जानें Pregnancy में होने वाले बच्चे पर कैसे बुरा असर डाल सकती है Alcohol, Watch Video
रिसर्च के मुताबिक पाया गया की प्रेग्नेंसी के दौरान शराब का सेवन भ्रूण मे कई विकार पैदा कर सकता है जिसे फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर कहते हैं।
रिसर्च के मुताबिक पाया गया की प्रेग्नेंसी के दौरान शराब का सेवन भ्रूण मे कई विकार पैदा कर सकता है जिसे फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर कहते हैं।
क्या आप रोशनी के त्योहार दिवाली में भी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं? यदि हां, तो बेहतर है कि आप त्योहारों में सीमित मात्रा में जैसे एक या दो पैग ही एल्कोहल का सेवन करें वरना सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
यदि आपको भी हर दिन एल्कोहल के सेवन की लत लगी हुई है, तो साइंस के अनुसार, इसके शरीर पर होने वाले इन 5 बड़े नुकसानों (Side Effects of Alchohol) को भी जरूर जान लें....
बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपनी शराब की लत से छुटकारा पा लिया है, वे अपने फैंस को सलाह देती हैं कि अपने भीतर के शैतान को मारना इतना भी मुश्किल नहीं है।
अतिरिक्त शराब का सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्राव को कम कर देती है। टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो पुरुषों में यौन क्षमता को बढ़ाता है।
भारतीय मूल की एक वैज्ञानिक ने सेकंड हैंड ड्रिंकिंग के खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह बताया कि लगभग 5 करोड़ 30 लाख लोग सेकंड हैंड ड्रिंकिंग के शिकार हैं।
लंबे समय तक लगातार शराब का सेवन करने वाले लोगों में भी भयंकर अवसाद और अन्य मानसिक परेशानियां देखने में आती हैं। 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अगर आप अपनी सेहत से कोई वादा करना चाहते हैं, तो आपको शराब आज ही छोड़ देनी चाहिए।
लगातार शराब पीने से शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ मुंह के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचता है, जिसके कई गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं।
हालांकि ये अवस्था 5 से 15 सेकेंड तक रहती है। इसमें दिमाग तो एक्टिव रहता है और सब कुछ देख सकता है, इसकी वजह तनाव और शराब भी हो सकती है।
कैफीन और चॉकलेट उन मुख्य कारणों में से एक है जिसकी वजह से पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है। कैफीन मल को ढीला कर सकता है, जिसकी वजह से दस्त की समस्या और बढ़ सकती है।
एक मानसिक स्वास्थ्य चिंता तब एक दिमागी बीमारी बन जाती है, जब दिखने वाले संकेत और लक्षण लगातार तनाव पैदा करते हैं और कार्य करने की आपकी क्षमता को प्रभावित करते हैं।
एल्कोहल को भले ही आप अपनी खुशी का साथी मानते हों, पर गम का साथी भी तो यही है ना! यह सीधे आपके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और उसकी गति को धीमा कर देता है!
एक शोध के अनुसार, डायट्री फैट और सैचुरेटेड फैट जैसी चीजें अधिक खाने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाएं जो कुछ भी खाती हैं, उसका सीधा असर उनके शिशु के जीवन पर पड़ता है इसलिए कोशिश करें की अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा सेहतमंद खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
अमेरिका के व्हाइट हाउस से जारी इस सूची में उन देशों का नाम नजर नहीं आया जो मादक पदार्थों के पारगमन में हैं शामिल।
दिमाग की व्यवहार संबंधी कोशिकाओं के प्रभावित होने से होता है ऐसा।
क्या आप रोशनी के त्योहार दिवाली में भी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं? यदि हां, तो बेहतर है कि आप त्योहारों में सीमित मात्रा में जैसे एक या दो पैग ही एल्कोहल का सेवन करें वरना सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
यदि आपको भी हर दिन एल्कोहल के सेवन की लत लगी हुई है, तो साइंस के अनुसार, इसके शरीर पर होने वाले इन 5 बड़े नुकसानों (Side Effects of Alchohol) को भी जरूर जान लें....
बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपनी शराब की लत से छुटकारा पा लिया है, वे अपने फैंस को सलाह देती हैं कि अपने भीतर के शैतान को मारना इतना भी मुश्किल नहीं है।
अतिरिक्त शराब का सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्राव को कम कर देती है। टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो पुरुषों में यौन क्षमता को बढ़ाता है।
भारतीय मूल की एक वैज्ञानिक ने सेकंड हैंड ड्रिंकिंग के खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह बताया कि लगभग 5 करोड़ 30 लाख लोग सेकंड हैंड ड्रिंकिंग के शिकार हैं।
लंबे समय तक लगातार शराब का सेवन करने वाले लोगों में भी भयंकर अवसाद और अन्य मानसिक परेशानियां देखने में आती हैं। 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अगर आप अपनी सेहत से कोई वादा करना चाहते हैं, तो आपको शराब आज ही छोड़ देनी चाहिए।
लगातार शराब पीने से शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ मुंह के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचता है, जिसके कई गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं।
हालांकि ये अवस्था 5 से 15 सेकेंड तक रहती है। इसमें दिमाग तो एक्टिव रहता है और सब कुछ देख सकता है, इसकी वजह तनाव और शराब भी हो सकती है।
कैफीन और चॉकलेट उन मुख्य कारणों में से एक है जिसकी वजह से पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है। कैफीन मल को ढीला कर सकता है, जिसकी वजह से दस्त की समस्या और बढ़ सकती है।
एक मानसिक स्वास्थ्य चिंता तब एक दिमागी बीमारी बन जाती है, जब दिखने वाले संकेत और लक्षण लगातार तनाव पैदा करते हैं और कार्य करने की आपकी क्षमता को प्रभावित करते हैं।
एल्कोहल को भले ही आप अपनी खुशी का साथी मानते हों, पर गम का साथी भी तो यही है ना! यह सीधे आपके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और उसकी गति को धीमा कर देता है!
एक शोध के अनुसार, डायट्री फैट और सैचुरेटेड फैट जैसी चीजें अधिक खाने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाएं जो कुछ भी खाती हैं, उसका सीधा असर उनके शिशु के जीवन पर पड़ता है इसलिए कोशिश करें की अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा सेहतमंद खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
अमेरिका के व्हाइट हाउस से जारी इस सूची में उन देशों का नाम नजर नहीं आया जो मादक पदार्थों के पारगमन में हैं शामिल।
दिमाग की व्यवहार संबंधी कोशिकाओं के प्रभावित होने से होता है ऐसा।
रिसर्च के मुताबिक पाया गया की प्रेग्नेंसी के दौरान शराब का सेवन भ्रूण मे कई विकार पैदा कर सकता है जिसे फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर कहते हैं।