Sinusitis : साइनस से हाल है बेहाल, पिएं तुलसी का काढ़ा जल्द मिलेगा आराम

साइनस से छुटकारा पाने की कई दवाइयां हैं, पर बेहतर होगा कि आप कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर देखें। तुलसी के पत्तों (Tulsi kadha benefits) से आप साइनस के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

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Written By: Anshumala | Published : December 2, 2019 6:59 PM IST

क्या आपके चेहरे और सिर में बार-बार हल्की टीस उठती है, झुनझुनी होती है या फिर गर्दन घुमाते हुए बहुत दर्द होता है? यदि हां, तो आपको साइनसाइटिस (sinusitis) रोग है। सर्दियों में अक्सर लोगों को साइनसाइटिस की समस्या परेशान करती है। साइनसाइटिस की वजह है चेहरे की हड्डियों में मौजूद खोखले हिस्सों के ऊपर (भंवों, गाल और जबड़ों के ठीक ऊपर- इसे साइनस कहते हैं) म्युकस झिल्ली में होने वाली सूजन। म्युकस झिल्ली का काम है अपने आस-पास नमी बनाए रखना और किसी भी बाहरी तत्व जैसे धूल या संक्रमण से बचाना। साइनस (Sinus treatment) से छुटकारा पाने की कई दवाइयां हैं, पर बेहतर होगा कि आप कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर देखें। तुलसी के पत्तों (Tulsi kadha benefits) से आप साइनस के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

साइनसाइटिस में कैसे है तुलसी कारगर

तुलसी में कमाल की कफ कम करने की क्षमता, सीने से बलगम निकालने वाले गुण, जीवाणुरोधी और फंगलरोधी क्षमता होती है। यह इम्युन सिस्टम को मजबूत करके शरीर को संक्रमण से लड़ने की क्षमता देता है। कैम्फेन, एजिनॉल और सिनेऑल जैसे असरदायक घटकों से भरपूर तुलसी खून के रक्तप्रवाह को ठीक करती है। सूजन दूर करती है। एलर्जिक तत्वों से लड़ती है। इन सबके अलावा, इसमें थोड़ा ठंडापन भी होता है, जो साइनसाइटिस से जुड़े दर्द (Tulsi kadha benefits in sinus) को दूर करने में प्राकृतिक रूप से कारगर है।

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कैसे करें तुलसी का उपयोग

तुलसी का काढ़ा आप खुद से घर पर बनाकर पी सकते हैं। ये काफी हद तक साइनसाइटिस के लक्षणों (sinusitis symptoms) को कम करता है। इसके दस पत्ते लें। उन्हें अच्छी तरह धोएं। इसे काली मिर्च के दस दानों और अदरक के छोटे टुकड़े के साथ मिलाएं। इन सारी चीजों को पीस कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को 250 एमएल पानी के साथ मिलाकर उबालें। इसे तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न हो जाए। अब इसे छान लें। इसे ऐसे ही पी सकते हैं या फिर हल्का सा शक्कर मिला लें। इस हर्बल टी या काढ़े को गर्म पीना ही फायदेमंद होगा। हर दिन सुबह खाली पेट इसे पिएं। अगर साइनसाटिस से आप अधिक परेशान हैं, तो दिन में दो-तीन बार इस काढ़े का सेवन करें।

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