
हार्ट फेलियर क्या होता है? जानें इसके शुरुआती संकेत
Heart Failure: हार्ट फेलियर होने पर हृदय सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता है। इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।

Heart Failure: हार्ट फेलियर होने पर हृदय सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता है। इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।

World Heart Day 2021: आयुर्वेद के अनुसार, अधपचा भोजन शरीर में जहरीले अम्ल का निर्माण करता है, जो कि हृदय संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। अपने हृदय की तंदुरुस्ती के लिए सुपाच्य, नियमित और संतुलित भोजन करें।

आंकड़े बताते हैं कि हार्ट फेल से भारत में सालाना 1.8 मिलियन लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं और दुनिया की 2 से 3 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित होती है। हार्ट अटैक भारत में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है और रोगियों और उनके परिवारों के लिए इसके इलाज के खर्चे को सहन कर पाना मुश्किल हैं। समय पर मौजूदा खतरे वाले कारकों और इसके निदान के महत्व को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ानी होगी।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, 5 में से एक पुरुष और 8 में से एक महिला दिल की बीमारियों के चलते अपनी जान गंवा बैठते हैं। हार्ट फेलियर रक्त वाहिकाओं की धमनी में वसा की परत जमने के कारण होता है। इसके लिए जीवनशैली की आदतें, धूम्रपान, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च-रक्तचाप और डायबिटीज को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जाता है।

हाल ही में एक रिसर्च में यह सामने आया है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनमें भी हार्ट फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करते रहना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, उचित देखभाल के अभाव में अस्पताल से डिस्चार्ज होने के पहले तीन महीनों के भीतर ही हार्ट फेलियर के 45 फीसदी मरीजों की मौत हो गई।

शोध के नतीजों से पता चलता है कि खाना खाने के गलत तरीके को जारी रखने का नतीजा बहुत खराब हो सकता है, खासतौर से दिल के दौरे के बाद।

हार्ट फेलियर की घटनाएं बढ़ रही हैं। मैं एक माह में जितने हार्ट फेलियर के रोगी देखता हूं, उनमें से 20-22 प्रतिशत की यह स्थिति इश्चेमिक हार्ट डिजीज के कारण है। जोखिम के कारकों की बेहतर स्क्रीनिंग और शीघ्र तथा पर्याप्त उपचार से बहुत हद तक इसकी रोकथाम की जा सकती है।

लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (एलवीएडी) एक तरह का मेकैनिकल पंप है, जो कि अंत-करण हृदय की विफलता के कारण हृदय प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे रोगियों में प्रत्यारोपित किया जाता है।

दुनिया भर में कार्डियोवैस्क्यूलर बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है और इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खास तौर पर विकासशील देशों में।

हार्ट स्ट्रोक हो या ब्रेन स्ट्रोक हो दोनों ही बीमारियां जान लेवा हैं। किसी भी प्रकार का स्ट्रोक हो वह इंसान की जान के लिए खतरा है।

यूराेेेपीय देशों के मुकाबले विकासशील देशों में बढ़ रही है इस बीमारी के मरीजों की संख्या।

बैठे-बैठे अकारण पैर हिलाने की आदत को मेडिकल साइंस में आरएलएस कहते हैं।

जीवनशैली में परिवर्तन लाकर और कारणों का उपचार कर रोग को गंभीर होने से रोका जा सकता है बल्कि हृदय को क्षतिग्रस्त होने से भी बचाया जा सकता है।

Heart Failure: हार्ट फेलियर होने पर हृदय सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता है। इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।

World Heart Day 2021: आयुर्वेद के अनुसार, अधपचा भोजन शरीर में जहरीले अम्ल का निर्माण करता है, जो कि हृदय संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। अपने हृदय की तंदुरुस्ती के लिए सुपाच्य, नियमित और संतुलित भोजन करें।

आंकड़े बताते हैं कि हार्ट फेल से भारत में सालाना 1.8 मिलियन लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं और दुनिया की 2 से 3 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित होती है। हार्ट अटैक भारत में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है और रोगियों और उनके परिवारों के लिए इसके इलाज के खर्चे को सहन कर पाना मुश्किल हैं। समय पर मौजूदा खतरे वाले कारकों और इसके निदान के महत्व को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ानी होगी।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, 5 में से एक पुरुष और 8 में से एक महिला दिल की बीमारियों के चलते अपनी जान गंवा बैठते हैं। हार्ट फेलियर रक्त वाहिकाओं की धमनी में वसा की परत जमने के कारण होता है। इसके लिए जीवनशैली की आदतें, धूम्रपान, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च-रक्तचाप और डायबिटीज को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जाता है।

हाल ही में एक रिसर्च में यह सामने आया है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनमें भी हार्ट फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करते रहना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, उचित देखभाल के अभाव में अस्पताल से डिस्चार्ज होने के पहले तीन महीनों के भीतर ही हार्ट फेलियर के 45 फीसदी मरीजों की मौत हो गई।

शोध के नतीजों से पता चलता है कि खाना खाने के गलत तरीके को जारी रखने का नतीजा बहुत खराब हो सकता है, खासतौर से दिल के दौरे के बाद।

हार्ट फेलियर की घटनाएं बढ़ रही हैं। मैं एक माह में जितने हार्ट फेलियर के रोगी देखता हूं, उनमें से 20-22 प्रतिशत की यह स्थिति इश्चेमिक हार्ट डिजीज के कारण है। जोखिम के कारकों की बेहतर स्क्रीनिंग और शीघ्र तथा पर्याप्त उपचार से बहुत हद तक इसकी रोकथाम की जा सकती है।

लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (एलवीएडी) एक तरह का मेकैनिकल पंप है, जो कि अंत-करण हृदय की विफलता के कारण हृदय प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे रोगियों में प्रत्यारोपित किया जाता है।

दुनिया भर में कार्डियोवैस्क्यूलर बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है और इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खास तौर पर विकासशील देशों में।

हार्ट स्ट्रोक हो या ब्रेन स्ट्रोक हो दोनों ही बीमारियां जान लेवा हैं। किसी भी प्रकार का स्ट्रोक हो वह इंसान की जान के लिए खतरा है।

यूराेेेपीय देशों के मुकाबले विकासशील देशों में बढ़ रही है इस बीमारी के मरीजों की संख्या।

बैठे-बैठे अकारण पैर हिलाने की आदत को मेडिकल साइंस में आरएलएस कहते हैं।

जीवनशैली में परिवर्तन लाकर और कारणों का उपचार कर रोग को गंभीर होने से रोका जा सकता है बल्कि हृदय को क्षतिग्रस्त होने से भी बचाया जा सकता है।