क्या सोवा रिग्पा जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धति आज की मॉडर्न बीमारियों का इलाज कर सकती है

Sowa Rigpa: पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से सोवा रिग्पा भी एक है, जिसकी मदद से अंदरूनी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। इस लेख में जानें क्या है सोवा रिग्पा और यह आजकल की बीमारियों का इलाज करने में कितना प्रभावी है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : May 3, 2024 5:20 PM IST

Sowa Rigpa For modern health issues: आज के समय में भी कई प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां हैं, जो मॉडर्न मेडिसिन सिस्मट को टक्कर दे रही हैं। पहले के समय में लोग पूरी तरह से इस पर निर्भर होते थे। लेकिन अब मॉडर्न समय आ गया है और ज्यादातर लोग मॉडर्न मेडिसिन का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह भी सच है जब बात किसी पुरानी बीमारी को जड़ से खत्म करने की आती है या फिर उपचार से होने वाली साइड इफेक्ट्स की बात आती है, तो हमेशा पुरानी चिकित्सा पद्धतियों पर ही भरोसा करती हैं। माना कि प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां मरीज पर देरी से असर करती थी, लेकिन मरीज उस बीमारी से हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो जाया करता था। इसलिए आज भी कई लोग अंग्रेजी दवाइयों और पद्धतियों की जगह आयुर्वेदिक पद्धतियों को अपनाते हैं। ऐसी ही एक प्राचीन पद्धति है 'सोवा रिग्पा'। 'सोवा रिग्पा' क्या है और क्या यह आज के आधुनिक समय में भी उपयोगी है जानते हैं इस आर्टिकल के माध्यम से।

क्या है 'सोवा रिग्पा'

सोवा-रिग्पा एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है, जो कि 2500 से अधिक वर्षों से दुनिया की सबसे पुरानी जीवित और अच्छी तरह से प्रमाणित चिकित्सा परंपराओं में से एक है। यह लोकप्रिय चिकित्सा प्रणाली लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और दार्जिलिंग में काफी प्रचलित है। सोवा-रिग्पा शब्द का अर्थ है, हीलिंग ऑफ नॉलेज। सोवा-रिग्पा को हमारे आयुर्वेदिक दर्शन के समान ही माना जाता है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि 75 प्रतिशत से अधिक सोवा-रिग्पा परीक्षण आयुर्वेद के अष्टांग हृदय से प्राप्त किए गए हैं। साथ ही आयुर्वेद में वर्णित भारतीय मूल की कई दवाएं जैसे अश्वगंधा, गुग्गुल, त्रिफला, अशोक, हरिद्रा, आदि का उपयोग सोवा-रिग्पा प्रणाली में उपचार के लिए किया जाता है। सोवा रिग्पा से इलाज सोवा रिग्पा में रोग का उपचार भी काफी हद तक एलोपैथी पद्धति के रूप में किया जाता है।

वहीं रोगी के रोग के अनुसार ही इसका निदान किया जाता है। जिसमें लाइफस्टाइल में बदलाव, कुछ चीजों से परहेज, प्राकृतिक औषधीय दवाइयां और थेरेपी शामिल होती हैं। सोवा रिग्पा में कई ऐसी थेरेपी का उपयोग होता है, जो काफी प्रभावी होती है और जिनका असर लंबा रहता है। सोवा रिग्पा की थेरेपी में आमतौर पर कून्ये मसाज, एक्यूपंक्चर, मॉक्सिबस्चिन, कंप्रैस (सिकाई), औषधि स्नान और अन्य कई थेरेपी से इलाज किया जाता है। साथ ही इसमें आध्यात्मिक उपचार तकनीकों को भी शामिल किया जाता है, जिनमें योगासन, मंत्र उच्चारण, श्वसन प्रक्रिया और ध्यान लगाना (मेडिटेशन) आदि। यह सभी प्रक्रियाएं शरीर को संतुलन बनाए रखने और मन व दिमाग को शांति देने का काम करती हैं। वह इस पद्धति में जो परहेज करने को कहा जाता है, उससे व्यक्ति लंबे समय तक बीमारी से दूर रहता है।

कैसे काम करती है ये पद्धति

आज भी वो समय नहीं आया है, जो हमारी पुरानी परंपराओं और पद्धतियों को नकार सकें। ऐसा ही है सोवा रिग्पा थेरेपी के साथ। पिछले कुछ सालों में भारत समेत कई राज्यों में सोवा रिग्पा का महत्व काफी बढ़ा है। कई देशों में शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों, अस्पतालों और फार्मेसियों में इसे अपनाया जा रहा है। भारत में धर्मशाला और लद्दाख सोवा रिग्पा के संस्थान का मुख्य केंद्र है, जहां दूर-दूर से लोग यह इलाज लेने जाते हैं।

मॉडर्न बीमारियों का इलाज

सोवा रिग्पा में बीमारियों का इलाज करने की पद्धति आजकल के मॉडर्न ट्रीटमेंट से पूरी तरह से अलग है। कुछ प्रकार की बीमारियां हैं जिनका इलाज सोवा रिग्पा की मदद से किया जाता है। जबकि इस प्राचीन पद्धति के कुछ प्रैक्टिशनर्स मानते हैं कि सोवा रिग्पा में कुछ उन बीमारियों का इलाज भी जड़ से किया जा सकता है, जिसका इलाज मॉडर्न मेडिसिन सिस्टम में उपलब्ध भी नहीं है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source