Poonam Pandey Death: Cervical Cancer के कारण हुई पूनम पांडे की मौत!
बताया जा रहा है कि गुरुवार की शाम को पूनम पांडे का निधन हो गया है। शुक्रवार को पूनम पांडे के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक स्टेटमेंट जारी किया गया है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार की शाम को पूनम पांडे का निधन हो गया है। शुक्रवार को पूनम पांडे के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक स्टेटमेंट जारी किया गया है।
Cervical Cancer Awareness: देखिये ये वीडियो जिसमे हमारे एक्सपर्ट दे रहे है सर्वाइकल कैंसर से जुडी अन्य जानकारी !
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को पहचानें और जांच करवाएं। हर आठ मिनट में यह कैंसर एक महिला की जान ले रहा है।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के शरीर में होने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जो एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जानें सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में
डॉ. महेश सुलक्षणे बता रहे हैं कि भारत में एचपीवी वैक्सीन्स कितनी कारगर हैं और क्यों कम उम्र में ही लड़कियों को एचपीवी की वैक्सीन लेनी चाहिए।
इंडियन हेल्थ मिनिस्ट्री की यह कोशिश है कि जून में 9 से 14 साल तक की लड़कियों को नेशनल वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत एचपीवी की वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया जाए, ताकि सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सके.
सर्वाइकल कैंसर पूरी दुनिया के लिए आज ज्यादा चिंता का विषय इस लिए बना हुआ है कि इसके प्रति जागरुकता कम है, और खासकर महिलाएं इसकी गिरफ्त में आकर अपनी जान गंवा बैठती हैं। सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के मौके पर जानते हैं कि क्या है इस बीमारी के कारण, बचाव और उपचार।
Cervical cancer symptoms: भारत में सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौत का खतरा लगातार बढ़ जा रहा है। इस लेख में जानें गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर से जुड़े कुछ संकेतों के बारे में जिन्हें भूलकर भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
एक्सपर्ट के अनुसार जानलेवा होने के बावजूद सर्वाइकल कैंसर का इलाज और रोकथाम संभव है।
आपको बताते हैं कि 18 से 30 साल के बीच में दिखाई देने वाले सर्वाइकल कैंसर के ऐसे लक्षणों के बारे में, जिसे हर महिला बड़ी आसानी से पता लगा सकती है। आइए जानते हैं कौन से हैं ये लक्षण।
cervical cancer prevention : इस प्रकार के कैंसर में सर्विक्स की कोशिकाएं प्रभावित होती है, जो कैंसर का कारण बनती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 बातें, जो हर एक महिला को पता होनी चाहिए।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन (क्यूएचपीवी) लॉन्च किया गया।
सर्वाइकल कैंसर का टीका: आज भारत का पहला सर्वाइकल कैंसर का टीका लॉन्च होने जा रहा है। इस टीके को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के जरिए हर महिला तक पहुंचाने की कोशिश रहेगी।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अडार पूनावाला ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पूनावाला का कहना है कि ये वैक्सीन किफायती होने के साथ-साथ कारगर भी सिद्ध होगी।
महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट क्यों कराना चाहिए और पैप स्मीयर टेस्ट की पूरी प्रक्रिया क्या है। पढ़ें यहां विस्तार से।
Cervix cancer vaccine: महाराष्ट्र के पुणे में स्थित दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) इस साल के अंत (नवंबर 2022) तक सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन लॉन्च करने की उम्मीद कर रही है।
एक नयी स्टडी में यह पाया गया है कि एक सिंगल-डोज वाली ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) शॉट 2-खुराक वाली वैक्सीन के बराबर असरदार है और एचपीवी से सुरक्षा प्रदान करता है।
सर्वाइकल कैंसर से लड़कियों को बचाने के लिए डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की एक मेडिकल टीम ने वैक्सीनेशन करने का यह काम किया।
सर्वाइकल कैंसर का टीका: आज भारत का पहला सर्वाइकल कैंसर का टीका लॉन्च होने जा रहा है। इस टीके को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के जरिए हर महिला तक पहुंचाने की कोशिश रहेगी।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अडार पूनावाला ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पूनावाला का कहना है कि ये वैक्सीन किफायती होने के साथ-साथ कारगर भी सिद्ध होगी।
महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट क्यों कराना चाहिए और पैप स्मीयर टेस्ट की पूरी प्रक्रिया क्या है। पढ़ें यहां विस्तार से।
Cervix cancer vaccine: महाराष्ट्र के पुणे में स्थित दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) इस साल के अंत (नवंबर 2022) तक सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन लॉन्च करने की उम्मीद कर रही है।
एक नयी स्टडी में यह पाया गया है कि एक सिंगल-डोज वाली ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) शॉट 2-खुराक वाली वैक्सीन के बराबर असरदार है और एचपीवी से सुरक्षा प्रदान करता है।
सर्वाइकल कैंसर से लड़कियों को बचाने के लिए डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की एक मेडिकल टीम ने वैक्सीनेशन करने का यह काम किया।
डब्ल्यूएचओ का लक्ष्य 15 वर्ष की उम्र तक 90 फीसदी महिलाओं का एचपीवी वैक्सीन के साथ पूर्ण टीकाकरण करना है।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान स्थित जैवप्रौद्योगिकी स्कूल में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समरेन्द्र सिंह ने यह महत्वपूर्ण अध्ययन किया है। इसमें बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
यूं तो सर्वाइकल कैंसर से बचाव 100 फीसदी है लेकिन उसके लिए समय पर सर्वाइकल कैंसर का पता, टीकाकरण और स्क्रीनिंग बहुत ही जरूरी है।
इस लेख में पढ़ें सर्वाइकल कैंसर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और कॉमन सवालों के जवाब और महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव और उपचार से जुड़ी उपयोगी जानकारियां।
Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है, जिसकी समय पर पहचान कर इससे बच सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दुनिया भर में वर्ष 2018 में 60,078 मौतें और 96,922 नए मामले सर्वाइकल कैंसर के सामने आए थे। महिलाओं में होने वाले इस गंभारी कैंसर के जानें 10 संकेत और लक्षण....
गर्भाश्य के मुख्य द्वार को सर्विक्स कहा जाता है। सर्विक्स में सेल्स की अनियमित वृद्धि को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर सर्विक्स में हृयूमन पेपीलोमा वायरस एच पी वी के कारण होता है। आज पूरी दुनिया में 10 में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है। जानें किन गलतियों के कारण बढ़ता है कैंसर का खतरा।
आमतौर पर ह्यूमन पैपीलोमा वायरस की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है। सेक्सुअल ऐक्ट्स के ज़रिए इस वायरस का प्रसार होता है। इसीलिए सुरक्षित यौन सम्बद्ध से सर्वाइकल बनाना आवश्यक है। आंकड़ों के मुताबिक, 6-7 प्रतिशत महिलाओं को किसी भी उम्र में सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। हालांकि, अधिकांश मामलों में एचपीवी इंफेक्शन खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन, कुछ केसेस में यह कैंसर की वजह बन सकता है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (Cervical Spondylosis) से आज के समय में बहुत से लोग परेशान हैं और वे जल्द ही इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं। ऐसे में ये 4 योगासन आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर आज हम आपको महिलाओं में होने वाले कुछ कैंसर (Cancer in Women) के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी मां का इन जानलेवा कैंसर से बचाव कर सकें। आइए बात करते हैं महिलाओं (Cancer in Women) में होने वाले तीन जानलेवा कैंसर के बारे में-
आज भी अधिकतर महिलाएं सरवाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक नहीं हैं। महिलाओं को इन जानलेवा बीमारियों के बारे में जागरूक बनाना समय की मांग है, क्योंकि समय पर निदान द्वारा मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कैंसर से कई अनावश्यक मौतें सिर्फ इसलिए हो जाती हैं, क्योंकि लोगों को लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं होती। ऐसे में मरीजों की जांच सबसे जरूरी होती है। जानें, महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के खतरे, लक्षण, कारण...