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Written By: Anshumala | Updated : August 27, 2019 9:03 AM IST
पॉप गायक जस्टिन बीबर ने तनाव से निपटने के टिप्स साझा किए। © instagram/justinbieber
कनाडा के पॉप गायक जस्टिन बीबर (Justin Bieber) ने तनाव व चिंता से निपटने के लिए कुछ टिप्स साझा किए हैं। 'बेबी' गाने के गायक ने फरवरी में अवसाद से निपटने के लिए उपचार कराया था और इस सप्ताहांत उन्होंने इंस्टाग्राम (Justin Bieber stress tips on instagram) स्टोरी पर अपनी दादी से मिले संदेश को साझा किया, जो तनाव और चिंता से निपटने के बारे में (Justin Bieber) है।
जस्टिन बीबर (Justin Bieber stress problem) ने पोस्ट को कैप्शन दिया, "मेरी दादी ने मेरे साथ यह साझा किया। यदि यह आपकी मदद करता है तो साझा करें।"
पोस्ट में उल्लेख किया गया है, "तनाव से निपटने के सुझाव। अपने चारों ओर देखें। पांच चीजें खोजें जिन्हें आप देख सकते हैं, चार चीजें खोजें जिन्हें आप छू सकते हैं, तीन चीजें जो आप सुन सकते हैं, दो चीजें जिन्हें आप सूंघ सकते हैं, और एक चीज जिसका आप स्वाद ले सकते हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "इसे ग्राउंडिंग कहा जाता है। यह तब मदद कर सकता है जब आप महसूस करते हैं कि अपने आसपास की चीजों पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है। कृपया फिर से पोस्ट करें, यह वास्तव में किसी की जरूरत में मदद कर सकता है।"
25 वर्षीय गायक सोशल मीडिया पर अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में मुखर रहे हैं और इससे पहले डर और चिंता को जीतने नहीं देने के बारे में एक सशक्त संदेश साझा किया था।
बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण आज लोगों में तनाव हद से ज्यादा देखा जा रहा है। तनाव, असुरक्षा और चिंता से अधिक दिनों तक ग्रस्त रहने से आपकी मानसिक शांति खोने लगती है। इससे उच्च और निम्न रक्तचाप, दिल की बीमारियां, मधुमेह, मानसिक असंतुलन जैसी बीमारियां होने लगती हैं।
तनाव से ग्रस्त होने पर नींद सबसे पहले प्रभावित होती है। जब इससे लड़ने के लिए मस्तिष्क में मौजूद सिंपेथेटिक नर्व ट्रांस्मीटर्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं, तो इससे व्यक्ति को नींद न आने की बीमारी हो जाती है।
तनाव के कारण शरीर की ब्लड वेसेल्स सिकुड़ने लगती है। दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। कई बार रक्त प्रवाह काफी तेज हो जाता है। इसी कारण से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। ब्लड प्रेशर को समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो इससे दिल की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
तनाव के कारण कई बार डायबिटीज की समस्या भी हो जाती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शुगर को ग्लूकोज में परिवर्तित करने वाले आवश्यक हार्मोन इंसुलिन के सिक्रेशन में रुकावट आती है, जिससे ब्लड में शुगर लेवल बढ़ जाता है।
तनाव से जब कोई व्यक्ति पीड़ित होता है, तो सांसों की गति भी काफी तेज हो जाती है। इससे कई बार व्यक्ति में अस्थमा के लक्षण भी नजर आने लगते हैं। अस्थमा पहले से है तो यह बीमारी और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
जब स्थितियां प्रतिकूल होती हैं, तो मस्तिष्क को एडजस्ट करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे व्यक्ति को तनाव होता है। तनाव से लड़ने के लिए मस्तिष्क से कुछ खास तरह के केमिकल्स का सिक्रेशन होता है, जिससे उसकी नर्व्स सिकुड़ जाती हैं। इससे व्यक्ति को अस्थायी लेकिन तेज सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
तनाव अधिक बढ़ जाने से शरीर में हार्मोन संबंधी असंतुलन पैदा होता है। इससे महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता, पुरुषों में प्रीमैच्योर इजेक्युलेशन के अलावा सेक्स के प्रति अनिच्छा जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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इनपुट : (आईएएनएस हिंदी)