सर्वाइकल कैंसर: एकमात्र कैंसर जिसे वैक्सीन की मदद से रोका जा सकता है!
डब्ल्यूएचओ का लक्ष्य 15 वर्ष की उम्र तक 90 फीसदी महिलाओं का एचपीवी वैक्सीन के साथ पूर्ण टीकाकरण करना है।
डब्ल्यूएचओ का लक्ष्य 15 वर्ष की उम्र तक 90 फीसदी महिलाओं का एचपीवी वैक्सीन के साथ पूर्ण टीकाकरण करना है।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान स्थित जैवप्रौद्योगिकी स्कूल में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समरेन्द्र सिंह ने यह महत्वपूर्ण अध्ययन किया है। इसमें बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
यूं तो सर्वाइकल कैंसर से बचाव 100 फीसदी है लेकिन उसके लिए समय पर सर्वाइकल कैंसर का पता, टीकाकरण और स्क्रीनिंग बहुत ही जरूरी है।
इस लेख में पढ़ें सर्वाइकल कैंसर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और कॉमन सवालों के जवाब और महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव और उपचार से जुड़ी उपयोगी जानकारियां।
Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है, जिसकी समय पर पहचान कर इससे बच सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दुनिया भर में वर्ष 2018 में 60,078 मौतें और 96,922 नए मामले सर्वाइकल कैंसर के सामने आए थे। महिलाओं में होने वाले इस गंभारी कैंसर के जानें 10 संकेत और लक्षण....
गर्भाश्य के मुख्य द्वार को सर्विक्स कहा जाता है। सर्विक्स में सेल्स की अनियमित वृद्धि को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर सर्विक्स में हृयूमन पेपीलोमा वायरस एच पी वी के कारण होता है। आज पूरी दुनिया में 10 में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है। जानें किन गलतियों के कारण बढ़ता है कैंसर का खतरा।
आमतौर पर ह्यूमन पैपीलोमा वायरस की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है। सेक्सुअल ऐक्ट्स के ज़रिए इस वायरस का प्रसार होता है। इसीलिए सुरक्षित यौन सम्बद्ध से सर्वाइकल बनाना आवश्यक है। आंकड़ों के मुताबिक, 6-7 प्रतिशत महिलाओं को किसी भी उम्र में सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। हालांकि, अधिकांश मामलों में एचपीवी इंफेक्शन खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन, कुछ केसेस में यह कैंसर की वजह बन सकता है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (Cervical Spondylosis) से आज के समय में बहुत से लोग परेशान हैं और वे जल्द ही इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं। ऐसे में ये 4 योगासन आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर आज हम आपको महिलाओं में होने वाले कुछ कैंसर (Cancer in Women) के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी मां का इन जानलेवा कैंसर से बचाव कर सकें। आइए बात करते हैं महिलाओं (Cancer in Women) में होने वाले तीन जानलेवा कैंसर के बारे में-
आज भी अधिकतर महिलाएं सरवाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक नहीं हैं। महिलाओं को इन जानलेवा बीमारियों के बारे में जागरूक बनाना समय की मांग है, क्योंकि समय पर निदान द्वारा मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कैंसर से कई अनावश्यक मौतें सिर्फ इसलिए हो जाती हैं, क्योंकि लोगों को लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं होती। ऐसे में मरीजों की जांच सबसे जरूरी होती है। जानें, महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के खतरे, लक्षण, कारण...
एक अनुमान के मुताबिक हर आठ मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर के कारण मर रही है। पर घबराने की जरूरत नहीं है। सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए वैक्सीन (Cervical cancer vaccine) उपलब्ध है।
महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में होने वाले 5 तरह के कैंसरों को गायनेकोलॉजिकल कैंसर के नाम से जाना जाता है। इसमें ओवेरियन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय कैंसर, योनी कैंसर और वल्वर कैंसर शामिल हैं। जानें, क्या है गायनेकोलॉजिकल कैंसर के अंतर्गत आने वाले ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, कारण।
सरवाईकल कैंसर यौन संचारी संक्रमण है, जो विशेष प्रकार के एचपीवी से होता है। सरवाईकल कैंसर और प्रीकैंसेरियस घाव के 70 फीसदी मामलों का कारण दो प्रकार के एचपीवी (16 और 18) होते हैं।
सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले यौन संक्रमित संक्रमण से जुड़े हैं, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होते हैं।
दुनिया भर में कम से कम 10 करोड़ महिलाएं हर दिन हॉर्मोनल गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल कर रही हैं।
ज्यादातर एक्सपर्ट्स यही मानते हैं कि लाइफ स्टाइल और खान-पान की वजह कैंसर की बीमारी होती है।
एक अनुमान के मुताबिक हर आठ मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर के कारण मर रही है। पर घबराने की जरूरत नहीं है। सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए वैक्सीन (Cervical cancer vaccine) उपलब्ध है।
महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में होने वाले 5 तरह के कैंसरों को गायनेकोलॉजिकल कैंसर के नाम से जाना जाता है। इसमें ओवेरियन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय कैंसर, योनी कैंसर और वल्वर कैंसर शामिल हैं। जानें, क्या है गायनेकोलॉजिकल कैंसर के अंतर्गत आने वाले ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, कारण।
सरवाईकल कैंसर यौन संचारी संक्रमण है, जो विशेष प्रकार के एचपीवी से होता है। सरवाईकल कैंसर और प्रीकैंसेरियस घाव के 70 फीसदी मामलों का कारण दो प्रकार के एचपीवी (16 और 18) होते हैं।
सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले यौन संक्रमित संक्रमण से जुड़े हैं, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होते हैं।
दुनिया भर में कम से कम 10 करोड़ महिलाएं हर दिन हॉर्मोनल गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल कर रही हैं।
विश्व भर में सर्वाइकल कैंसर की वजह से होने वाली मौतों में से एक तिहाई भारत में होती हैं।
विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है।
cervical cancer का पता लगाने के लिए किया जाता है smear tests .