स्वाइन फ्लू और जुकाम में अंतर कैसे करना चाहिए, क्या आप जानते हैं ?
जुकाम व स्वाइन फ्लू के लक्षण लगभग एक जैसे है लेकिन कुछ ऐसे लक्षण भी है जो दोनों की पहचान कराते हैं। इसीलिए लोगों को जुकाम होने पर डरना नहीं चाहिए।
सर्दी के मौसम में अब लोगों को स्वाइन फ्लू का डर सताने लगता है। साधारण जुकाम होने पर ही लोग स्वयं को स्वाइन फ्लू से पीड़ित मान परेशान हो जाते हैं, जबकि जुकाम होना स्वाइन फ्लू नहीं है।
जुकाम व स्वाइन फ्लू के लक्षण लगभग एक जैसे है लेकिन कुछ ऐसे लक्षण भी है जो दोनों की पहचान कराते हैं। इसीलिए लोगों को जुकाम होने पर डरना नहीं चाहिए। किसी भी स्थिति में 5-6 दिन में आप पहचान नहीं कर सकते। इसलिए डाक्टर को दिखना ही एक मात्र बेहतर तरीका है।
जुकाम की पहचान
सर्दी-जुकाम के समय पहले गले में खराश पैदा होती है और जलन होती है। नाक बंद हो जाती है या बहने लगती है। रोगी को बार-बार छींकना लगता है। हलका बुखार भी आ जाता है। सामान्य लोगों में आमतौर पर सात दिनों के बाद जुकाम दूर हो जाता है, लेकिन यह स्वाइन फ्लू नहीं है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
गला खराब होना
जुकाम होना
नार्मल कोल्ड होना
आंखों में दर्द व पानी आना
सिर दर्द करना
खांसी होना
मांसपेसियों में दर्द होना
आंखे लाल होना
जी मचलाना
बचाव
इस वायरस से संक्रमण व्यक्ति का खांसना और छींकना या ऐसे उपकरणों का स्पर्श करना जो दूसरों के संपर्क में भी आता है, उन्हें भी संक्रमित कर सकता है। जो संक्रमित नहीं है वे भी दरवाजा के हैंडल, टेलीफोन के रिसीवर या टॉयलेट के नल के स्पर्श के बाद स्वयं की नाक पर हाथ लगाने भर से संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतें।
सावधानियां
सामान्य एन्फ्लूएंजा के दौरान रखी जाने वाली सभी सावधानियां इस वायरस के संक्रमण के दौरान भी रखी जानी चाहिए। जैसे बार-बार अपने हाथों को साबुन से धोना जरूरी होता है जो वायरस का खात्मा कर देते हैं। नाक और मुंह को हमेशा माक्स पहन कर रखना।