Cancer Test : किस अंग में कौन सा कैंसर, पता लगाएंगे ये 5 टेस्ट! Video में जानें टेस्ट कराने की सही उम्र
Cancer Test : आइए जानते हैं ऐसे टेस्ट के बारे में, जिनकी मदद से कैंसर की पहचान आसान और इलाज समय पर मुमकिन हो जाता है।
Cancer Test : आइए जानते हैं ऐसे टेस्ट के बारे में, जिनकी मदद से कैंसर की पहचान आसान और इलाज समय पर मुमकिन हो जाता है।
कैंसर कई प्रकार के हैं पर इस समय होने वाले सबसे प्रमुख कैंसर की बात करें तो उनमे महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर आज कल तेजी से फैल रहा है। जानें खुद से पता लगाने के आसान तरीके।
कैंसर की पहचान अगर सही उम्र में कर ली जाए तो ये आपके लिए बहुत अच्छा होगा और इसके लिए कुछ टेस्ट बहुत जरूरी (Important Test for Cancer in hindi) होते हैं।
Cancer warning signs : आइए जानते हैं एक ऐसी ही बीमारी के बारे में, जो आपके शरीर के अंदर घुस तो जाती है और तब तक आपका पीछा नहीं छोड़ती, जब तक आप मर नहीं जाते।
सर्दी के शुरू होते ही कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें सबसे ज्यादा आम है जुकाम, खांसी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खांसी कैंसर का संकेत हो सकती है?
पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) में बचने का रिस्क काफी कम होता है। इसलिए इसे सबसे ज्यादा खतरनाक कैंसर माना जाता है।
जब आप खाने में ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन करते हैं और ज्यादा प्रोसेस्ड मीट का सेवन करते हैं साथी आपके खाने में सब्जियों की मात्रा कम होती है या ना के बराबर होती है तो ऐसी स्थिति में स्टमक कैंसर या गैस्ट्रिक कैंसर के होने का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे करें: महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में शोधकर्ताओं ने मेमोरी ग्लैंड यानी कि दूध की ग्रंथियों को देख कर ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने का तरीका खोजा है।
Cancer in young adults: युवाओं में कैंसर के मामले बढ़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। एक स्टडी की मानें तो इसके पीछे लाइफस्टाइल समेत कई कारण हो सकते हैं। जानते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे निष्कर्ष ये संकेत देते हैं कि कैंसर के कारण होने वाली थकान कीमोथेरेपी के वर्षों बाद तक मरीज की शारीरिक स्थिति को प्रभावित करने का काम करती है।
जहां तक बात खांसी की है तो अगर आपको बीते कुछ सप्ताह से इसमें कोई फर्क नहीं दिखाई दे रहा है या फिर तीन सप्ताह से ज्यादा वक्त से आपको सांस लेने में परेशानी हो रही है तो ये आपके लिए चिंता का विषय हो सकती है।
धूम्रपान न सिर्फ गुर्दे के रोग के विकास मे एक बहुत बड़ा जोखिम कारक है बल्कि अगर आप पहले से ही किसी किडनी की बीमारी से परेशान हैं तो ये आपकी स्थिति को और ज्यादा बदतर बना सकता है।
कैंसर की रुग्णता दर और मृत्यु दर में भारत फिलहाल दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है, जो कहीं न कहीं एक चिंता का विषय बना हुआ है।
ब्रिटेन की मैंनचेस्टर यूनिवर्सिटी की एक टीम ने खास तरीके का लार टेस्ट विकसित किया है, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का सटीकता से पता लगाने में मदद कर सकता है।
Symptoms of skin cancer: स्किन कैंसर के कई लक्षण होते हैं, जैसे त्वचा पर मस्से निकलना, मस्सों के रंग, आकार, शेप में बदलाव होना आदि। पर क्या आप जानते हैं कि कान, गर्दन, मुंह पर भी दिखते हैं त्वचा कैंसर के गंभीर संकेत?
डायबिटीज कैंसर के इलाज को लम्बे समय तक के लिए बढ़ा सकता है या इलाज के दौरान संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कैसे कैंसर रोगी डायबिटीज को बिगाड़ सकती है।
जानें क्या है थायरॉइड कैंसर के लक्षण, कारण, प्रकार और इलाज....
बच्चों में ल्यूकेमिया कैंसर या ब्लड कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. सबसे ज्यादा ब्लड कैंसर के शिकार 2 से 5 साल के बच्चे होते हैं. ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर एक तरह से बोनमैरो या अस्ठिमज्जा कैंसर है. बच्चों में इस कैंसर की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है.
कैंसर की रुग्णता दर और मृत्यु दर में भारत फिलहाल दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है, जो कहीं न कहीं एक चिंता का विषय बना हुआ है।
ब्रिटेन की मैंनचेस्टर यूनिवर्सिटी की एक टीम ने खास तरीके का लार टेस्ट विकसित किया है, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का सटीकता से पता लगाने में मदद कर सकता है।
जानें क्या है थायरॉइड कैंसर के लक्षण, कारण, प्रकार और इलाज....
बच्चों में ल्यूकेमिया कैंसर या ब्लड कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. सबसे ज्यादा ब्लड कैंसर के शिकार 2 से 5 साल के बच्चे होते हैं. ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर एक तरह से बोनमैरो या अस्ठिमज्जा कैंसर है. बच्चों में इस कैंसर की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है.
विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, कोरोनावायरस के टीके कैंसर के रोगियों के लिए सुरक्षित हैं।
हम आपको स्किन कैंसर की शुरुआत में होने वाले मस्से के बदलते प्रकार के बारे में बता रहे हैं, साथ ही आपको ये भी बताएंगे कि कैसे आप इसका आसानी से पता लगा सकते हैं।
7 नवंबर को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर आज हम आपको सिर्फ उन कैंसर के बारे में बता रहे हैं, जिससे सिर्फ महिलाएं ही प्रभावित होती हैं।
भारत में विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day in India) के अवसर पर यह जानकारी आपको रखनी चाहिए कि भारत में होने वाले आम कैंसर (Common Cancers In India) कौन-कौन हैं. भारत में कैंसर के कारणों में पर्यावरण, जीवनशैली और खान-पान प्रमुख हैं.
भारत में स्किन कैंसर के इतने मामले नहीं हैं, जितने विदेशों में मिलते हैं। इससे बचाने के लिए लगातार शोध किए जा रहे हैं। ऐसे ही एक नए शोध में स्किन कैंसर से बचाव में विटामिन ए की भूमिका का खुलासा हुआ है।
हाल के कुछ वर्षो में में बच्चों में कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं. भारत जैसे गरीब देशों में इसके शिकार बच्चों की मौत भी अन्य अमीर देशों की तुलना में ज्यादा हो रही है.
इरफान खान, सोनाली बेंद्रे और आयुष्मान खुराना की पत्नी के बाद अब नफीसा भी इस मुश्किल दौर से गुजर रही हैं।
इस अभियान का लक्ष्य कैंसर सर्वाइवरों को सामने आने और उम्मीद की अपनी कहानी बयां करने के लिये प्रेरित करना है
क्या आपको पता है कि पिता और भाई को प्रोस्टेट कैंसर होने पर उस परिवार के महिला को स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है?
अब विटामिन डी प्रॉस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में अहम् भूमिका निभायेगा।
त्वचा कैंसर संबंधी इलाज के क्षेत्र में नई खोज
जानिये क्यों सेब और ग्रीन टी को अपने डायट में शामिल करना चाहिए?
गर्भाशय कैंसर के बारे में नई सूचना।
क्या आप स्तन कैंसर से खुद की रक्षा करना चाहते हैं?