फेफड़ों को खराब कर रही हैं आपकी ये 5 आदतें, आज ही बदले वरना सांस लेना हो जाएगा मुश्किल
हम आपको बताने जा रहे है, रोजमर्रा की उन आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे हमारी फेफड़ों की क्षमता को कमजोर कर देते हैं।
हम आपको बताने जा रहे है, रोजमर्रा की उन आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे हमारी फेफड़ों की क्षमता को कमजोर कर देते हैं।
हर महीने का एक पैटर्न होता है। लेकिन जब ये पैटर्न बदलने लगे, तो शरीर कुछ कह रहा होता है। एक छोटी-सी अनदेखी बड़े इशारे को नजरअंदाज़ करने जैसा हो सकता है।
पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स देखकर घबराना ज़रूरी नहीं है, अक्सर ये एक नॉर्मल बॉडी रेस्पॉन्स होता है। लेकिन कुछ सिचुएशंस में ये संकेत हो सकते हैं कि आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
Blood clot in brain: दिमाग में ब्लड क्लोट बनना एक जानलेवा समस्या बन सकती है और इसके कुछ शुरुआती लक्षण हैं, जिनकी पहचान करना बहुत जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं।
What causes blood clots in veins : नसों में खून जमने के कई कारण हो सकते हैं। आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
कुछ मामलों में बच्चेदानी में खराबी के कारण पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है ।
Blood clots during periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-
Causes Of Blood Clots During Periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होना सामान्य है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और इलाज का तरीका?
ब्लड क्लॉटिंग के कारण हृदय को काम करने में दिक्कत आ सकती है और इससे हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है।
पिछले दिनों कई देशों से एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में कथित तौर पर खून के थक्के जमने का अधिक खतरे को लेकर संभावना जताई गई थी। अब इस पर विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य निकाय ने स्थिति स्पष्ट की है और वैक्सीन को सुरक्षित बताया है।
क्या आप जानती हैं कि पीरियड्स के दिनों में अधिक ब्लड क्लॉट्स कई गंभीर शारीरिक समस्याओं की तरफ इशारा करते हैं? जानें, मासिक धर्म में रक्त के थक्के क्यों आते हैं (Causes of blood clots in periods) और इसका निदान, इलाज क्या है?
सर्दियों में शरीर के तापमान को बरकरार रखने के लिए हृदय को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इस वजह से रक्तचाप बढ़ता है और यह रक्त में कई किस्म के बदलाव भी लाता है जिनमें रक्त का थक्का जमने का अधिक जोखिम भी शामिल है।
हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गाया कि खून को पतला करने वाली दवा के सेवन से किडनी की पुरानी बीमारी से ग्रसित इंसान में रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।
What causes blood clots in veins : नसों में खून जमने के कई कारण हो सकते हैं। आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
कुछ मामलों में बच्चेदानी में खराबी के कारण पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है ।
Causes Of Blood Clots During Periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होना सामान्य है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और इलाज का तरीका?
ब्लड क्लॉटिंग के कारण हृदय को काम करने में दिक्कत आ सकती है और इससे हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है।
पिछले दिनों कई देशों से एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में कथित तौर पर खून के थक्के जमने का अधिक खतरे को लेकर संभावना जताई गई थी। अब इस पर विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य निकाय ने स्थिति स्पष्ट की है और वैक्सीन को सुरक्षित बताया है।
क्या आप जानती हैं कि पीरियड्स के दिनों में अधिक ब्लड क्लॉट्स कई गंभीर शारीरिक समस्याओं की तरफ इशारा करते हैं? जानें, मासिक धर्म में रक्त के थक्के क्यों आते हैं (Causes of blood clots in periods) और इसका निदान, इलाज क्या है?
सर्दियों में शरीर के तापमान को बरकरार रखने के लिए हृदय को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इस वजह से रक्तचाप बढ़ता है और यह रक्त में कई किस्म के बदलाव भी लाता है जिनमें रक्त का थक्का जमने का अधिक जोखिम भी शामिल है।
हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गाया कि खून को पतला करने वाली दवा के सेवन से किडनी की पुरानी बीमारी से ग्रसित इंसान में रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।
हम आपको बताने जा रहे है, रोजमर्रा की उन आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे हमारी फेफड़ों की क्षमता को कमजोर कर देते हैं।
Blood clot in brain: दिमाग में ब्लड क्लोट बनना एक जानलेवा समस्या बन सकती है और इसके कुछ शुरुआती लक्षण हैं, जिनकी पहचान करना बहुत जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं।
Blood clots during periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-
हर महीने का एक पैटर्न होता है। लेकिन जब ये पैटर्न बदलने लगे, तो शरीर कुछ कह रहा होता है। एक छोटी-सी अनदेखी बड़े इशारे को नजरअंदाज़ करने जैसा हो सकता है।
पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स देखकर घबराना ज़रूरी नहीं है, अक्सर ये एक नॉर्मल बॉडी रेस्पॉन्स होता है। लेकिन कुछ सिचुएशंस में ये संकेत हो सकते हैं कि आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।