प्रोटीन आधारित कोरोना वैक्सीन Novavax को कनाडा में मिली मंजूरी, गम्भीर संक्रमण में 100 फीसदी प्रभावी होने का दावा
एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि यह टीका लक्षण वाले कोरोना को रोकने में 90 प्रतिशत और गंभीर बीमारी को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी है।
एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि यह टीका लक्षण वाले कोरोना को रोकने में 90 प्रतिशत और गंभीर बीमारी को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी है।
कोरोना से बचाव के लिए एहतियाती खुराक के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शनिवार देर रात कोविन पोर्टल पर शुरू कर दी गई। जो लोग कोविड टीकों की एहतियाती खुराक प्राप्त करने के पात्र हैं, वे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
हाल ही में एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन कोवैक्सीन (Corona vaccine covaxin) अधिक प्रभावी साबित हुई है। इसकी रिपोर्ट लांसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित की गई है।
दुनिया की पहली प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन बनाने वाली दवा कंपनी जायडस कैडिला ने एक बयान जारी कर रहा है कि इस वैक्सीन की कीमत सरकार के साथ परामर्श कर तय की गई है।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन प्राप्त करने वाले यात्रियों के प्रवेश की अनुमति देने के बाद, पांच अन्य देशों ने भारत के कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन प्रमाणपत्र को मान्यता दे दी है।
आईएएनएस-सीवोटर वैक्सीन ट्रैकर में सामने आए निष्कर्षों से यह पता चला है कि भारत दुनिया में सबसे अधिक वैक्सीन समर्थक देश (प्रो-वैक्सीन कंट्री) है, क्योंकि इसकी 98 % आबादी कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीन लगवाना चाहती है।
भारत बायोटेक कंपनी द्वारा निर्मित कोवैक्सीन की देश भर में भारी कमी है। जनवरी 2021 से शुरू हुए कोरोना ट्राइव के 8 महीने बाद भी 11 भारतीयों में से सिर्फ 1 ही व्यक्ति इस स्वदेशी (कोवैक्सीन) वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त करने में कामयाब रहा है।
सीडीसी के सलाहकार पैनल ने फाइजर-बायोएनटेक कोविड वैक्सीन के बूस्टर शॉट्स का समर्थन 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के साथ कुछ उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए ज्यादा असरदार माना है।
एक नयी रिसर्च में कहा गया है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद साइड-इफेक्ट्स की संभावना अधिक होती है।(Covid-19 Vaccine Side Effects)
केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्यों को 60 प्लस आयु वर्ग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि इस श्रेणी में दोनों कोरोना की खुराक का कवरेज असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मेघालय में असंतोषजनक है।
जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड-19 के खिलाफ एकल खुराक वाली वैक्सीन को शनिवार को भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई है।
एक नए शोध में यह दावा किया गया है कि वैक्सीन की दो खुराक लेने वाले लोगों में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने की संभावना गैर-टीकाकृत लोगों की तुलना में तीन गुना कम है।
कोरोनावायरस वैक्सीन की पहली डोज में उतने ज्यादा साइड-इफेक्ट नहीं नजर आ रहे हैं, जितने की दूसरी डोज में, जानें इसके पीछे का कारण।
अध्ययन से पता चला है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक दिए जाने के बाद टीकाकरण के बाद शरीर में उत्पादित एंटीबॉडी और स्वास्थ्य सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है। यह दूसरी खुराक लेने के महत्व को दर्शाता है।
लेकिन, क्या हाथ में होने वाला यह तेज़ दर्द वैक्सीन का गम्भीर साइड -इफेक्ट है? आइए समझते हैं। (Sore Arm after Vaccination )
भारत में वैक्सीन लगाने के लिए प्राथमिकता तय की गयी है और उसी आधार पर नागरिकों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। लेकिन, इन सबके बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गर्भवती महिलाओं को भी कोविड-19 की वैक्सीन लगायी जाएगी? (Covid-19 Vaccine in Pregnancy safety)
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि, कई ऐसे तथ्य हैं जो दर्शाते हैं कि लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन का बूस्टर शॉट देने की ज़रूरत पड़ सकती है। (Cocktail Vaccine and Third Wave)
एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं, उनके लिए टीके की एक खुराक ही पर्याप्त है।
एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि यह टीका लक्षण वाले कोरोना को रोकने में 90 प्रतिशत और गंभीर बीमारी को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी है।
कोरोना से बचाव के लिए एहतियाती खुराक के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शनिवार देर रात कोविन पोर्टल पर शुरू कर दी गई। जो लोग कोविड टीकों की एहतियाती खुराक प्राप्त करने के पात्र हैं, वे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
हाल ही में एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन कोवैक्सीन (Corona vaccine covaxin) अधिक प्रभावी साबित हुई है। इसकी रिपोर्ट लांसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित की गई है।
दुनिया की पहली प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन बनाने वाली दवा कंपनी जायडस कैडिला ने एक बयान जारी कर रहा है कि इस वैक्सीन की कीमत सरकार के साथ परामर्श कर तय की गई है।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन प्राप्त करने वाले यात्रियों के प्रवेश की अनुमति देने के बाद, पांच अन्य देशों ने भारत के कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन प्रमाणपत्र को मान्यता दे दी है।
आईएएनएस-सीवोटर वैक्सीन ट्रैकर में सामने आए निष्कर्षों से यह पता चला है कि भारत दुनिया में सबसे अधिक वैक्सीन समर्थक देश (प्रो-वैक्सीन कंट्री) है, क्योंकि इसकी 98 % आबादी कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीन लगवाना चाहती है।
भारत बायोटेक कंपनी द्वारा निर्मित कोवैक्सीन की देश भर में भारी कमी है। जनवरी 2021 से शुरू हुए कोरोना ट्राइव के 8 महीने बाद भी 11 भारतीयों में से सिर्फ 1 ही व्यक्ति इस स्वदेशी (कोवैक्सीन) वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त करने में कामयाब रहा है।
सीडीसी के सलाहकार पैनल ने फाइजर-बायोएनटेक कोविड वैक्सीन के बूस्टर शॉट्स का समर्थन 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के साथ कुछ उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए ज्यादा असरदार माना है।
एक नयी रिसर्च में कहा गया है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद साइड-इफेक्ट्स की संभावना अधिक होती है।(Covid-19 Vaccine Side Effects)
केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्यों को 60 प्लस आयु वर्ग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि इस श्रेणी में दोनों कोरोना की खुराक का कवरेज असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मेघालय में असंतोषजनक है।
जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड-19 के खिलाफ एकल खुराक वाली वैक्सीन को शनिवार को भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई है।
एक नए शोध में यह दावा किया गया है कि वैक्सीन की दो खुराक लेने वाले लोगों में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने की संभावना गैर-टीकाकृत लोगों की तुलना में तीन गुना कम है।
कोरोनावायरस वैक्सीन की पहली डोज में उतने ज्यादा साइड-इफेक्ट नहीं नजर आ रहे हैं, जितने की दूसरी डोज में, जानें इसके पीछे का कारण।
अध्ययन से पता चला है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक दिए जाने के बाद टीकाकरण के बाद शरीर में उत्पादित एंटीबॉडी और स्वास्थ्य सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है। यह दूसरी खुराक लेने के महत्व को दर्शाता है।
लेकिन, क्या हाथ में होने वाला यह तेज़ दर्द वैक्सीन का गम्भीर साइड -इफेक्ट है? आइए समझते हैं। (Sore Arm after Vaccination )
भारत में वैक्सीन लगाने के लिए प्राथमिकता तय की गयी है और उसी आधार पर नागरिकों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। लेकिन, इन सबके बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गर्भवती महिलाओं को भी कोविड-19 की वैक्सीन लगायी जाएगी? (Covid-19 Vaccine in Pregnancy safety)
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि, कई ऐसे तथ्य हैं जो दर्शाते हैं कि लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन का बूस्टर शॉट देने की ज़रूरत पड़ सकती है। (Cocktail Vaccine and Third Wave)
एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं, उनके लिए टीके की एक खुराक ही पर्याप्त है।