20 से 25 मिनट में हो जाता है मोतियाबिंद का ऑपरेशन, डॉक्टर से समझें लेजर सर्जरी का पूरा प्रोसेस
आज के समय टेक्नॉलोजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन बहुत ही आसानी से और कम समय में किया जा सकता है।
आज के समय टेक्नॉलोजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन बहुत ही आसानी से और कम समय में किया जा सकता है।
Best Season for Cataract motiyabind operation: आपको मोतियाबिंद है और आप इसके ऑपरेशन के लिए सही मौसम की तलाश कर रहे हैं, तो हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
आमतौर पर मोतियाबिंद बढ़ती हुई उम्र की वजह से होता है। जिससे नजरें कमजोर हो सकती हैं। हमारी आंखों के अंदर एक नेचुरल लेंस मौजूद होता है। जब यह लेंस धूमिल होने लगता है, तब मोतियाबिंद विकसित होता है।
राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि, " राष्ट्रपति की सर्जरी सफल रही है और उन्हें अब अस्पताल से घर जाने के लिए छुट्टी दे दी गयी है।" (Ram Nath Kovind undergoes cataract surgery)
छिंदवाड़ा के जिला चिकित्सालय में 25 सितंबर को चार मरीजों की आंखों के ऑपरेशन हुए थे। मरीज दो दिन बाद अपने घर चले गए, मगर मगंलवार को उन्हें दिखाई देना बंद हो गया। मरीजों ने अस्पताल आकर अपनी समस्या बताई, मगर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया है कि आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन (Indore cataract operation) के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है।
भारत के महान नेत्र चिकित्सक गोविंदप्पा वेंकटस्वामी की जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर किया याद।
आज के समय टेक्नॉलोजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन बहुत ही आसानी से और कम समय में किया जा सकता है।
Best Season for Cataract motiyabind operation: आपको मोतियाबिंद है और आप इसके ऑपरेशन के लिए सही मौसम की तलाश कर रहे हैं, तो हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
आमतौर पर मोतियाबिंद बढ़ती हुई उम्र की वजह से होता है। जिससे नजरें कमजोर हो सकती हैं। हमारी आंखों के अंदर एक नेचुरल लेंस मौजूद होता है। जब यह लेंस धूमिल होने लगता है, तब मोतियाबिंद विकसित होता है।
राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि, " राष्ट्रपति की सर्जरी सफल रही है और उन्हें अब अस्पताल से घर जाने के लिए छुट्टी दे दी गयी है।" (Ram Nath Kovind undergoes cataract surgery)
छिंदवाड़ा के जिला चिकित्सालय में 25 सितंबर को चार मरीजों की आंखों के ऑपरेशन हुए थे। मरीज दो दिन बाद अपने घर चले गए, मगर मगंलवार को उन्हें दिखाई देना बंद हो गया। मरीजों ने अस्पताल आकर अपनी समस्या बताई, मगर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया है कि आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन (Indore cataract operation) के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है।
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