हार्ट अटैक के बाद तेज रिकवरी के लिए फॉलो करें ऐसी डाइट, इन बातों का भी रखें ध्यान
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
आज के समय में युवाओं में भी हृदय रोगों की समस्या बढ़ती जा रही है, हालांकि कार्डियोलॉजिस्ट मानते हैं कि, जीवनशैली में परिवर्तन लाकर आप हृदय रोगों से बचाव कर सकते हैं।
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों के मुकाबले थोड़े अलग होते हैं। यहां तक की महिलाओं में हार्ट अटैक आने पर छाती में दर्द होने की संभावना भी कम होती है। महिलाओं में हार्ट अटैक के संबंध में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संतोष कुमार डोरा।
हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट (Heart Attack, Heart Failure And Cardiac Arrest) के बीच अंतर को स्पष्ठ किया है, मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार डोरा ने।
डॉ. तिलक सुवर्णा, (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट-मुंबई) के अनुसार, भारत में होने वाली मौतों में हृदय से जुड़ी बीमारियां सबसे प्रमुख कारण हैं, और प्रत्येक मौतों का लगभग 30% मौतों का कारण हृदय रोग ही है। भारत में सामान्य तौर पर पाई जाने वाली पांच हृदय की बीमारियां इस प्रकार हैं:
World Heart Day 2021: एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में रहने वाली करीब 50 प्रतिशत महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक है। यह उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां (सीवीडी) होने का खतरा बढ़ाता है।
लॉकडाउन में गतिहीन जीवनशैली के कारण डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले बढ़े हैं। साथ ही धूम्रपान और तनाव के कारण कार्डियोवैस्कुलर रोगों के होने की संभावना भी बढ़ गई है।
इस लेख में हम आपको बिनी सर्जरी के कोरोनरी धमनियों में रुकावट या हार्ट ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Treatment For Artery Blockage) के बारे में बता रहे हैं।
Mustard Oil Benefits for Heart: सरसों के तेल में ट्रांस फैट नहीं होता है। ट्रांस फैट का ज्यादा सेवन करने से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो बहुत ही हानिकारक होता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए खानपान हेल्दी होना चाहिए। कुछ लोग अनजाने में ही ऐसे फूड्स का सेवन नियमित रूप से करते हैं, जो उनके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए, कुछ ऐसे ही अनहेल्दी फूड्स के बारे में यहां...
Diet TIps For Heart Patient: एशियन हार्ट इस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार डोरा ने हृदय रोगियों के लिए बेस्ट डाएट और कुकिंग टिप्स के बारे में बताया है।
हृदय की समस्याओं, जैसे हृदय की तेज, धीमी या लय के बाहर धड़कन वाले हार्ट एरीथमियास, के मामले में ऐसे उपकरण हैं, जो हृदय की अनियमित धड़कन का पता लगाते हैं और बेतार तरीके से डाटा को ब्लूटूथ के जरिये आपके स्मार्ट फोन पर पहुंंचाते हैं।
सही समय पर इलाज और प्रबंधन हृदय रोगों वाले व्यक्तियों में बेहतर स्वास्थ्य परिणामों का आधार बनता है।
Heart Disease & Pregnancy: क्या आप जानती हैं कि प्रेगनेंसी में दिल पहले से भी अधिक काम करता है? ऐसे में जरूरी है कि आप उन कामों को करने से बचें जो हृदय की धड़कनें बढ़ाती हैं। प्रेग्नेंट हैं, तो अपने दिल का यूं रखें खास ख्याल...
एक शोध के अनुसार खराब नींद (Poor Sleep) की वजह से हार्ट डिजीज का खतरा (Risks for heart diseases) बढ़ जाता है. नींद की कमी की वजह से शरीर में कई तरह के नकारात्मक परिवर्तन होते हैं. खराब नींद के कारण महिलाओं में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.
कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन या सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) से हृदय और मस्तिष्क को खून का प्रवाह बनाए रखने में सहायता मिलती है। यह आगे के उपाय किए जाने तक मस्तिष्क के काम-काज को मानवीय तौर पर बनाए रखने की एक कोशिश है तथा जाना-माना व प्रभावी तकनीक है, जिससे व्यक्ति के जिन्दा रहने की संभावना बनती है।
ट्रांस फैट को डायट में शामिल करने से बचें। यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है। कुछ और बातों को ध्यान में रखकर भी आप अपने हार्ट को स्वस्थ रख सकते हैं।
दिल की बीमारियों से गुजरने वाले मरीज अब बेहतर जीवन और मृत्युदर को टालने की उम्मीद कर सकते हैं। इसके लिए आज उपलब्ध नई उपचार विधियों को धन्यवाद दिया जा सकता है।
आज के समय में युवाओं में भी हृदय रोगों की समस्या बढ़ती जा रही है, हालांकि कार्डियोलॉजिस्ट मानते हैं कि, जीवनशैली में परिवर्तन लाकर आप हृदय रोगों से बचाव कर सकते हैं।
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों के मुकाबले थोड़े अलग होते हैं। यहां तक की महिलाओं में हार्ट अटैक आने पर छाती में दर्द होने की संभावना भी कम होती है। महिलाओं में हार्ट अटैक के संबंध में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संतोष कुमार डोरा।
हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट (Heart Attack, Heart Failure And Cardiac Arrest) के बीच अंतर को स्पष्ठ किया है, मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार डोरा ने।
World Heart Day 2021: एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में रहने वाली करीब 50 प्रतिशत महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक है। यह उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां (सीवीडी) होने का खतरा बढ़ाता है।
लॉकडाउन में गतिहीन जीवनशैली के कारण डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले बढ़े हैं। साथ ही धूम्रपान और तनाव के कारण कार्डियोवैस्कुलर रोगों के होने की संभावना भी बढ़ गई है।
इस लेख में हम आपको बिनी सर्जरी के कोरोनरी धमनियों में रुकावट या हार्ट ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Treatment For Artery Blockage) के बारे में बता रहे हैं।
Mustard Oil Benefits for Heart: सरसों के तेल में ट्रांस फैट नहीं होता है। ट्रांस फैट का ज्यादा सेवन करने से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो बहुत ही हानिकारक होता है।
Diet TIps For Heart Patient: एशियन हार्ट इस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार डोरा ने हृदय रोगियों के लिए बेस्ट डाएट और कुकिंग टिप्स के बारे में बताया है।
हृदय की समस्याओं, जैसे हृदय की तेज, धीमी या लय के बाहर धड़कन वाले हार्ट एरीथमियास, के मामले में ऐसे उपकरण हैं, जो हृदय की अनियमित धड़कन का पता लगाते हैं और बेतार तरीके से डाटा को ब्लूटूथ के जरिये आपके स्मार्ट फोन पर पहुंंचाते हैं।
सही समय पर इलाज और प्रबंधन हृदय रोगों वाले व्यक्तियों में बेहतर स्वास्थ्य परिणामों का आधार बनता है।
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एक शोध के अनुसार खराब नींद (Poor Sleep) की वजह से हार्ट डिजीज का खतरा (Risks for heart diseases) बढ़ जाता है. नींद की कमी की वजह से शरीर में कई तरह के नकारात्मक परिवर्तन होते हैं. खराब नींद के कारण महिलाओं में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.
कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन या सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) से हृदय और मस्तिष्क को खून का प्रवाह बनाए रखने में सहायता मिलती है। यह आगे के उपाय किए जाने तक मस्तिष्क के काम-काज को मानवीय तौर पर बनाए रखने की एक कोशिश है तथा जाना-माना व प्रभावी तकनीक है, जिससे व्यक्ति के जिन्दा रहने की संभावना बनती है।
ट्रांस फैट को डायट में शामिल करने से बचें। यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है। कुछ और बातों को ध्यान में रखकर भी आप अपने हार्ट को स्वस्थ रख सकते हैं।
दिल की बीमारियों से गुजरने वाले मरीज अब बेहतर जीवन और मृत्युदर को टालने की उम्मीद कर सकते हैं। इसके लिए आज उपलब्ध नई उपचार विधियों को धन्यवाद दिया जा सकता है।
अकेले भारत में ही 2015 में इससे दो मिलियन मौतें हुई, इनमें 1.3 मिलियन का आंकड़ा 30 से 63 वर्ष की आयु वर्ग के बीच के लोगों का है। ऐसे में जब विश्व इन बीमारियों से लड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है, तब हाल ही में हुई तकनीकी क्रांति ने स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र को नए आयाम दिए हैं और बीमारियों को देखने और उनके निवारण को नई दृष्टि प्रदान की है।
30 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में काम के तनाव और भागती-दौड़ती जीवनशैली के कारण हार्ट की समस्याएं होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। अस्वास्थ्यकर भोजन, सिगरेट, शराब का सेवन और एक्सरसाइज ना करने से भी दिल को नुकसान पहुंचता है।
भारत में होने वाली एक चैथाई मौतों का कारण कार्डियोवैस्कुलर रोग है। इस्केमिक हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक भारत में कार्डियोेवैस्कुलर मौतों का मुख्य कारण हैं।
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
डॉ. तिलक सुवर्णा, (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट-मुंबई) के अनुसार, भारत में होने वाली मौतों में हृदय से जुड़ी बीमारियां सबसे प्रमुख कारण हैं, और प्रत्येक मौतों का लगभग 30% मौतों का कारण हृदय रोग ही है। भारत में सामान्य तौर पर पाई जाने वाली पांच हृदय की बीमारियां इस प्रकार हैं:
दिल को स्वस्थ रखने के लिए खानपान हेल्दी होना चाहिए। कुछ लोग अनजाने में ही ऐसे फूड्स का सेवन नियमित रूप से करते हैं, जो उनके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए, कुछ ऐसे ही अनहेल्दी फूड्स के बारे में यहां...