किडनी डैमेज होने से पहले शरीर देता है ये 6 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
Symptoms Of Kindey Problem: किडनी खराब होने से पहले शरीर में कुछ संकेत दिखाई देते हैं। अगर इनकी पहचान कर ली जाए, तो इलाज में मदद मिल सकती है।
Symptoms Of Kindey Problem: किडनी खराब होने से पहले शरीर में कुछ संकेत दिखाई देते हैं। अगर इनकी पहचान कर ली जाए, तो इलाज में मदद मिल सकती है।
किडनी डैमेज होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में-
आंकड़ों के अनुसार, भारत में किडनी की बीमारियों से पीड़ित अधिकांश लोगों को डायबिटीज की बीमारी है। जानेंं डायबिटीज में कि़डनी की बीमारियों से बचाव के उपाय।
Ayurveda For Kidney Disease: किडनी में संक्रमण से किडनी फेल होने का खतरा रहता है, इससे बचने के लिए आप चिकित्सक की सलाह पर आप कुछ आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन कर सकते हैं।
जर्नल ऑफ रेनल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में ये दावा किया गया है कि वे लोग, जो बहुत मात्रा में फल व सब्जियां खाते हैं उन्हें क्रॉनिक किडनी रोग से मरने का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
Kidney Failure Signs On Skin: गुर्दे खराब (किडनी फेलियर) होने पर त्वचा पर कई बदलाव देखने को मिलते हैं, जिनसे ये साफ पता चलता है कि आपकी किडनी खराब हो रही है या ठीक तरह से काम नहीं कर रही है. तो यहां जानिए स्किन पर किडनी के खराबी के संकेत।
जर्नल रीनल फेल्योर में प्रकाशित इस अध्ययन में ये कहा गया कि प्रोबायोटिक्स डायबिटीज वाले किडनी रोगियों में किडनी के कामकाज को बेहतर बनाती है और इन 5 परेशानियों को कम करती है।
एक नयी स्टडी के अनुसार, पुरुषों की तुलना में कम उम्र और युवा महिलाओं में कोविड 19 के कारण मौत का रिस्क अधिक देखा गया।
क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ स्तर कम करना बेहद जरूरी है। इसके कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ व्यायाम करना भी बेहद जरूरी है।
एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के निदेशक डॉ. रितेश शर्मा विश्व किडनी दिवस पर किडनी के लक्षण, कारण और इसके इलाज के बारे में बताएंगे. देखें वीडियो
किडनी फेल होने पर डायलसिस या किडनी ट्रांसप्लांट कराने की जरूरत होती है। डायलसिस सेवाओं में सुधार होने से अब एंड-स्टेज किडनी डिज़ीज़ से ग्रस्त मरीज़ भी कई वर्षों तक इसके साथ जीवित रह पाते हैं।
आयुर्वेद पर हो रहे अनुसंधान मौजूदा दौर में इसकी बढ़ती उपयोगिता पर मुहर लगा रहे हैं। फार्मास्युटिकल बायोलॉजी में प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि आयुर्वेद फॉर्मूले गंभीर गुर्दा रोगों में असरदार हैं।
किडनी से संबंधित रोगों के सामने आने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है लेकिन आप इसके साइलेंट संकेतों को जानकर इस रोग का पता लगा सकते हैं और इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं।
गायिका अनुराधा पौडवाल के बेटे आदित्य पौडवाल का शनिवार की सुबह किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया। वह 35 साल के थे। आदित्य लंबे समय से किडनी से जुड़ी बीमारियों (Kidney disease) से जूझ रहे थे।
दिल और गुर्दे की तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की हालत स्थिर बताई जा रही है। पासवान रविवार से ही दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट में भर्ती हैं।
राज्यसभा सदस्य व पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह (Amar Singh) का सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। गुर्दारोग (Kidney disease) से पीड़ित अमर सिंह का सिंगापुर में इलाज चल रहा था। आखिरकार शनिवार को जिंदगी की जंग वह हार गए।
हेल्दी बॉडी दिलाने और हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाने में शरीर के अलग-अलग ऑर्गन्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसा ही एक ऑर्गन है किडनी। किडनी की सेहत हमारी ओवरऑल फिजिकल हेल्थ को प्रभावित करती है। इसीलिए, किडनी का ख्याल रखना, बीमारियों से बचने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
पारंपरिक और रोबोट-सहायक किडनी ट्रांसप्लांट में से अधिकांश लोग पारंपरिक सर्जरी के बारे में जानते हैं, जिसमें मूल रूप से 2-4 घंटे की लंबी सर्जरी होती है। इसमें किडनी दान देने वाले व्यक्ति की किडनी को मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है ताकि उसके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। किडनी प्रत्यारोपण का सर्वाधिक आधुनिक रूप रोबोटिक असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट है, जो हमारे देश में कुछ ही आधुनिक चिकित्सा केन्द्रों में उपलब्ध है।
जर्नल रीनल फेल्योर में प्रकाशित इस अध्ययन में ये कहा गया कि प्रोबायोटिक्स डायबिटीज वाले किडनी रोगियों में किडनी के कामकाज को बेहतर बनाती है और इन 5 परेशानियों को कम करती है।
एक नयी स्टडी के अनुसार, पुरुषों की तुलना में कम उम्र और युवा महिलाओं में कोविड 19 के कारण मौत का रिस्क अधिक देखा गया।
क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ स्तर कम करना बेहद जरूरी है। इसके कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ व्यायाम करना भी बेहद जरूरी है।
किडनी फेल होने पर डायलसिस या किडनी ट्रांसप्लांट कराने की जरूरत होती है। डायलसिस सेवाओं में सुधार होने से अब एंड-स्टेज किडनी डिज़ीज़ से ग्रस्त मरीज़ भी कई वर्षों तक इसके साथ जीवित रह पाते हैं।
आयुर्वेद पर हो रहे अनुसंधान मौजूदा दौर में इसकी बढ़ती उपयोगिता पर मुहर लगा रहे हैं। फार्मास्युटिकल बायोलॉजी में प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि आयुर्वेद फॉर्मूले गंभीर गुर्दा रोगों में असरदार हैं।
किडनी से संबंधित रोगों के सामने आने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है लेकिन आप इसके साइलेंट संकेतों को जानकर इस रोग का पता लगा सकते हैं और इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं।
गायिका अनुराधा पौडवाल के बेटे आदित्य पौडवाल का शनिवार की सुबह किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया। वह 35 साल के थे। आदित्य लंबे समय से किडनी से जुड़ी बीमारियों (Kidney disease) से जूझ रहे थे।
दिल और गुर्दे की तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की हालत स्थिर बताई जा रही है। पासवान रविवार से ही दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट में भर्ती हैं।
राज्यसभा सदस्य व पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह (Amar Singh) का सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। गुर्दारोग (Kidney disease) से पीड़ित अमर सिंह का सिंगापुर में इलाज चल रहा था। आखिरकार शनिवार को जिंदगी की जंग वह हार गए।
हेल्दी बॉडी दिलाने और हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाने में शरीर के अलग-अलग ऑर्गन्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसा ही एक ऑर्गन है किडनी। किडनी की सेहत हमारी ओवरऑल फिजिकल हेल्थ को प्रभावित करती है। इसीलिए, किडनी का ख्याल रखना, बीमारियों से बचने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
पारंपरिक और रोबोट-सहायक किडनी ट्रांसप्लांट में से अधिकांश लोग पारंपरिक सर्जरी के बारे में जानते हैं, जिसमें मूल रूप से 2-4 घंटे की लंबी सर्जरी होती है। इसमें किडनी दान देने वाले व्यक्ति की किडनी को मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है ताकि उसके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। किडनी प्रत्यारोपण का सर्वाधिक आधुनिक रूप रोबोटिक असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट है, जो हमारे देश में कुछ ही आधुनिक चिकित्सा केन्द्रों में उपलब्ध है।
समय से पहले जन्मे शिशुओं में आगे चलकर गुर्दे की बीमारी क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) विकसित होने का जोखिम बना रह सकता है, यह बात एक शोध में सामने आई है।
चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ता वायु प्रदूषण भी क्रोनिक किडनी रोगों के बढ़ते जोखिम का एक कारक है।
इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के जनरल सर्जरी, जीआई सर्जरी एवं ट्रांसप्लान्टेशन के सीनियर कन्सलटेन्ट डॉ. (प्रोफेसर) संदीप गुलेरिया (पद्मश्री विजेता) और उनकी टीम ने इस मुश्किल ट्रंसप्लान्ट को सफलतापूर्वक किया।
लगभग 30 से 40 प्रतिशत भारतीय रोगियों में मधुमेह क्रोनिक किडनी डिजीज का प्रमुख कारण है। 2030 तक भारत में मधुमेह के रोगियों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा होने की उम्मीद है।
किडनी फेल्योर होने पर मरीज का जीना दुश्वार हो जाता है और मरीज का जीवन हॉस्पिटल के चक्कर लगाने में ही बीतता है।
अंग्रेजी के एस अक्षर से शुरू होने वाली पांच बातों से किडनी को बचाकर रखने की जरूरत है- सॉल्ट, शुगर, स्ट्रेस, स्मोकिंग और सेडेंटरी लाइफ स्टाइल।
किडनी विफलता के लगभग 30-40 फीसदी मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण सिर्फ इसलिए नहीं हो पाता है, क्योंकि परिवार में समान रक्त समूह का दाता नहीं मिल पाता।