हड्डी मजबूत करने के लिए कौन सा तेल लगाना चाहिए? जानें 5 तेल और उनके फायदे
Oil for strong bones: हड्डियों की मजबूती के लिए आप कुछ एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।
Oil for strong bones: हड्डियों की मजबूती के लिए आप कुछ एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।
युवा एथलीट्स किस तरह से अपनी हड्डियों को रख सकते हैं लंबी उम्र तक मजबूत इस पर विस्तार से बताया फोर्टिस हीरानंदानी हॉस्पिटल, मुंबई के सीनियर कंसल्टेंट-ऑर्थोपेडिक सर्जरी डॉ. मनीष सोनटक्के ने...
लगभग 14% भारतीय आबादी गठिया या जोड़ों के दर्द से पीड़ित है। तीन प्रकार के जोड़ों के दर्द या ऑस्टियोआर्थराइटिस होते हैं- डीजेनेरेटिव ज्वाइंट डिजीज, इंफ्लेमेटरी अर्थराइटिस और ट्रॉमेटिक अर्थराइटिस। इनके बारे में जानें यहां विस्तार से.....
अगर आपको अपनी दादी-नानी जैसी एक्टिव और आकर्षक सेहत चाहिए तो आपको उनके नुस्खे फिर से याद करने होंगे, वे क्या बनातीं थीं और कैसे खिलाती थीं।
हड्डियों को हेल्दी रखने के लिए एक्सरसाइज करने के अलावा सही आहार भी जरूरी है, यहां हम आपको 5 हेल्दी डाइट के बारे में बता रहे हैं जो आपको अर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स और बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाएंगे।
Causes Of Bone And Joint Pain In Hindi: हमारी बहुत सी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के कारण हमारी हड्डियां और हमारे जोड़ कमजोर होने लगते हैं, आइये जानते हैं विस्तार से...
सर्दियों में बढ़ती ठंड की वजह से जोड़ और हड्डियां काफी संवेदनशील हो जाते हैं। तो आइए जानिए कुछ उपाय जिनसे आप अपनी हड्डियों को हेल्दी और मजबूत बनाए रख सकते हैं।
अगर आप हर दिन योग का अभ्यास करते हैं तो आपको अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। यहां तक कि विज्ञान भी इस दावे का समर्थन करता है कि हर दिन योग का अभ्यास करने से फ्रैक्चर को रोकने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। लेख में जानें ऐसे 4 योगासन के बारे में जो आपको हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
Home Remedies for Bone Fracture: हड्डी टूटने पर मुख्य रूप से तीन लक्षण नजर आते हैं। बहुत तेज दर्द होना, जिस जगह की हड्डी टूटी है, वहां पर सूजन होना और शरीर का अंग टेढ़ा-मेढ़ा हो जाना। आप पीड़ित को दर्द से राहत दिलाने के लिए कुछ प्राथमिक उपचार भी आजमाकर देख सकते हैं।
सर्दी का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है, लेकिन इन बीमारियों में जोड़ों का दर्द (Joint pain in winter) एक गंभीर समस्या है, जो हर उम्र के व्यक्ति को प्रभावित करता है। जानें, किस तरह इन सर्दियों में रखनी चाहिए हड्डियों की सेहत का ख्याल...
हरे साग की श्रेणी में आने वाली चौलाई में और भी कई गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है। इसमें विटामिन, प्रोटीन और फोलेट की भी अच्छी मात्रा होती है।
ज्वाइंट पेन यानी जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या की वजह से युवावस्था में ही बहुत से लोग लाचार होने लगे हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें।
जिन लोगों को जोड़ों के दर्द की सबसे ज्यादा शिकायत रहती है, वे लोग फैटी फिश, तरह-तरह के नट्स, ऑलिव-ऑयल जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
लाइकोपीन एक फाइटोन्यूट्रिएंट है। फाइटोन्यूट्रिएंट प्लांट लाइफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये पोषक तत्व मूल रूप से मानव शरीर द्वारा नहीं बनाए जाते हैं, बल्कि प्लांट द्वारा उत्पादित होते हैं।
मुनक्का में एक अमूल्य एंटीआक्सीमडेंट कैटेचिन होता है। इसमें कैम्फेयरोल एक फ्लैवोनॉयड भी होता है जो कोलन कैंसर के ट्यूमर के विकास को कम करने में मदद करता है।
आहार के माध्यम से भी ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकते हैं, अगर अपनाएं ये डायट टिप्स!
कौन-सा प्रोटीन ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में करता है मदद?
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लाइकोपीन एक फाइटोन्यूट्रिएंट है। फाइटोन्यूट्रिएंट प्लांट लाइफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये पोषक तत्व मूल रूप से मानव शरीर द्वारा नहीं बनाए जाते हैं, बल्कि प्लांट द्वारा उत्पादित होते हैं।
मुनक्का में एक अमूल्य एंटीआक्सीमडेंट कैटेचिन होता है। इसमें कैम्फेयरोल एक फ्लैवोनॉयड भी होता है जो कोलन कैंसर के ट्यूमर के विकास को कम करने में मदद करता है।
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कौन-सा प्रोटीन ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में करता है मदद?
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हरे साग की श्रेणी में आने वाली चौलाई में और भी कई गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है। इसमें विटामिन, प्रोटीन और फोलेट की भी अच्छी मात्रा होती है।