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प्रेगनेंसी में भी लें सेक्स का मजा, लेकिन जरा संभलकर !

जैसे-जैसे प्रेगनेंसी के दिन अधिक होते जाते हैं वूमेन ऑन टॉप पोजिशन या साइड-लाइंग अवस्था अधिक आरामदायक होता है।

अकसर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं सेक्स करने से घबराती हैं। दरअसल, इसके पीछे उनके मन में एक डर और संकोच बैठ जाता है। इस बात का डर की कहीं गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान न पुहंच जाए। सच बात तो यह है कि कई कारणों से भी प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स सुखद या आनंददायक हो सकता है। हालांकि, इस विषय में डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक कोई परेशानी नहीं, तब तक सेक्स करना कोई दिक्कत की बात नहीं।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति सिंह के अनुसार, प्रेगनेंसी में सेक्स करना कोई दिक्कत या डर की बात नहीं बशर्ते की प्रेगनेंट लेडी को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो। हां, पहले तीन महीने (फर्स्ट ट्राइमेस्टर) हम जरूर मना करते हैं। लास्ट ट्राइमेस्टर भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि पेट भी काफी निकल चुका होता है और जरा सी भी गलती होने पर चोट पहुंच सकती है। सेकेंड ट्राइमेस्टर पूरी तरह सुरक्षित है। उन महिलाओं को प्रेगनेंसी में सेक्स करने से बचना चाहिए जिन्हें दर्द होता हो, यूरिनरी इंफेक्शन हो, प्लेसेंटा नीचे हो या फिर पहले से ही गर्भ धारण में कोई दिक्कत आ रही हो।

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प्रेगनेंसी के दौरान सेक्सुअल प्रैक्टिस कई बातों पर निर्भर करती है-

1 सेक्स के बारे में आपका पिछला अनुभव कैसा था। पार्टनर कितना तैयार है प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के लिए। क्या वह कंफर्टेबल महसूस करता है।

2 प्रेगनेंसी के दौरान आपकी शारीरिक स्थिति कैसी है।

3 प्रेगनेंसी का भावनात्मक पहलू।

4 प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना कैसे और क्यों सुखदायक होता है।

क्या सोचते हैं पुरुष

गर्भावस्था में शरीर के साथ-साथ आपकी सोच में भी बदलाव अनियंत्रित रूप से होता है। महिलाएं इस दौरान असुखद, बेचैन या आराम महसूस नहीं करतीं। दूसरी तरफ पुरुष की सोच होती है कि प्रेगनेंट शरीर बहुत ही कामोत्तेजक (एरॉटिक) और मनभाऊ या इच्छा करने योग्य (डिजायरेबल) होता है। इसलिए अपने डिफरेंसेज और शरीर के तरफ व्यवहार और कामुकता (सेक्सुऐलिटी) के बारे में बातें करें। सेक्स और सेक्सुऐलिटी के बारे में जो भी आपकी फीलिंग्स और धारणाएं हैं, इन दिनों भी उसकी चर्चा करें। इससे आप अधिक रूप से संतोषप्रद सेक्स लाइफ व्यतीत करेंगी। आपकी इच्छा है, लेकिन साथ ही आपके मन में डर भी है, तो अपने पार्टनर को अपने मन की बात बताएं। सेक्सुअल होने में हो सकता है, वह आपकी मदद कर सके। आप चाहें तो प्यार के दो पल साथ बिताने के लिए एक-दूसरे को अधिक से अधिक गले लगाएं, रिलैक्सिंग बाथ लें, रोमांटिक डिनर पर जाएं, मसाज, आपसी हस्तमैथुन (म्यूचुअल मास्टर्बेशन) जैसी चीजों पर सहमति दिखाएं। गर्भावस्था के हार्मोनल उतार-चढ़ाव भी प्यार करने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं में खास भूमिका निभाते हैं जैसा कि ट्राइमेस्टर में होता है। कई महिलाएं काफी थकान और उल्टी से परेशान रहती हैं कि इस वजह से भी वह सेक्स में रुचि नहीं दिखाती हैं। सेकेंड ट्राइमेस्टर पेट के बढ़ने से अजीब सी खुशी का अहसास कराता है, लेकिन तीसरे ट्राइमेस्टर में भी इच्छाओं में कमी होने लगती है।

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क्रिएटिव बनें

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करते वक्त क्रिएटिविटी आपका कीवर्ड होना चाहिए। कई सेक्स पोजिशन हैं, जो महीने के बढ़ने से आपको आराम महसूस कराते हैं जैसे-

  • आपका पार्टनर के ऊपर होना।
  • स्पूनिंग (पार्टनर का आपके पीछे तरफ होना)।
  • हैंड्स और नीज के बल होकर सेक्स करना।
  • साइड लाइंग, नी ऊपर की तरफ खिंचा होना।

कब नहीं करना चाहिए सेक्स

1 जब आपकी डॉक्टर ने किसी कारण से मना किया हो, तो सेक्स करने से बचें।

2 आपका पहले भी प्रीमैच्योर बर्थ या लेबर का रिकॉर्ड रहा हो।

3 प्लेसेंटा प्रीविया (जहां प्लेसेंटा का हिस्सा सर्विक्स को कवर करता हो) में कोई समस्या होने पर।

4 पानी डिस्चार्ज होने पर सेक्स न करें।

5 ब्लीडिंग होने पर भी इससे बचना चाहिए और अपनी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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कुछ बातें सेफ सेक्स के लिए

1 जैसे-जैसे प्रेगनेंसी के दिन अधिक होते जाते हैं वूमेन ऑन टॉप पोजिशन या साइड-लाइंग अवस्था अधिक आरामदायक होता है।

2  वेजाइना में गहराई से पेनिस को प्रवेश तभी कराने की कोशिश करें, जब आपकी प्रेगनेंट पार्टनर आराम महसूस करे।

4 पानी, हवा या कोई भी सेक्स ट्वॉए का इस्तेमाल सेक्स के दौरान करने से बचें।

5 समझ, क्रिएटिविटी, सहानुभूति और ह्यूमर प्रेगनेंसी के दौरान प्यार व्यक्त करने के लिए सबसे बेहतर होता है।

6 आपकी इच्छा न हो सेक्स करने की तो मना जरूर करें। जबरदस्ती या अनिच्छा की स्थिति में नुकसान आपका ही होगा, इसलिए उनकी भावनाओं को समझते हुए कद्र करें।

7 यदि किसी महिला को प्रीटर्म लेबर के हाई रिस्क होने का खतरा हो तो ऑर्गेज्म,  इंटरकोर्स से तब तक बचना चाहिए, जब तक कि आपकी डॉक्टर यह न कहे कि यह सेफ है।

8 सेक्स से बचें, जब ऐम्निऑटिक फ्लूड का रिसाव हो या फिर इस बात की आशंका भी हो, तो भी बचें।

9 सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज या एचआईवी आप दोनों में से किसी को भी हो तो शारीरिक संबंध बनाने से बचें। चाहें तो कंडोम का प्रयोग करें वरना गर्भ में पल रहे शिशु को खतरा हो सकता है।

चित्रस्रोत:Shutterstock.

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