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Written By: Anshumala | Updated : April 12, 2020 1:05 AM IST
Lockdown and Stress : होम क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों में बढ़ते तनाव को दूर करने के उपाय।
कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण देश भर में हुए लॉकडाउन (Lockdown in india) से लोग किसी ना किसी रूप में प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों के परिवार के सदस्य एक-दूसरे से दूर रहने पर मजबूर हो गए हैं। अचानक हुए लॉकडाउन (Coronavirus lockdown) के कारण जो जहां था, वहीं फंस कर रह गया है। कुछ लोग अपने पेरेंट्स से दूर हैं, तो कोई अपने बीवी-बच्चों से दूर अपने घर में अकेला रह रहा है। ऐसे में कई लोग तनाव, अकेलापन, एंग्जाइटी आदि के शिकार भी हो रहे हैं। कुछ लोगों की आत्महत्या (suicide in lockdown) करने की भी खबरें आ रही हैं। कोई लॉकडाउन के कारण आए आर्थिक तंगी से सुसाइड कर रहा है, तो कोई अपनी बीवी के वियोग और दूरी को बर्दाश्त न कर पाने के कारण आत्महत्या कर रहा है। कुछ संदिग्ध कोविड-19 पॉजिटिव आने के डर से आत्महत्या (suicide in lockdown in hindi) कर चुके हैं। जो लोग होम क्वारंटाइन (home quarantine) में हैं, उन्हें भी आस-पड़ोस के लोग शंका की नजर से देख रहे हैं, जिससे ऐसे लोगों में तनाव लेवल बहुत बढ़ रहा है।
जो लोग होम क्वारंटाइन (home quarantine stigma) में रह रहे हैं, उनके साथ भी आस-पड़ोस के लोग बुरा व्यवहार कर रहे हैं। उनसे मिलने-जुलने से बच रहे हैं। उन्हें शंका की नजर से देख रहे हैं। उन्हें घर के अंदर रहने के लिए बोल रहे हैं, जबकि ये सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन सही तरीके से कर रहे हैं, लोगों की भलाई का ही सोच रहे हैं। ऐसे में होम क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों के अंदर भी तनाव और मानसिक परेशानियां (Home Quarantine and Stress) बढ़ सकती हैं। उनका मनोबल और धैर्य टूट सकता है। आज कोविड-19 के कारण हर एक व्यक्ति किसी ना किसी रूप से परेशान हैं, फिर चाहे वह कोविड-19 संक्रमित हो, होम क्वारंटाइन में रहने वाला व्यक्ति हो, कोई कोरोना संदिग्ध हो या फिर लॉकडाउन में घर के अंदर रहने वाला कोई इंसान हो। ऐसे में सभी का मनोबल बढ़ाना जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति गलत कदम ना उठाए।
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यदि आपको लगता है कि आपके घर का कोई सदस्य होम क्वारंटाइन में है, लेकिन उसके साथ बाहर के लोग बुरा बर्ताव कर रहे हैं, तो आप उन्हें समझाएं कि वो कोविड-19 से संक्रमित नहीं है। समाज में रह रहे लोगों की भलाई के लिए ही वह होम क्वारंटाइन में है। आपको लगता है कि आपके घर का वह सदस्य अपने प्रति इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है, तो आप उनका मनोबल बढ़ाएं। उनका सहारा बनें। उन्हें खुश रखने के कोशिश करें। हो सके तो किसी मनोचिकित्सक या काउंसलर की फोन पर सलाह ले लें।
जो लोग होम क्वारंटाइन में हैं या आइसोलेशन सेंटर में हैं, उनकी काउंसलिंग होनी चाहिए, ताकि उनके अंदर व्याप्त चिंता, डर, तनाव, उदासी, आशंकाएं, बेचैनी आदि को दूर किया जा सके। इन मानसिक समस्याओं का निदान जितनी जल्दी किया जाए, वो इस रोग का सामना पूरे आत्मविश्वास और सकारात्मक तरीके से कर सकेंगे। ऐसा करने से वो जल्दी स्वस्थ भी हो सकते हैं, शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप में।
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