नहीं रहे मनोहर पर्रिकर, जानिए क्यों मुश्किल माना जाता है पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज
अपनी सादगी के लिए जाना जाने वाला यह नेता पैंक्रियाटिक कैंसर से जंग हार गया । पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्नाशय का कैंसर सबसे जटिल बीमारियों में गिना जाता है।
अपनी सादगी के लिए जाना जाने वाला यह नेता पैंक्रियाटिक कैंसर से जंग हार गया । पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्नाशय का कैंसर सबसे जटिल बीमारियों में गिना जाता है।
पर्रिकर को रक्तस्राव की वजह से बीते महीने गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उन्हें रविवार को स्वास्थ्य जांच के लिए राज्य के शीर्ष सरकारी अस्पताल में ले जाया गया और उसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री यात्रा के बाद थक गए हैं। उनके निजी आवास में प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक का पुनर्निधारण किया जा सकता है।"
पर्रिकर को न्यूयॉर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पर्रिकर के महत्वपूर्ण सहयोगी नाडकर्णी ने कहा, "मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य ठीक है। उनका उपचार हो रहा है और उनमें तेजी से सुधार हो रहा है।"
अपनी सादगी के लिए जाना जाने वाला यह नेता पैंक्रियाटिक कैंसर से जंग हार गया । पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्नाशय का कैंसर सबसे जटिल बीमारियों में गिना जाता है।
पर्रिकर को रक्तस्राव की वजह से बीते महीने गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उन्हें रविवार को स्वास्थ्य जांच के लिए राज्य के शीर्ष सरकारी अस्पताल में ले जाया गया और उसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री यात्रा के बाद थक गए हैं। उनके निजी आवास में प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक का पुनर्निधारण किया जा सकता है।"
पर्रिकर को न्यूयॉर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पर्रिकर के महत्वपूर्ण सहयोगी नाडकर्णी ने कहा, "मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य ठीक है। उनका उपचार हो रहा है और उनमें तेजी से सुधार हो रहा है।"