुक्रवार को 585 नए केस सामने आए थे। दिल्ली में सकारात्मकता दर 0.73 प्रतिशत रही और सकारात्मकता दर में लगातार गिरावट आ रही है। हमें उम्मीद है कि दिल्ली में प्रतिदिन आ रहे नए केस की संख्या भी 500 से कम रहेगी।"

COVID-19 से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इस लेख में हम आपको ये बता रहे हैं कि कैसे 2021 में आप खुद को कोरोना (covid new strain) से दूर रख सकते हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे 5 तरीकों के बारे में जो आपको नए साल में कोरोना से दूर रखने में मदद करेंगे।

ICMR एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन को लैब्स में पृथक करने यानि आइसोलेट करने में सफलता पायी है। इस विषय में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने खुद जानकारी दी। (Coronavirus New Strain)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह नया वायरस पुराने वायरस की तुलना में 7 गुना अधिक संक्रामक है और यह बहुत तेज़ी से फैलता है। बच्चों के लिए यह वायरस और खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम बड़ों की तुलना में कमज़ोर होता है। मेरठ में एक 2 साल की बच्ची में कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन से संक्रमण का मामला सामने आया है। जिसके बाद से बच्चों को इस संक्रमण से जुड़ी आशंका व्यक्त की जा रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि ब्रिटेन (Britain) से लौटे 14 नए यात्री भी SARS-CoV-2 से संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में अब देश में न्यू स्ट्रेन (Corona New Srain) से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 20 हो चुकी है।