
ऑस्ट्रेलिया में तेजी से कम हो रही है फर्टिलिटी रेट,हर साल पैदा होते हैं बहुत कम बच्चे
एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में साल-दर-साल बच्चों के जन्म की दर कम हो रही है।

एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में साल-दर-साल बच्चों के जन्म की दर कम हो रही है।

इस शोध के अनुसार, प्रेगनेंट महिलाओं पर वायु प्रदूषण का बुरा असर तो पड़ता ही है साथ ही उनके अजन्मे बच्चे पर इसके दुष्परिणामों के कारण जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है।

अगर आपको एक बच्चा है और आप दूसरा बच्चा पैदा करना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि दोनों के बीच में कितना गैप होना चाहिए ताकि आप दोनों की सही से परवरिश कर सकें।

इस आत्महत्या के दौरान ही इस महिला का प्रसव हुआ और ये नवजात बच्चा नाल से मां के पैरों के बीच लटकता रहा।

यूनीसेफ की मदद से बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण की कमी को किया गया दूर।

वर्तमान में डब्ल्यूएचओ बच्चे के जन्म के बाद अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए पहली पसंद के तौर पर ऑक्सीटोसिन की सिफारिश करता है।

श्रेयस तलपदे के घर एक नन्हीं परी आयी है।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक सिजेरियन डिलिवरी में बढ़ोतरी की वजह है पैसा।

दिल्ली में ऑपरेशन के जरिए पैदा होने वालों बच्चों का प्रतिशत 23.7 है।

इस वायरल वीडियो को देखकर आप रह जायेंगे दंग

एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में साल-दर-साल बच्चों के जन्म की दर कम हो रही है।

इस शोध के अनुसार, प्रेगनेंट महिलाओं पर वायु प्रदूषण का बुरा असर तो पड़ता ही है साथ ही उनके अजन्मे बच्चे पर इसके दुष्परिणामों के कारण जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है।

अगर आपको एक बच्चा है और आप दूसरा बच्चा पैदा करना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि दोनों के बीच में कितना गैप होना चाहिए ताकि आप दोनों की सही से परवरिश कर सकें।

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यूनीसेफ की मदद से बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण की कमी को किया गया दूर।

वर्तमान में डब्ल्यूएचओ बच्चे के जन्म के बाद अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए पहली पसंद के तौर पर ऑक्सीटोसिन की सिफारिश करता है।

श्रेयस तलपदे के घर एक नन्हीं परी आयी है।

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दिल्ली में ऑपरेशन के जरिए पैदा होने वालों बच्चों का प्रतिशत 23.7 है।

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