कोरोना की वैक्सीन नहीं लेने वाले हो जाएं सावधान: जानिए प्रिकॉशनरी डोज (बूस्टर डोज) लेना क्यों है जरूरी
बढ़ते और घटते कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों के बीच प्रिकॉशनरी डोज के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अब तक सिर्फ 12% लोगों ने ही प्रिकॉशनरी डोज ली है।
बढ़ते और घटते कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों के बीच प्रिकॉशनरी डोज के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अब तक सिर्फ 12% लोगों ने ही प्रिकॉशनरी डोज ली है।
अध्ययन से पता चला है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक दिए जाने के बाद टीकाकरण के बाद शरीर में उत्पादित एंटीबॉडी और स्वास्थ्य सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है। यह दूसरी खुराक लेने के महत्व को दर्शाता है।
अमित शाह (Amit Shah) ने स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश देते हुए वैक्सीनेशन में तेजी लाने की बात कही है। इस निर्देश के तहत कोरोना टीके को जल्द से जल्द जरूरतमंदों तक पहुंचाए जाने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देशभर में कोरोना के जितने भी एक्टिव केस हैं उनमें से 74% सिर्फ केरल (Kerala) और महाराष्ट्र (Maharashtra ) में हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ और मध्;य प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। पंजाब व जम्मू एंड कश्मीर का नंबर इसके बाद आता है।
कोरोना के नए वेरिएंट (Corona Variant) को लेकर गौतमबुद्धनगर में अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने विभागीय अफसरों को अलर्ट करते हुए कहा है कि ब्राजील और साउथ अफ्रीका से लौटने वाले लोगों की आरटी-पीसीआर जांच करें।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर शौरी हाल ही में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद से ही उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बॉलीवुड के कई सितारे कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं।
एम्स भोपाल और जम्मू के अध्यक्ष वाईके गुप्ता का कहना है कि कोवैक्सीन (Covaxin) के पहले और दूसरे ट्रायल से मिले डाटा के अनुसार यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह के गंभीर साइड इफेक्ट होने की संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से एक 46 वार्ड बॉय (Ward Boy) की Covishield वैक्सीन लेने के बाद मौत होने का मामला सामने आया है। हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि शुरुआती रिपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है कि व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक (Heart Attack) के कारण हुई है।
जॉन्स हॉपकिन्स संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमेश अदलजा कहते हैं कि कोरोना (Corona Vaccine) से ठीक होने के बाद व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) कमजोर हो जाती है ऐसे में उनके दोबारा बीमार होने की संभावना रहती है। इसलिए अपने बचाव के लिए व्यक्ति को वैक्सीन लेनी चाहिए।
Corona Vaccine: कई विशेषज्ञ कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिलने के आधार पर प्रश्न उठा रहे हैं, जानिए क्या है कारण।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि ब्रिटेन (Britain) से लौटे 14 नए यात्री भी SARS-CoV-2 से संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में अब देश में न्यू स्ट्रेन (Corona New Srain) से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 20 हो चुकी है।
ब्रिटेन से आए कोरोना के नए वेरिएंट ने एक बाद फिर से दुनियाभर के लोगों को चौंका दिया है। सोचने की बात यह है कि ब्रिटेन से आए कोरोना पॉजिटिव लोग देश के कोने कोने में पहुंच रहे हैं। दरअसल, असम के बाद अब त्रिपुरा में ब्रिटेन से लौटे एक और व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया।
New Strain Of Covid 19: ब्रिटेन में पाए गए नए स्ट्रेन का पता चलाने के लिए 14 पॉजिटिव सैंपलों की जांच हो रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग टेस्ट में कुछ समय लग रहा है।
कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में अब तक 18,84,773 मामले दर्ज हो चुके हैं। 70 फीसदी मामले 10 राज्यों से सामने आ रहे हैं जिनमें केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
WHO Coronavirus News Update: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ ने 11 दिसंबर को कहा कि संक्रमित रोग के दृष्टिकोण से देखा जाए तो वैश्विक महामारी की स्थिति अभी भी अस्थिर है।
कोवैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की लैब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी द्वारा बनाया गया है। पहला डोज एक शिक्षक को दिया गया है।
गोपाल राय से पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मनीष सिसोदिया 14 सितंबर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में जब भी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होगा तब, सबसे पहले टीके फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाए जाएंगे। (Covid-19 Vaccinations program in India)
कोरोना वायरस के चलते राज्य के पांच प्रमुख जिलों- इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा और रतलाम में रात का कर्फ्यू भी लगाना पड़ा है।
फाइजर-बायोएनटेक ने टीका बनाने के लिए एमआरएनए तकनीक का उपयोग किया है, जिसका अर्थ है कि वैक्सीन का शॉट लेने से कोविड-19 होने का कोई जोखिम नहीं है।
बढ़ते और घटते कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों के बीच प्रिकॉशनरी डोज के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अब तक सिर्फ 12% लोगों ने ही प्रिकॉशनरी डोज ली है।
अध्ययन से पता चला है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक दिए जाने के बाद टीकाकरण के बाद शरीर में उत्पादित एंटीबॉडी और स्वास्थ्य सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है। यह दूसरी खुराक लेने के महत्व को दर्शाता है।
अमित शाह (Amit Shah) ने स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश देते हुए वैक्सीनेशन में तेजी लाने की बात कही है। इस निर्देश के तहत कोरोना टीके को जल्द से जल्द जरूरतमंदों तक पहुंचाए जाने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देशभर में कोरोना के जितने भी एक्टिव केस हैं उनमें से 74% सिर्फ केरल (Kerala) और महाराष्ट्र (Maharashtra ) में हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ और मध्;य प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। पंजाब व जम्मू एंड कश्मीर का नंबर इसके बाद आता है।
कोरोना के नए वेरिएंट (Corona Variant) को लेकर गौतमबुद्धनगर में अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने विभागीय अफसरों को अलर्ट करते हुए कहा है कि ब्राजील और साउथ अफ्रीका से लौटने वाले लोगों की आरटी-पीसीआर जांच करें।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर शौरी हाल ही में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद से ही उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बॉलीवुड के कई सितारे कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं।
एम्स भोपाल और जम्मू के अध्यक्ष वाईके गुप्ता का कहना है कि कोवैक्सीन (Covaxin) के पहले और दूसरे ट्रायल से मिले डाटा के अनुसार यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह के गंभीर साइड इफेक्ट होने की संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से एक 46 वार्ड बॉय (Ward Boy) की Covishield वैक्सीन लेने के बाद मौत होने का मामला सामने आया है। हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि शुरुआती रिपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है कि व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक (Heart Attack) के कारण हुई है।
जॉन्स हॉपकिन्स संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमेश अदलजा कहते हैं कि कोरोना (Corona Vaccine) से ठीक होने के बाद व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) कमजोर हो जाती है ऐसे में उनके दोबारा बीमार होने की संभावना रहती है। इसलिए अपने बचाव के लिए व्यक्ति को वैक्सीन लेनी चाहिए।
Corona Vaccine: कई विशेषज्ञ कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिलने के आधार पर प्रश्न उठा रहे हैं, जानिए क्या है कारण।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि ब्रिटेन (Britain) से लौटे 14 नए यात्री भी SARS-CoV-2 से संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में अब देश में न्यू स्ट्रेन (Corona New Srain) से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 20 हो चुकी है।
ब्रिटेन से आए कोरोना के नए वेरिएंट ने एक बाद फिर से दुनियाभर के लोगों को चौंका दिया है। सोचने की बात यह है कि ब्रिटेन से आए कोरोना पॉजिटिव लोग देश के कोने कोने में पहुंच रहे हैं। दरअसल, असम के बाद अब त्रिपुरा में ब्रिटेन से लौटे एक और व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया।
New Strain Of Covid 19: ब्रिटेन में पाए गए नए स्ट्रेन का पता चलाने के लिए 14 पॉजिटिव सैंपलों की जांच हो रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग टेस्ट में कुछ समय लग रहा है।
कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में अब तक 18,84,773 मामले दर्ज हो चुके हैं। 70 फीसदी मामले 10 राज्यों से सामने आ रहे हैं जिनमें केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
WHO Coronavirus News Update: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ ने 11 दिसंबर को कहा कि संक्रमित रोग के दृष्टिकोण से देखा जाए तो वैश्विक महामारी की स्थिति अभी भी अस्थिर है।
कोवैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की लैब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी द्वारा बनाया गया है। पहला डोज एक शिक्षक को दिया गया है।
गोपाल राय से पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मनीष सिसोदिया 14 सितंबर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में जब भी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होगा तब, सबसे पहले टीके फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाए जाएंगे। (Covid-19 Vaccinations program in India)
कोरोना वायरस के चलते राज्य के पांच प्रमुख जिलों- इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा और रतलाम में रात का कर्फ्यू भी लगाना पड़ा है।
फाइजर-बायोएनटेक ने टीका बनाने के लिए एमआरएनए तकनीक का उपयोग किया है, जिसका अर्थ है कि वैक्सीन का शॉट लेने से कोविड-19 होने का कोई जोखिम नहीं है।