मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स से पीड़ित लोगों में हार्ट डिजिज का बढ़ सकता है रिस्क, स्टडी का दावा
एक नयी स्टडी में कहा गया है कि खराब मेंटल हेल्थ का प्रभाव कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर पड़ता है।
एक नयी स्टडी में कहा गया है कि खराब मेंटल हेल्थ का प्रभाव कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर पड़ता है।
74 वर्षीय सिंधुताई सपकाल (Sindhutai Sapkal) का निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ। सिंधुताई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बैड कोलेस्ट्रॉल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क बढ़ा देता है। हाल ही में एक स्टडी में बताया गया कि एशियाई मूल के लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता जा रहा है। इस स्टडी के अनुसार, एशियाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों में हाई-कोलेस्ट्रॉल के मामलों में अधिक तेज़ी देखी गयी। जबकि, दूसरी तरफ पश्चिमी देशों में इसमें गिरावट देखी गयी। (High Cholesterol Levels in Asians)
जैसा कि मेनोपॉज़ के बाद शरीर में हार्मोन्स का बदलाव होता है। जिससे, महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मेनोप़ॉज़ के बाद एस्ट्रोजेन हार्मोन्स के स्तर में गिरावट से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर, 50 वर्ष की उम्र के बाद यह संभावना अधिक होती है। विभिन्न स्टडीज़ और रिसर्च में यह बात कही गयी है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद 50 फीसदी से अधिक महिलाओं की मृत्यु की वजह कार्डियाक हेल्थ यानि दिल की सेहत से जुड़ी परेशानियां ही होती हैं।
भारत में होने वाली एक चैथाई मौतों का कारण कार्डियोवैस्कुलर रोग है। इस्केमिक हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक भारत में कार्डियोेवैस्कुलर मौतों का मुख्य कारण हैं।
एक शोध में यह पाया गया है कि जो लोग एक दिन में 300 मिलीग्राम से अधिक कोलेस्ट्रॉल का सेवन करते हैं उनमें हार्ट की बीमारी या हृदय रोग की संभावना बहुत अधिक होती है। हृदय रोग को CVD (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज) के नाम से भी जाना जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जो लोग अंड़े को बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल वाला बनाकर खाते हैं उनमें हृदय रोग का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
डेढ़ लाख लोगों पर की गई रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग स्मोकिंग करते हैं वे अपनी उम्र से पंद्रह-बीस साल ज्यादा दिखते हैं, असामयिक मौतों का एक बड़ा कारण स्मोकिंग की लत है।
एक नयी स्टडी में कहा गया है कि खराब मेंटल हेल्थ का प्रभाव कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर पड़ता है।
74 वर्षीय सिंधुताई सपकाल (Sindhutai Sapkal) का निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ। सिंधुताई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बैड कोलेस्ट्रॉल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क बढ़ा देता है। हाल ही में एक स्टडी में बताया गया कि एशियाई मूल के लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता जा रहा है। इस स्टडी के अनुसार, एशियाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों में हाई-कोलेस्ट्रॉल के मामलों में अधिक तेज़ी देखी गयी। जबकि, दूसरी तरफ पश्चिमी देशों में इसमें गिरावट देखी गयी। (High Cholesterol Levels in Asians)
जैसा कि मेनोपॉज़ के बाद शरीर में हार्मोन्स का बदलाव होता है। जिससे, महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मेनोप़ॉज़ के बाद एस्ट्रोजेन हार्मोन्स के स्तर में गिरावट से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर, 50 वर्ष की उम्र के बाद यह संभावना अधिक होती है। विभिन्न स्टडीज़ और रिसर्च में यह बात कही गयी है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद 50 फीसदी से अधिक महिलाओं की मृत्यु की वजह कार्डियाक हेल्थ यानि दिल की सेहत से जुड़ी परेशानियां ही होती हैं।
भारत में होने वाली एक चैथाई मौतों का कारण कार्डियोवैस्कुलर रोग है। इस्केमिक हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक भारत में कार्डियोेवैस्कुलर मौतों का मुख्य कारण हैं।
एक शोध में यह पाया गया है कि जो लोग एक दिन में 300 मिलीग्राम से अधिक कोलेस्ट्रॉल का सेवन करते हैं उनमें हार्ट की बीमारी या हृदय रोग की संभावना बहुत अधिक होती है। हृदय रोग को CVD (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज) के नाम से भी जाना जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जो लोग अंड़े को बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल वाला बनाकर खाते हैं उनमें हृदय रोग का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
डेढ़ लाख लोगों पर की गई रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग स्मोकिंग करते हैं वे अपनी उम्र से पंद्रह-बीस साल ज्यादा दिखते हैं, असामयिक मौतों का एक बड़ा कारण स्मोकिंग की लत है।