सरसों तेल की झांस ही उसकी शुद्धता की पहचान
कॉलेज ऑफ फिजिशियंस नामक जर्नल के एक शोध में पाया गया है कि सरसों तेल और शहद को समान रूप से मिलाकर बनाया गया मिश्रण दांत के परजीवी को नष्ट करने में कारगर होता है।
कॉलेज ऑफ फिजिशियंस नामक जर्नल के एक शोध में पाया गया है कि सरसों तेल और शहद को समान रूप से मिलाकर बनाया गया मिश्रण दांत के परजीवी को नष्ट करने में कारगर होता है।
पर्यावरण में मौजूद कणों का सीधा वास्ता फेफड़ों से पड़ता है, जिसके कारण सीओपीडी, अस्थमा और फेफड़ों के कैंसर जैसे कई श्वसन रोग हो सकते हैं।
लहसुन से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। खून अधिक गाढ़ा है, तो लहसुन का सेवन करें। यह ब्लड क्लॉटिंग को रोकता है, खून पतला करता है और रक्त प्रवाह सुचारू करता है।
अध्ययन में यह भी देखा गया कि मांएं अगर फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने में गर्भवती हों तो गर्भस्थ शिशु का प्रतिरोधक तंत्र फ्लू के साथ ही अस्थमा जैसे श्वास रोगों से बचाव में अधिक ताकतवर बन जाता है।
अस्थमा से पीडि़त बच्चाेें के लिए जरूरी है आसपास बेहतर माहौल बनाए रखना।
प्रियंका ने कहा कि जब तक मेरे पास मेरा इनहेलर है, दमा मुझे मेरे लक्ष्य को पाने और बेरोक जिंदगी जीने से नहीं रोक सकता।
एक अध्ययन के मुताबिक घास पराग के मौसम में पैदा हुए शिशुओं को अस्थमा जैसी श्वसन रोगों के जोखिम की संभावना अधिक होती है।
मदार के फूलों को सुखा कर रोजाना इसका चूर्ण खाने से अस्थमा, फेफड़ों के रोग और शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है।
विटामिन सी और मैंनीशियम से भरपूर होता है अनानास। आंखों की दृष्टि के लिए इसका सेवन बहुत उपयोगी होता है।
क्या रात में केला खाना सही है, जानें
भुजंगासन करने से कमर पतली और सीना चौड़ा होता है। रीढ़ लचीली बनती है। मधुमेह, अस्थमा, स्लिप डिस्क और तनावमुक्ति में भी यह आसन सहायक है।
कैनोला का तेल नवजात शिशुओं में ब्राउन फैट के उत्पादन को बढ़ावा देता है।
गुड़ भी बचाता है प्रदूषण से, जानिए कैसे
गुरुवार को एनसीआर पर धूल की चादर बनी रही और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदूषण का असर बच्चे पर तभी से होने लगता है, जब वह मां के गर्भ में पल रहा होता है।
अगर प्रदूषण का स्तर 200 mcg/m3 से अधिक है, तो बच्चों, अस्थमा के मरीजों और बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
प्रति 1,00,000 लोगों पर 22 की मृत्यु दर के साथ उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है।
अस्थमा के लक्षणों की समय पर पहचान और उसका इलाज कर इस पर काबू पाया जा सकता है।
बच्चों में अस्थमा के 90 फीसदी तथा वयस्कों में 50 फीसदी मामलों का कारण एलर्जिक रिएक्शन होता है।
मौसम में बदलाव और लगातार बढ़ती गर्मी वेक्टर से जुड़ी समस्याओं का कारण बनते हैं।
एक अध्ययन के मुताबिक घास पराग के मौसम में पैदा हुए शिशुओं को अस्थमा जैसी श्वसन रोगों के जोखिम की संभावना अधिक होती है।
मदार के फूलों को सुखा कर रोजाना इसका चूर्ण खाने से अस्थमा, फेफड़ों के रोग और शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है।
विटामिन सी और मैंनीशियम से भरपूर होता है अनानास। आंखों की दृष्टि के लिए इसका सेवन बहुत उपयोगी होता है।
भुजंगासन करने से कमर पतली और सीना चौड़ा होता है। रीढ़ लचीली बनती है। मधुमेह, अस्थमा, स्लिप डिस्क और तनावमुक्ति में भी यह आसन सहायक है।
गुरुवार को एनसीआर पर धूल की चादर बनी रही और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदूषण का असर बच्चे पर तभी से होने लगता है, जब वह मां के गर्भ में पल रहा होता है।
अगर प्रदूषण का स्तर 200 mcg/m3 से अधिक है, तो बच्चों, अस्थमा के मरीजों और बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
प्रति 1,00,000 लोगों पर 22 की मृत्यु दर के साथ उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है।
अस्थमा के लक्षणों की समय पर पहचान और उसका इलाज कर इस पर काबू पाया जा सकता है।
बच्चों में अस्थमा के 90 फीसदी तथा वयस्कों में 50 फीसदी मामलों का कारण एलर्जिक रिएक्शन होता है।