कोरोना के नए सब वेरिएंट XEC ने दी दस्तक, ये कितना खतरनाक?
कोरोना का खतरा अब भी बना हुआ है, क्योंकी समय-समय कोविड एक न्यू वेरिएंट के साथ लोगों को डराने आता रहता है। अब ऐसे में लोगों को ये जानना है की क्या कोविड के इस नए वेरिएंट से डरने की जरूरत है?
कोरोना का खतरा अब भी बना हुआ है, क्योंकी समय-समय कोविड एक न्यू वेरिएंट के साथ लोगों को डराने आता रहता है। अब ऐसे में लोगों को ये जानना है की क्या कोविड के इस नए वेरिएंट से डरने की जरूरत है?
हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा की यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी (University of Miami) ने प्रेग्नेंट महिलाओं पर कोरोना के होने वाले प्रभाव को लेकर एक स्टडी की।जिसे जर्नल पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित किया गया
WHO की यह रिकमेंडेशन तब देखने को मिली है जब भारत में कॉविड के केस दुबारा से बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को भारत में 3146 नए मामले देखने को मिले हैं।
एक तो मौसम बदलने की वजह से तमाम लोग सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी का शिकार हो रहे हैं, इसी बीच कोविड संक्रमण भी बढ़ रहा है। अब सवाल ये उठता है की क्या अगर लापरवाही बर्ती गई तो क्या कोरोना के हालात पहले जैसे हो जाएंगे
COVID जिसे रेस्पिरेटरी अटैकिंग वायरस के रूप में जाना जाता है, जो आपके फेफड़ों को हाई लेवल तक नुकसान पहुंचा सकता है
बीते कुछ हफ्तों में कोविड-19 से जुड़े मामलों की संख्या में तेजी दर्ज की गई है. इसके साथ ही देश में H3N2 वायरस के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है और इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने 6 राज्यों को माइक्रो लेवल पर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं.
ज्यादा क्वांटिटी में गर्म पानी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा दिन में या रात में खाना खाने के बाद अगर आपको पानी पीना हो तो आप गुनगुने पानी का ही सेवन करें।
आपको बता दें, सरकार की ओर से सभी पॉजिटिव मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश राज्यों को दिए गए हैं। 2020-2021 में भारत ने कोविड-19 की घातक लहर देखी, जिससे देश भर में लाखों लोग मारे गए।
WHO की यह रिकमेंडेशन तब देखने को मिली है जब भारत में कॉविड के केस दुबारा से बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को भारत में 3146 नए मामले देखने को मिले हैं।
कोरोना का खतरा अब भी बना हुआ है, क्योंकी समय-समय कोविड एक न्यू वेरिएंट के साथ लोगों को डराने आता रहता है। अब ऐसे में लोगों को ये जानना है की क्या कोविड के इस नए वेरिएंट से डरने की जरूरत है?
हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा की यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी (University of Miami) ने प्रेग्नेंट महिलाओं पर कोरोना के होने वाले प्रभाव को लेकर एक स्टडी की।जिसे जर्नल पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित किया गया
एक तो मौसम बदलने की वजह से तमाम लोग सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी का शिकार हो रहे हैं, इसी बीच कोविड संक्रमण भी बढ़ रहा है। अब सवाल ये उठता है की क्या अगर लापरवाही बर्ती गई तो क्या कोरोना के हालात पहले जैसे हो जाएंगे
COVID जिसे रेस्पिरेटरी अटैकिंग वायरस के रूप में जाना जाता है, जो आपके फेफड़ों को हाई लेवल तक नुकसान पहुंचा सकता है
बीते कुछ हफ्तों में कोविड-19 से जुड़े मामलों की संख्या में तेजी दर्ज की गई है. इसके साथ ही देश में H3N2 वायरस के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है और इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने 6 राज्यों को माइक्रो लेवल पर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं.
ज्यादा क्वांटिटी में गर्म पानी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा दिन में या रात में खाना खाने के बाद अगर आपको पानी पीना हो तो आप गुनगुने पानी का ही सेवन करें।
आपको बता दें, सरकार की ओर से सभी पॉजिटिव मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश राज्यों को दिए गए हैं। 2020-2021 में भारत ने कोविड-19 की घातक लहर देखी, जिससे देश भर में लाखों लोग मारे गए।