तेजी से बढ़ता वजन बन सकता है इन कैंसर का कारण, बचाव है जरूरी: रिसर्च
मोटापा कई रोगों का कारण बनता है। इसमें कैंसर भी एक है, जो बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
मोटापा कई रोगों का कारण बनता है। इसमें कैंसर भी एक है, जो बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
दुनियाभर में कई लोग ऐसे हैं, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक शांति को भी भंग करता है। यह कई बीमारियों का कारण भी बनता है।
What is Skinny Fat : स्किनी फैट नॉर्मल फैट से अलग होता है। ऐसे व्यक्ति दिखने में दुबले-पतले होते हैं, लेकिन इनके पेट के आसपास की चर्बी ज्यादा होती है। आइए जानते हैं इसके बारे में-
एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day) के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कोला, कॉफी और जूस से मिलने वाली कैलोरी कैसे मोटापे का कारण बनती है।
हर कोई हेल्दी तेल की तलाश में है, लेकिन सही चॉइस करना इतना आसान नहीं। कुछ तेल दिल के लिए अच्छे हैं, तो कुछ देसी कुकिंग के लिए परफेक्ट।
क्या मोटापे के खिलाफ देशभर में एक नया मूवमेंट शुरू हो चुका है? और इसमें बड़ी हस्तियों की क्या भूमिका है? पीएम मोदी के इस कदम से क्या बदलने वाला है?
भारत में लगातार बढ़ रही मोटापे की बीमारी के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ लाइफस्टाइल और डाइट टिप्स शेयर कीं जो लोगों को हेल्दी लाइफ जीने और मोटापे से बचने में मदद कर सकते हैं।
Motapa badhane wali aadat: कुछ लोग हेल्दी डाइट लेने औौर एक्टिव रहने के बाद मोटापे से बच नहीं पाते। दरअसल, इसका कारण उनकी कुछ आदतें हो सकती हैं जो डिनर के बाद वे फॉलो करते हैं।
अक्सर लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं और इस दौरान उन्हें पता नहीं होता वो कितना खा रहे हैं। जो वजन बढ़ने का कारण बनता है।
अचानक वजन बढ़ने के कारण: कई बार हम सुबह उठते हैं और पाते हैं कि वजन बढ़ा हुआ है। ऐसे में इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
National Nutrition Week 2022: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की स्थापना के पीछे मुख्य विचार लोगों को पोषण के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
Obesity Side Effects: कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज अगर वक्त रहते ना मिले तो वो जानलेवा साबित हो सकती हैं। मोटापा भी ऐसी बीमारी है जिसका समय रहते इलाज ना किया जाए तो ये जानलेवा बन जाती है। मोटापे के कारण कई बार दिल से जुड़ी समस्या भी हो सकती हैं। .
केवल ओवरइटिंग या अनहेल्दी डायट ही वजन बढ़ने का इकलौता कारण नहीं है। जबकि, कई अन्य कारणों से भी वजन बढ़ सकता है।(Unknown Causes Of Obesity)
How to Lose Weight After 40: अगर आपकी उम्र 40 साल से अधिक है और आप वजन करने का प्रयास करना चाहते हैं तो यहां बताई गई बातों को फॉलो करें।
कोरोनावायरस से सिर्फ एडल्ट ही नहीं बल्कि बच्चे भी प्रभावित (Pandemic effect on children) हुए हैं। एक्सपर्ट के अनुसार कोविड-19 के चलते बच्चों में ओबेसिटी (Obesity in children) और मोटापे की समस्या करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि मोटापा केवल अधिक खाने से या फिर एक्सरसाइज की कमी के कारण नहीं होता। इसके पीछे आनुवांशिकी, पर्यावरण और व्यवहार समेत कई कारण होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे अकेले लड़ना कठिन है। इसे एक चिकित्सा विशेषज्ञ की मदद से प्रबंधित करने की जरूरत है।
आज पूरा विश्व 'वर्ल्ड ओबेसिटी डे 2021' सेलिब्रेट कर रहा है। पूरी दुनिया में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटापे के कारण कई अन्य रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, क्या है मोटापा और इसके खतरे....
Weight Loss Drinks: इस लेख में हम आपको एक सरल गुड़ और नींबू काढ़े के बारे में बताएंगे जो आपके पेट की चर्बी को कम करने और वजन को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेगा।
26 नवंबर को हर साल एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day 2020) मनाया जाता है। आज इस मौके पर हम आपको वजन नियंत्रित करने के कुछ उपाय बता रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
अटलांटा के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस का ज्यादा सिर्फ मोटे लोगों को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी है जिनका वजन महज कुछ किलो ही ज्यादा है। चौथे सार्वजनिक परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान द्वारा जारी की गई चेतावनी में भारतीयों को कोराना का खतरा बताया है क्योंकि यहां लगभग 40% लोग ओबेसिटी और ओवरवेट के शिकार हैं।
हरी मिर्च में कैप्साइसिन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो इसके खाने के स्वाद को तीखा करता है, इसके साथ ही यह कई रोगों से आपको बचाता है। खासतौर पर वजन को कंट्रोल करने के लिए हरी मिर्च रामबाण है। वहीं, डायबिटीज रोगियों के लिए भी यह बहुत ही फायदे हैं।
मोटापा या ओबिसिटी अधिकतर बीमारियों की जड़ है। मोटापे से पीड़ित लोगों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती हैं, जिसमें मस्तिष्क, रक्त वाहिकाएं (blood vessels), हार्ट, लिवर, पित्ताशय (gallbladder), हड्डियां और जोड़ शामिल हैं। जानिए, मोटापा से होने वाले साइड एफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं....
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...
मियामी विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि जो लोग मोटे होते हैं, उनमें एजिंग की रफ्तार एक दशक तक तेज हो जाती है। उनमें अल्जाइमर्स का जोखिम भी बढ़ जाता है।
मोटापा कई रोगों का कारण बनता है। इसमें कैंसर भी एक है, जो बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
दुनियाभर में कई लोग ऐसे हैं, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक शांति को भी भंग करता है। यह कई बीमारियों का कारण भी बनता है।
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Motapa badhane wali aadat: कुछ लोग हेल्दी डाइट लेने औौर एक्टिव रहने के बाद मोटापे से बच नहीं पाते। दरअसल, इसका कारण उनकी कुछ आदतें हो सकती हैं जो डिनर के बाद वे फॉलो करते हैं।
National Nutrition Week 2022: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की स्थापना के पीछे मुख्य विचार लोगों को पोषण के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
कोरोनावायरस से सिर्फ एडल्ट ही नहीं बल्कि बच्चे भी प्रभावित (Pandemic effect on children) हुए हैं। एक्सपर्ट के अनुसार कोविड-19 के चलते बच्चों में ओबेसिटी (Obesity in children) और मोटापे की समस्या करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि मोटापा केवल अधिक खाने से या फिर एक्सरसाइज की कमी के कारण नहीं होता। इसके पीछे आनुवांशिकी, पर्यावरण और व्यवहार समेत कई कारण होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे अकेले लड़ना कठिन है। इसे एक चिकित्सा विशेषज्ञ की मदद से प्रबंधित करने की जरूरत है।
आज पूरा विश्व 'वर्ल्ड ओबेसिटी डे 2021' सेलिब्रेट कर रहा है। पूरी दुनिया में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटापे के कारण कई अन्य रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, क्या है मोटापा और इसके खतरे....
Weight Loss Drinks: इस लेख में हम आपको एक सरल गुड़ और नींबू काढ़े के बारे में बताएंगे जो आपके पेट की चर्बी को कम करने और वजन को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेगा।
26 नवंबर को हर साल एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day 2020) मनाया जाता है। आज इस मौके पर हम आपको वजन नियंत्रित करने के कुछ उपाय बता रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
अटलांटा के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस का ज्यादा सिर्फ मोटे लोगों को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी है जिनका वजन महज कुछ किलो ही ज्यादा है। चौथे सार्वजनिक परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान द्वारा जारी की गई चेतावनी में भारतीयों को कोराना का खतरा बताया है क्योंकि यहां लगभग 40% लोग ओबेसिटी और ओवरवेट के शिकार हैं।
हरी मिर्च में कैप्साइसिन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो इसके खाने के स्वाद को तीखा करता है, इसके साथ ही यह कई रोगों से आपको बचाता है। खासतौर पर वजन को कंट्रोल करने के लिए हरी मिर्च रामबाण है। वहीं, डायबिटीज रोगियों के लिए भी यह बहुत ही फायदे हैं।
मोटापा या ओबिसिटी अधिकतर बीमारियों की जड़ है। मोटापे से पीड़ित लोगों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती हैं, जिसमें मस्तिष्क, रक्त वाहिकाएं (blood vessels), हार्ट, लिवर, पित्ताशय (gallbladder), हड्डियां और जोड़ शामिल हैं। जानिए, मोटापा से होने वाले साइड एफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं....
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...
मियामी विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि जो लोग मोटे होते हैं, उनमें एजिंग की रफ्तार एक दशक तक तेज हो जाती है। उनमें अल्जाइमर्स का जोखिम भी बढ़ जाता है।
बदलती जीवनशैली और खानपान ने बच्चों को मोटापा का शिकार बना दिया है। ज्यादातर शहरी बच्चे मोटापा का शिकार हो रहे हैं। मोटापा के शिकार बच्चें बहुत कम उम्र में ही डायबिटीज जैसी बीमारी का शिकार भी हो रहे हैं।
ज्यादार लोगों ने आजकल यह रूटीन बना लिया है कि वे प्राइम टाइम पर खबरें या अपना पसंदीदा कार्यक्रम देखते हुए ही खाना खाते हैं, पर सेहत के लिहाज से यह एक खराब आदत है।
ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाता है, जिसके कारण उसका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति मोटा है, तो उसे मोटापे के कारण भी डिप्रेशन हो सकता है!
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को स्वास्थ्य के 10 मुख्य जोखिमों में से एक बताया है। यह स्थिति शहरी भारत की महिलाओं में आम है। 23 फीसदी से अधिक महिलाएं या तो ओबेसिटी की शिकार हैं या उनका वजन सामान्य से कम है।
भारत में मोटापे की समस्या आज चीन और अमेरिका के आंकड़ों को भी पार कर चुकी है। मोटापे के सबसे मुख्य कारण हैं खाने-पीने की गलत आदतें, गतिहीन जीवनशैली, नींद की कमी और तनाव आदि।
विभिन्न शोधों में यह बात कई बार सामने आ चुकी है कि बाहर के खाने में मौजूद ट्रांस फैट और सोडियम की ज्यादा मात्रा नींद को बाधित कर कई तरह की शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकती है।
आप भी जरूर जानना चाहेंगे कि साल भर लोग सबसे ज्यादा किस बीमारी से परेशान रहे। असल में यह बीमारी ऐसी है कि जिससे हम परेशान तो रहे पर इसका निदान करने की बजाए हम इसमें इजाफा ही करते रहे।
अचानक वजन बढ़ने के कारण: कई बार हम सुबह उठते हैं और पाते हैं कि वजन बढ़ा हुआ है। ऐसे में इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
केवल ओवरइटिंग या अनहेल्दी डायट ही वजन बढ़ने का इकलौता कारण नहीं है। जबकि, कई अन्य कारणों से भी वजन बढ़ सकता है।(Unknown Causes Of Obesity)
How to Lose Weight After 40: अगर आपकी उम्र 40 साल से अधिक है और आप वजन करने का प्रयास करना चाहते हैं तो यहां बताई गई बातों को फॉलो करें।
मां बनने में भी बाधा बन सकता है हार्मोनल असंतुलन, समझें इसके बारे में
हर कोई हेल्दी तेल की तलाश में है, लेकिन सही चॉइस करना इतना आसान नहीं। कुछ तेल दिल के लिए अच्छे हैं, तो कुछ देसी कुकिंग के लिए परफेक्ट।
क्या मोटापे के खिलाफ देशभर में एक नया मूवमेंट शुरू हो चुका है? और इसमें बड़ी हस्तियों की क्या भूमिका है? पीएम मोदी के इस कदम से क्या बदलने वाला है?
अक्सर लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं और इस दौरान उन्हें पता नहीं होता वो कितना खा रहे हैं। जो वजन बढ़ने का कारण बनता है।
Obesity Side Effects: कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज अगर वक्त रहते ना मिले तो वो जानलेवा साबित हो सकती हैं। मोटापा भी ऐसी बीमारी है जिसका समय रहते इलाज ना किया जाए तो ये जानलेवा बन जाती है। मोटापे के कारण कई बार दिल से जुड़ी समस्या भी हो सकती हैं। .