
बच्चों में क्यों बढ़ रहा है मोटापा? जानें पेरेंट्स को क्या करना चाहिए
Obesity in Kids: बच्चों में मोटापा एक आम समस्या बन गई है। ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के मोटापे से परेशान हैं। ऐसे में आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

Obesity in Kids: बच्चों में मोटापा एक आम समस्या बन गई है। ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के मोटापे से परेशान हैं। ऐसे में आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

बच्चों का बढ़ता वजन सिर्फ खाने की नहीं, उनके लाइफस्टाइल की भी कहानी कहता है। जानिए एक्सपर्ट की सलाह, जो बचपन को सेहतमंद बना सकती है।

Obesity in kids health hazards: डॉक्टर्स के अनुसार, बच्चों में मोटापे की वजह से डायबिटीज औऱ हार्ट डिजिज जैसी गम्भीर बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।

भारत में लगातार बढ़ रही मोटापे की बीमारी के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ लाइफस्टाइल और डाइट टिप्स शेयर कीं जो लोगों को हेल्दी लाइफ जीने और मोटापे से बचने में मदद कर सकते हैं।

Reasons for Childhood Obesity : बच्चों का बचपन में ही ओबेस हो जाना कोई हंसी ठिठोली का विषय नहीं हैं बल्कि इतनी गंभीर स्थिति है जो आगे चलकर बच्चों में हार्ट अटैक से लेकर अन्य हार्ट संबंधी समस्याओं का रिस्क बढ़ा सकती है।

बच्चों में मोटापे का मुख्य कारण है उनकी ये 5 आदतें, जिसके बारे में आज हम बात करेंगे। चलिए जानते हैं उन अनहेल्दी आदतों के बारे में

Childhood obesity : बच्चों में मोटापे को अगर वक्त पर कंट्रोल न किया जाए तो आगे चलकर ये शरीर में कुछ गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कौन सी बीमारियां आपके बच्चे के बढ़ने वजन के कारण होती हैं।

गर्भवती महिलाओं द्वारा मारिजुआना और नशीली दवाओं के सेवन से गर्भस्थ शिशु हो सकता है मोटापे और डायबिटीज का शिकार।

एक हेल्दी डायट पैटर्न फॉलो करते हैं और थोड़ी कसरत करते हैं तो उनके लिए कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क (cardiovascular disease risks) कम हो सकता है। (Childhood Obesity And Cardiovascular Disease)

बच्चों में मोटापे के कारण कई हेल्थ-प्रॉब्लम्स होती हैं। इसीलिए, अगर आप बच्चों को हेल्दी इटिंग हैबिट्स अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं तो, उन्हें हेल्दी बनाने के साथ बीमारियों से बचाने में भी मदद होगी। मोटापे से बचाने के लिए बच्चों को इन तरीके से मदद करें।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...

बचपन की आदत से आप अपने पूरे जीवन में लाइलाज डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं. एक शोध के अनुसार जो बचपन में शुगर या चीनी का सेवन ज्यादा करते हैं उनमें बड़े होने पर डायबिटीज और मोटापा का खतरा बहुत ज्यादा होता है.

बचपन का बढ़ा हुआ वजन आने वालेे जीवन में भी स्वास्थ्य का प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के रूटीन में शारीरिक श्रम, व्यायाम और वर्कआउट को शामिल किया जाए।

व्यायाम न करने और आलस्यपूर्ण जीवनशैली अपनाने वाले बच्चों में खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है बॉडी मास इंडेक्स। उनकी सेहत को ठीक रखने के लिए व्यायाम जरूरी है।

अर्जुन ने लिखा, "मेरे लिए बचपन से ही मोटापे से जूझना कठिन रहा है। हर किसी का अपना संघर्ष है लेकिन मैं अपने संघर्ष के कारण से लगातार जूझ रहा हूं। जिंदगी का एक उसूल है। गिरो और फिर उठो। मेहनत का फल मिलता है। आज नहीं तो कल या फिर हफ्तों में जरूर मिलता है।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, बचपन का मोटापा (चाइल्डहुड ओबेसिटी) 21वीं सदी की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। यह समस्या वैश्विक है और इसकी व्यापकता खतरनाक दर से बढ़ रही है।

कुपोषण का यह दोहरा बोझ एक ही समुदायों और परिवारों में रहने वाले कमजोर और अधिक वजनी बच्चों में देखने को मिलता है और कभी-कभी यह दोनों ही परेशानियां एक ही बच्चे में देखने को मिलती है।

दुनिया में चीन के बाद भारत में मोटापे से पीड़ित बच्चे सबसे अधिक हैं।

मोटापा किसी व्यक्ति के भूख से संबंधित एक जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, और यह मोटापा के विकास के लिए एक मजबूत आनुवांशिक प्रवृत्ति प्रदान करता है।

ब्लड शुगर मेटाबॉलिक सिंड्रोम के खतरे का कारक होता है।

अगर आपका बच्चा भी टीवी देखते समय खाता रहता है तो उसे ऐसा करने से मना करें!

छोटे बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल पर गेम ना खेलने दें बल्कि उन्हें पार्क में खेलने के लिए भेजें!

क्या आपका चिड़चिड़ा हो गया है? तो संभल जाइए, वह depression का शिकार हो रहा है!

obesity, diabetes और दिल की बीमारियों से बच्चों को बचाने में मददगार हो सकता है यह फैसला।

Obesity in Kids: बच्चों में मोटापा एक आम समस्या बन गई है। ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के मोटापे से परेशान हैं। ऐसे में आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

Obesity in kids health hazards: डॉक्टर्स के अनुसार, बच्चों में मोटापे की वजह से डायबिटीज औऱ हार्ट डिजिज जैसी गम्भीर बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।

भारत में लगातार बढ़ रही मोटापे की बीमारी के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ लाइफस्टाइल और डाइट टिप्स शेयर कीं जो लोगों को हेल्दी लाइफ जीने और मोटापे से बचने में मदद कर सकते हैं।

Reasons for Childhood Obesity : बच्चों का बचपन में ही ओबेस हो जाना कोई हंसी ठिठोली का विषय नहीं हैं बल्कि इतनी गंभीर स्थिति है जो आगे चलकर बच्चों में हार्ट अटैक से लेकर अन्य हार्ट संबंधी समस्याओं का रिस्क बढ़ा सकती है।

गर्भवती महिलाओं द्वारा मारिजुआना और नशीली दवाओं के सेवन से गर्भस्थ शिशु हो सकता है मोटापे और डायबिटीज का शिकार।

एक हेल्दी डायट पैटर्न फॉलो करते हैं और थोड़ी कसरत करते हैं तो उनके लिए कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क (cardiovascular disease risks) कम हो सकता है। (Childhood Obesity And Cardiovascular Disease)

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...

बचपन की आदत से आप अपने पूरे जीवन में लाइलाज डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं. एक शोध के अनुसार जो बचपन में शुगर या चीनी का सेवन ज्यादा करते हैं उनमें बड़े होने पर डायबिटीज और मोटापा का खतरा बहुत ज्यादा होता है.

बचपन का बढ़ा हुआ वजन आने वालेे जीवन में भी स्वास्थ्य का प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के रूटीन में शारीरिक श्रम, व्यायाम और वर्कआउट को शामिल किया जाए।

व्यायाम न करने और आलस्यपूर्ण जीवनशैली अपनाने वाले बच्चों में खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है बॉडी मास इंडेक्स। उनकी सेहत को ठीक रखने के लिए व्यायाम जरूरी है।

अर्जुन ने लिखा, "मेरे लिए बचपन से ही मोटापे से जूझना कठिन रहा है। हर किसी का अपना संघर्ष है लेकिन मैं अपने संघर्ष के कारण से लगातार जूझ रहा हूं। जिंदगी का एक उसूल है। गिरो और फिर उठो। मेहनत का फल मिलता है। आज नहीं तो कल या फिर हफ्तों में जरूर मिलता है।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, बचपन का मोटापा (चाइल्डहुड ओबेसिटी) 21वीं सदी की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। यह समस्या वैश्विक है और इसकी व्यापकता खतरनाक दर से बढ़ रही है।

कुपोषण का यह दोहरा बोझ एक ही समुदायों और परिवारों में रहने वाले कमजोर और अधिक वजनी बच्चों में देखने को मिलता है और कभी-कभी यह दोनों ही परेशानियां एक ही बच्चे में देखने को मिलती है।

दुनिया में चीन के बाद भारत में मोटापे से पीड़ित बच्चे सबसे अधिक हैं।

मोटापा किसी व्यक्ति के भूख से संबंधित एक जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, और यह मोटापा के विकास के लिए एक मजबूत आनुवांशिक प्रवृत्ति प्रदान करता है।

ब्लड शुगर मेटाबॉलिक सिंड्रोम के खतरे का कारक होता है।

क्या आपका चिड़चिड़ा हो गया है? तो संभल जाइए, वह depression का शिकार हो रहा है!

obesity, diabetes और दिल की बीमारियों से बच्चों को बचाने में मददगार हो सकता है यह फैसला।

Childhood obesity : बच्चों में मोटापे को अगर वक्त पर कंट्रोल न किया जाए तो आगे चलकर ये शरीर में कुछ गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कौन सी बीमारियां आपके बच्चे के बढ़ने वजन के कारण होती हैं।

बच्चों में मोटापे के कारण कई हेल्थ-प्रॉब्लम्स होती हैं। इसीलिए, अगर आप बच्चों को हेल्दी इटिंग हैबिट्स अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं तो, उन्हें हेल्दी बनाने के साथ बीमारियों से बचाने में भी मदद होगी। मोटापे से बचाने के लिए बच्चों को इन तरीके से मदद करें।

अगर आपका बच्चा भी टीवी देखते समय खाता रहता है तो उसे ऐसा करने से मना करें!

छोटे बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल पर गेम ना खेलने दें बल्कि उन्हें पार्क में खेलने के लिए भेजें!

बच्चों का बढ़ता वजन सिर्फ खाने की नहीं, उनके लाइफस्टाइल की भी कहानी कहता है। जानिए एक्सपर्ट की सलाह, जो बचपन को सेहतमंद बना सकती है।

बच्चों में मोटापे का मुख्य कारण है उनकी ये 5 आदतें, जिसके बारे में आज हम बात करेंगे। चलिए जानते हैं उन अनहेल्दी आदतों के बारे में