रोज कितने अंडे खाने से तेज रहती है याद्दाश्त, जानें अंडा खाने से अल्जाइमर रोग से बचाव संभव या नहीं
65 साल की उम्र के बाद अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ जाता है। एक स्टडी की मानें तो रोज एक अंडा खाने से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
65 साल की उम्र के बाद अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ जाता है। एक स्टडी की मानें तो रोज एक अंडा खाने से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
Causes of Alzheimer's : अल्जाइमर भूलने की ऐसी बीमारी है, जो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होती है। आइए आपको इसके कारण व बचाव के तरीके बताते हैं।
Alzheimer Affects: हम में से कई लोगों को लगता है कि अल्जामर दिमाग की बीमारी तो इससे सिर्फ दिमाग पर ही असर पड़ता होगा। लेकिन नहीं, डॉक्टर ने बताया कि कैसे अल्जाइमर हमारे शरीर को प्रभावित करता है।
Alzheimers Risk in 60+ Peoples: 60 साल के बाद अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में सोचने और समझने की क्षमता कम हो जाती है।
Alzheimer's Treatment: अल्जाइमर का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है। अल्जाइमर रोगी की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है।
World Alzheimer's Day 2025: अगर आपके घर में कोई अल्जाइमर रोगी है, तो आप डॉक्टर के बताई इन टिप्स की मदद से उनका ध्यान रख सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Alzheimer's in women: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अल्जाइमर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो काफी चिंता का विषय बनता जा है। इस लेख में एक्सपर्ट्स ने बताया अल्जाइमर का खतरा क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे कंट्रोल करें।
World Alzheimer's Day 2024: यदि आपको याददाश्त संबंधित कोई समस्या है, तो अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। आइए, जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से -
World Alzheimer's Day 2022: अल्जाइमर और डिमेंशिया को समझने के लिए उसके लक्षणों को जानना जरूरी होता है, यह दोनों ही बीमारी एक जैसी लगती हैं, मगर इनमें कई असमानताएं हैं।
World Alzheimer's Day 2022: अल्जाइमर रोग के कारण कई हो सकते हैं। जिसमें कि शरीर में कुछ विटामिन की कमी समेत बढ़ती उम्र और कुछ बीमारियां तक शामिल हो सकती हैं।
शोध के मुताबिक, 35 की उम्र में अगर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ग्लूकोज लेवल को नजरंदाज कर रहे हैं तो यह अल्जाइमर बीमारी का कारण बन सकता है.
''विश्व अल्जाइमर दिवस'' (World Alzheimer’s Day 2021) पर जानें कौन से खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाने से आप अल्जाइमर डिजीज से बचे रह सकते हैं।
डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 सेकेंड में दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित हैं और आने वाले 10 सालों में इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है।
World Alzheimer’s Day 2021: आज (21 सितंबर) 'वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे' है। अल्जाइमर डिजीज मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है। यदि आप नहीं चाहते कि कम उम्र में ही आपको ये भूलने की बीमारी हो, तो नियमित रूप से इन 2 योगासन का अभ्यास करना शुरू कर दें।
संगीत से निकलने वाली तरंगे हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय रखती हैं। बांसुरी, हारमोनियम, गिटार, माउथ ऑर्गन आप कुछ भी बजाना शुरू कर सकते हैं। सीखने के लिए इससे बेहतर उम्र कोई नहीं होगी।
Side Effects of Chicken: नॉनवेज आइटम में अधिकतर लोगों को चिकन खाना बहुत पसंद होता है। पर क्या आप जानते हैं कि मुर्गे (चिकन) का अधिक सेवन आपको क्या-क्या रोग दे सकता है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने और नशा करने की आदत छोड़ने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। कई बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ ही बुज़ुर्गों के शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है। इसीलिए इस बीमारी की चपेट में आने से लोगों को बचाने और जागरूकता फैलाने के लिहाज से प्रति वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स दिवस(World Alzheimer's Day) मनाया जाता है।
ब्रेन एक्सपर्ट का मानना है कि इससे आपको ब्रेन को सजग और सतर्क रखने में मदद मिलती है। आप अपने आसपास की चीजों के प्रति ज्या दा सतर्क और सजग हो जाते हैं। उन्हें याद रखने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है।
सिर्फ बुजुर्गों ही नहीं नौकरीपेशा अधेड़ उम्र लोगों को भी मेमोरी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए विशेषज्ञ ध्यान के अभ्यास की सलाह देते हैं।
प्रीक्लिनिकल शोध को जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड एक्सपेरीमेंटल थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित किया गया है। इसमें पाया गया है कि दवा-बीपीएन14770-अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है।
हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि अल्जाइमर के एन्जाइम की गतिशीलता को रोकने में पीपल काफी मददगार हो सकता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं।
नींद न पूरी होने से सिर्फ मस्तिष्क ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नींद न पूरी होने से आप फ्रेश महसूस नहीं करतीं। दिमाग रिलैक्स नहीं होने के कारण आपको थकान महसूस होती है, बॉडी पेन होता है, किसी भी काम पर फोकस करने में दिक्कत होती है।
अभी अल्जाइमर बीमारी के बारे में मस्तिष्क के स्कैन और सेरीब्रोस्पाइनल तरल के परीक्षण से पता लगाया जाता है, यह तरल मेरूदंड में सूई डाल कर निकाला जाता है।
65 साल की उम्र के बाद अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ जाता है। एक स्टडी की मानें तो रोज एक अंडा खाने से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
Causes of Alzheimer's : अल्जाइमर भूलने की ऐसी बीमारी है, जो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होती है। आइए आपको इसके कारण व बचाव के तरीके बताते हैं।
Alzheimers Risk in 60+ Peoples: 60 साल के बाद अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में सोचने और समझने की क्षमता कम हो जाती है।
Alzheimer's Treatment: अल्जाइमर का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है। अल्जाइमर रोगी की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है।
World Alzheimer's Day 2025: अगर आपके घर में कोई अल्जाइमर रोगी है, तो आप डॉक्टर के बताई इन टिप्स की मदद से उनका ध्यान रख सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Alzheimer's in women: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अल्जाइमर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो काफी चिंता का विषय बनता जा है। इस लेख में एक्सपर्ट्स ने बताया अल्जाइमर का खतरा क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे कंट्रोल करें।
World Alzheimer's Day 2024: यदि आपको याददाश्त संबंधित कोई समस्या है, तो अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। आइए, जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से -
World Alzheimer's Day 2022: अल्जाइमर और डिमेंशिया को समझने के लिए उसके लक्षणों को जानना जरूरी होता है, यह दोनों ही बीमारी एक जैसी लगती हैं, मगर इनमें कई असमानताएं हैं।
World Alzheimer's Day 2022: अल्जाइमर रोग के कारण कई हो सकते हैं। जिसमें कि शरीर में कुछ विटामिन की कमी समेत बढ़ती उम्र और कुछ बीमारियां तक शामिल हो सकती हैं।
शोध के मुताबिक, 35 की उम्र में अगर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ग्लूकोज लेवल को नजरंदाज कर रहे हैं तो यह अल्जाइमर बीमारी का कारण बन सकता है.
''विश्व अल्जाइमर दिवस'' (World Alzheimer’s Day 2021) पर जानें कौन से खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाने से आप अल्जाइमर डिजीज से बचे रह सकते हैं।
डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 सेकेंड में दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित हैं और आने वाले 10 सालों में इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है।
World Alzheimer’s Day 2021: आज (21 सितंबर) 'वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे' है। अल्जाइमर डिजीज मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है। यदि आप नहीं चाहते कि कम उम्र में ही आपको ये भूलने की बीमारी हो, तो नियमित रूप से इन 2 योगासन का अभ्यास करना शुरू कर दें।
संगीत से निकलने वाली तरंगे हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय रखती हैं। बांसुरी, हारमोनियम, गिटार, माउथ ऑर्गन आप कुछ भी बजाना शुरू कर सकते हैं। सीखने के लिए इससे बेहतर उम्र कोई नहीं होगी।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने और नशा करने की आदत छोड़ने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। कई बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ ही बुज़ुर्गों के शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है। इसीलिए इस बीमारी की चपेट में आने से लोगों को बचाने और जागरूकता फैलाने के लिहाज से प्रति वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स दिवस(World Alzheimer's Day) मनाया जाता है।
सिर्फ बुजुर्गों ही नहीं नौकरीपेशा अधेड़ उम्र लोगों को भी मेमोरी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए विशेषज्ञ ध्यान के अभ्यास की सलाह देते हैं।
प्रीक्लिनिकल शोध को जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड एक्सपेरीमेंटल थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित किया गया है। इसमें पाया गया है कि दवा-बीपीएन14770-अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है।
हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि अल्जाइमर के एन्जाइम की गतिशीलता को रोकने में पीपल काफी मददगार हो सकता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं।
नींद न पूरी होने से सिर्फ मस्तिष्क ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नींद न पूरी होने से आप फ्रेश महसूस नहीं करतीं। दिमाग रिलैक्स नहीं होने के कारण आपको थकान महसूस होती है, बॉडी पेन होता है, किसी भी काम पर फोकस करने में दिक्कत होती है।
अभी अल्जाइमर बीमारी के बारे में मस्तिष्क के स्कैन और सेरीब्रोस्पाइनल तरल के परीक्षण से पता लगाया जाता है, यह तरल मेरूदंड में सूई डाल कर निकाला जाता है।
उम्र बढ़ने के साथ दिमाग भी कमजोर होने लगता है। कुछ लोगों को अल्जाइमर की परेशानी भी हो जाती है।
नवंबर महीने में मनाये जाने वाले इस विशेष कार्यक्रम के बारे में हेल्थ के क्षेत्र में काम करने वालों को जरूर जानना चाहिए।
रोजाना का खान-पान और रहन-सहन का असर इंसान की सेहत पर सीधा पड़ता है। हाल ही में आयी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अल्जाइमर रोग की संभावना तेजी से बढ़ रही है।
Alzheimer Affects: हम में से कई लोगों को लगता है कि अल्जामर दिमाग की बीमारी तो इससे सिर्फ दिमाग पर ही असर पड़ता होगा। लेकिन नहीं, डॉक्टर ने बताया कि कैसे अल्जाइमर हमारे शरीर को प्रभावित करता है।
Side Effects of Chicken: नॉनवेज आइटम में अधिकतर लोगों को चिकन खाना बहुत पसंद होता है। पर क्या आप जानते हैं कि मुर्गे (चिकन) का अधिक सेवन आपको क्या-क्या रोग दे सकता है?
ब्रेन एक्सपर्ट का मानना है कि इससे आपको ब्रेन को सजग और सतर्क रखने में मदद मिलती है। आप अपने आसपास की चीजों के प्रति ज्या दा सतर्क और सजग हो जाते हैं। उन्हें याद रखने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है।
आंकड़ों की बात करें तो दुनिया में हर 4 सेकेंड में किसी न किसी को अल्जाइमर होने का पता चलता है।