
स्ट्रेस और एंग्जायटी से भी हो सकता है अस्थमा? CDC से जानें इसके बड़े कारण
Asthma ke karan: जिन लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है, उन्हें ये कभी भी और कहीं भी ट्रिगर कर सकता है। पर क्यों? आइए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) से जानते हैं कारण।

Asthma ke karan: जिन लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है, उन्हें ये कभी भी और कहीं भी ट्रिगर कर सकता है। पर क्यों? आइए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) से जानते हैं कारण।

त्योहार की खुशियां मनाते समय भी इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपकी खुशी और मस्ती कहीं दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। खासतौर से अगर छोटे बच्चे आपके साथ हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

बच्चे हंसते, खेलते, उछलते, कूदते ही अच्छे लगते हैं। पर यही बच्चे अगर अस्थमा से ग्रसित हो जाएं तो उनकी इस खुशी, उछल, कूद पर ग्रहण सा लग जाता है। ऐसे में जरूरत है आपकी दोहरी जिम्मेदारी की।

इलेक्ट्रीक हीटर्स रूम में मौजूद हवा की नमी को सोखकर हवा को ड्राई बना देते हैं। ऐसे में वैसे लोग जो पहले से ही सांस संबंधी किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें सफोकेशन यानी दम घुटने की दिक्कत महसूस होने लगती है।

जो बच्चे कुत्तों के संपर्क में खासकर फीमेल डॉग के संपर्क में रहकर बड़े होते हैं, उनमें उन बच्चों की तुलना में दमा का खतरा 15 से 16 फीसदी तक कम होता है जो कुत्तों के संपर्क के बिना बढ़ते हैं।

अस्थमा से पीडि़त बच्चाेें के लिए जरूरी है आसपास बेहतर माहौल बनाए रखना।

एक अध्ययन के मुताबिक घास पराग के मौसम में पैदा हुए शिशुओं को अस्थमा जैसी श्वसन रोगों के जोखिम की संभावना अधिक होती है।

बच्चों में अस्थमा के 90 फीसदी तथा वयस्कों में 50 फीसदी मामलों का कारण एलर्जिक रिएक्शन होता है।

Asthma ke karan: जिन लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है, उन्हें ये कभी भी और कहीं भी ट्रिगर कर सकता है। पर क्यों? आइए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) से जानते हैं कारण।

त्योहार की खुशियां मनाते समय भी इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपकी खुशी और मस्ती कहीं दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। खासतौर से अगर छोटे बच्चे आपके साथ हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

बच्चे हंसते, खेलते, उछलते, कूदते ही अच्छे लगते हैं। पर यही बच्चे अगर अस्थमा से ग्रसित हो जाएं तो उनकी इस खुशी, उछल, कूद पर ग्रहण सा लग जाता है। ऐसे में जरूरत है आपकी दोहरी जिम्मेदारी की।

इलेक्ट्रीक हीटर्स रूम में मौजूद हवा की नमी को सोखकर हवा को ड्राई बना देते हैं। ऐसे में वैसे लोग जो पहले से ही सांस संबंधी किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें सफोकेशन यानी दम घुटने की दिक्कत महसूस होने लगती है।

जो बच्चे कुत्तों के संपर्क में खासकर फीमेल डॉग के संपर्क में रहकर बड़े होते हैं, उनमें उन बच्चों की तुलना में दमा का खतरा 15 से 16 फीसदी तक कम होता है जो कुत्तों के संपर्क के बिना बढ़ते हैं।

अस्थमा से पीडि़त बच्चाेें के लिए जरूरी है आसपास बेहतर माहौल बनाए रखना।

एक अध्ययन के मुताबिक घास पराग के मौसम में पैदा हुए शिशुओं को अस्थमा जैसी श्वसन रोगों के जोखिम की संभावना अधिक होती है।

बच्चों में अस्थमा के 90 फीसदी तथा वयस्कों में 50 फीसदी मामलों का कारण एलर्जिक रिएक्शन होता है।