
एसिड रिफ्लक्स से राहत दिला सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, इस तरह करें सेवन
Acid Reflux Treatment: एसिड रिफ्लक्स की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां कारगर साबित हो सकती हैं। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ हर्ब्स के बारे में -

Acid Reflux Treatment: एसिड रिफ्लक्स की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां कारगर साबित हो सकती हैं। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ हर्ब्स के बारे में -

Boiled Peepal Leaf : पीपल के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। पीपल के पत्तों को उबालकर पीने से कई गंभीर बीमारियों से बचाव हो सकता है।

कुछ समस्याओं में त्रिफला का सेवन करने से सेहत को नुकसान हो सकता है। जानें त्रिफला का सेवन कब नहीं करना चाहिए?

Peele Dant Safed Kaise Kare: दांतों पर जमा टार्टर और प्लाक हटाने के लिए आप घर पर बना आयुर्वेदिक पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कुछ ही दिनों में आपके दांत सफेद और चमकदार हो जाएंगे।

यूं तो आयुर्वेद और यूनानी दोनों में ही देसी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन दोनों कई कारणों से बिल्कुल अलग-अलग हैं।

कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इतनी प्रभावी होती हैं कि कई गंभीर बीमारियों को कंट्रोल करती हैं। इन्हीं में से एक है कुटकी (Katuki Benefits)

आज हम आपको कुछ ऐसी आयुर्वेदिक ब्यूटी टिप्स (Ayurvedic Beauty Tips) बता रहे हैं जो आपकी स्किन को नेचुरली ग्लो करने में मदद करेगी साथ ही पिंपल्स, डार्क स्पॉट और झुर्रियों से संबंधी समस्याएं भी दूर होंगी।

मध्य प्रदेश में 'वैद्य आपके (मरीज के) द्वार' योजना बनाई जा रही है। इस योजना में आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों के घर-घर जाकर उनका आयुर्वेद के जरिए न केवल उपचार करेंगे, बल्कि उन्हें आहार-विहार से लेकर औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करने का काम भी करेंगे।

Ayurvedic Tips to Improve Digestion: आयुर्वेद के अनुसार, आप जो भी खाते हैं, उस पर ध्यान देने के साथ ही इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी होता है कि आप भोजन कैसे करते हैं। पाचनशक्ति बेहतर होने से आपके द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों से शरीर बेहतर तरीके से पोषक तत्वों को अवशोषित कर पाता है।

आयुर्वेदिक हर्ब्स या जड़ी-बूटियां (Ayurvedic Herbs) शारीरिक और मानसिक सेहत को दुरुस्त रखती हैं। हालांकि, कुछ ही जड़ी-बूटियां आसानी से मिल पाती हैं, जिनमें शामिल हैं गिलोय, अश्वगंधा, शतावरी, आंवला आदि। जानें, इन चारों हर्ब्स के सेहत लाभ...

कोरोनावायरस महामारी के बीच छात्रों ने विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में बैठना शुरू कर दिया है। ऐसे में उन्हें ऐसी स्थितियों से निपटने के दौरान शांत रहने की जरूरत है। छात्रों को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ परीक्षाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन आज बच्चों में तनाव देखने को मिल रहा है। आप कुछ आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाकर बच्चों में होने वाले तनाव को कम कर सकते हैं।

आयुर्वेद विशेषज्ञों (Immunity Booster Ayurvedic Medicine) का कहना है कि कई ऐसे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। आयुष मंत्रालय ने 150 एमएल गर्म दूध में आधी चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर दिन में एक से दो बार सेवन करने की सलाह भी दी है। साथ ही लोग तिल का या नारियल का तेल अथवा घी दोनों नाक में सुबह शाम लगा सकते हैं।

सर्पगंधा का उपयोग कई तरह की दवाओं को बनाने में भी किया जाता है। सर्पगंधा के उपयोग से अनिंद्रा अर्थात नींद न आने की समस्या, हिस्टीरिया और मानसिक तनाव को दूर करने में भी किया जाता है।

पायरिया से दांतों के आस-पास की मांसपेशियों में इंफेक्शन हो जाता है। इसकी वजह से दांत खराब होने लगते हैं और जड़ों तक इंफेक्शन पहुंचने पर दांत गिरने भी लगते हैं।

लंबे उपचार या तत्काल उपचार, जरूरत के हिसाब से तय करें चिकित्सा ।

विश्व स्तर पर आयुर्वेद चिकित्सा को एक चिकित्सा विज्ञान के रूप में मिलेगी स्वीकार्यता।

यह सरसों की प्रजाति से जुड़ा हुआ पोधा है और इसका इस्तेमाल सूप, सैंडविच व सलाद बनाने में होता है।

तिल देखने में हैं छोटा मगर इसके गुण हैं अनेक। यह अनेक प्रकार के बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।

कम नींद वज़न बढ़ाने के साथ-साथ ब्लड-प्रेशर भी बढ़ाती है

हेल्दी रहकर पेट की चर्बी कम करने के कुछ टिप्स

गर्मी के दिनों में राहत दिलाने वाले हेल्दी ड्रिंक्स

क्या आप जल्दी पेट की चर्बी को कम करना चाहते हैं?

तांबे के बर्तन में पानी पीने के 8 फायदे

हो सकता है बस्ती कर्म आपकी सभी अपने स्वास्थ्य समस्याओं का हल बन जाए।

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यूं तो आयुर्वेद और यूनानी दोनों में ही देसी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन दोनों कई कारणों से बिल्कुल अलग-अलग हैं।

कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इतनी प्रभावी होती हैं कि कई गंभीर बीमारियों को कंट्रोल करती हैं। इन्हीं में से एक है कुटकी (Katuki Benefits)

मध्य प्रदेश में 'वैद्य आपके (मरीज के) द्वार' योजना बनाई जा रही है। इस योजना में आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों के घर-घर जाकर उनका आयुर्वेद के जरिए न केवल उपचार करेंगे, बल्कि उन्हें आहार-विहार से लेकर औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करने का काम भी करेंगे।

Ayurvedic Tips to Improve Digestion: आयुर्वेद के अनुसार, आप जो भी खाते हैं, उस पर ध्यान देने के साथ ही इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी होता है कि आप भोजन कैसे करते हैं। पाचनशक्ति बेहतर होने से आपके द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों से शरीर बेहतर तरीके से पोषक तत्वों को अवशोषित कर पाता है।

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आयुर्वेद विशेषज्ञों (Immunity Booster Ayurvedic Medicine) का कहना है कि कई ऐसे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। आयुष मंत्रालय ने 150 एमएल गर्म दूध में आधी चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर दिन में एक से दो बार सेवन करने की सलाह भी दी है। साथ ही लोग तिल का या नारियल का तेल अथवा घी दोनों नाक में सुबह शाम लगा सकते हैं।

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पायरिया से दांतों के आस-पास की मांसपेशियों में इंफेक्शन हो जाता है। इसकी वजह से दांत खराब होने लगते हैं और जड़ों तक इंफेक्शन पहुंचने पर दांत गिरने भी लगते हैं।

लंबे उपचार या तत्काल उपचार, जरूरत के हिसाब से तय करें चिकित्सा ।

विश्व स्तर पर आयुर्वेद चिकित्सा को एक चिकित्सा विज्ञान के रूप में मिलेगी स्वीकार्यता।

यह सरसों की प्रजाति से जुड़ा हुआ पोधा है और इसका इस्तेमाल सूप, सैंडविच व सलाद बनाने में होता है।

तिल देखने में हैं छोटा मगर इसके गुण हैं अनेक। यह अनेक प्रकार के बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।

कम नींद वज़न बढ़ाने के साथ-साथ ब्लड-प्रेशर भी बढ़ाती है

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आयुर्वेदिक हर्ब्स या जड़ी-बूटियां (Ayurvedic Herbs) शारीरिक और मानसिक सेहत को दुरुस्त रखती हैं। हालांकि, कुछ ही जड़ी-बूटियां आसानी से मिल पाती हैं, जिनमें शामिल हैं गिलोय, अश्वगंधा, शतावरी, आंवला आदि। जानें, इन चारों हर्ब्स के सेहत लाभ...