सर्दियों में अस्थमा रोगी इन 5 बातों का रखें खास ख्याल, वरना बढ़ सकती है दिक्कत
सर्दियों में अस्थमा रोगियों की दिक्कत काफी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में आपको ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। जानें, कुछ टिप्स-
सर्दियों में अस्थमा रोगियों की दिक्कत काफी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में आपको ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। जानें, कुछ टिप्स-
अस्थमा एक सांस संबंधित बीमारी है। अस्थमा के कारण स्वास्थ्य में कई प्रकार की कमजोरियां देखने को मिलती हैं। आइए जानते हैं अस्थमा कैसे होता है।
Can Mansoon trigger asthma : मानसून में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। इस लेख में इसके प्रमुख कारणों और उचार के विषम में विस्तार से चर्चा किया गया है।
ऐसे में हर इंसान को प्रदूषण से सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर जिन्हें सांस से जुड़ी बीमारी है क्योंकि इस बढ़ते प्रदूषण स्तर की वजह से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के मरीज काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं।
कई बार विटामिन डी की कमी होने के कारण दमा का अटैक भी आ सकता है. ऐसे में दमा के रोगियों को बरसात के मौसम में कुछ विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है.
शायद आप जानते नहीं लेकिन बदलते मौसम के दौरान कई सारी परेशानियां भी सामने आती हैं। अस्थमा के कुछ मरीजों को तो इतनी परेशानियों हो जाती हैं, कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और इस कारण से डॉक्टर चेकअप कराना पड़ता है।
चाहे गर्मियों के दौरान धूल, प्रदूषण की बात हो, बसंत के समय एलर्जी बढ़ने का खतरा हो , सर्दी या बारिश के वक्त तापमान में गिरावट हो, इन सभी से सांस की नली में दिक्कत हो सकती है और घरघराहट या फिर सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
सर्दियों में अस्थमा रोगियों की दिक्कत काफी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में आपको ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। जानें, कुछ टिप्स-
Can Mansoon trigger asthma : मानसून में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। इस लेख में इसके प्रमुख कारणों और उचार के विषम में विस्तार से चर्चा किया गया है।
ऐसे में हर इंसान को प्रदूषण से सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर जिन्हें सांस से जुड़ी बीमारी है क्योंकि इस बढ़ते प्रदूषण स्तर की वजह से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के मरीज काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं।
कई बार विटामिन डी की कमी होने के कारण दमा का अटैक भी आ सकता है. ऐसे में दमा के रोगियों को बरसात के मौसम में कुछ विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है.
शायद आप जानते नहीं लेकिन बदलते मौसम के दौरान कई सारी परेशानियां भी सामने आती हैं। अस्थमा के कुछ मरीजों को तो इतनी परेशानियों हो जाती हैं, कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और इस कारण से डॉक्टर चेकअप कराना पड़ता है।
चाहे गर्मियों के दौरान धूल, प्रदूषण की बात हो, बसंत के समय एलर्जी बढ़ने का खतरा हो , सर्दी या बारिश के वक्त तापमान में गिरावट हो, इन सभी से सांस की नली में दिक्कत हो सकती है और घरघराहट या फिर सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
अस्थमा एक सांस संबंधित बीमारी है। अस्थमा के कारण स्वास्थ्य में कई प्रकार की कमजोरियां देखने को मिलती हैं। आइए जानते हैं अस्थमा कैसे होता है।