Advertisement

वो लोग ज्यादा खुशहाल रहते हैं जो अपने लोगों से बीच-बीच में हालचाल लेते रहते हैं - रिसर्च

शोध में यह भी कहा गया कि छोटे-छोटे संवाद से लोगों की समस्या बड़ी नहीं बन पाती और समस्या को पहले ही रोका जा सकता है।

इंसान का सबसे अहम गोल क्या होता है ? हर कोई इस सवाल का जवाब देगा तो यही कहेगा कि खुशहाल जीवन ही इंसान का सबसे अहम उद्देश्य है। हर कोई इस अहम गोल को पाने में अपने-अपने तरीके से प्रयास भी करता है। कभी-कभी तमाम प्रयासों के बावजूद जीवन में तनाव और निरसता का भाव आने लगता है।

कुछ लोगों को आप देखते होंगे तो वह हर प्रकार कि सुविधा होने के बावजूद खुश नहीं रह पाते है। तमाम तरह की जीवन में समस्याओं को वो पाल लेते हैं। साथ रहकर अपने लोगों से एक अलग तरह की दूरी बना लेते हैं। यह सब होते हुए लोग अक्सर चिंता, डिप्रेशन और तनाव का जीवन जीने लगते है।

हाल ही में एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि यदि किसी विषय पर कुछ-कुछ बात होती रहे तो संवाद बना रहता है और लोग खुश रहते हैं। शोध में यह भी कहा गया कि छोटे-छोटे संवाद से लोगों की समस्या बड़ी नहीं बन पाती और समस्या को पहले ही रोका जा सकता है।

Also Read

More News

यह अध्ययन यूनीवर्सिटी ऑफ एरिजोना के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में हुआ। यूनीवर्सिटी के साइकोलॉजी के प्रोफेसर और शोध के सह-लेखक मथाइस मेल के अनुसार " कई बार छोटे संवाद हमारा हाल पुछने के लिए ही होते हैं। ये छोटे-छोटे संवाद जीवन में इतना असर रखते हैं की अपनापन और पॉजिटिविटी को बढ़ाने का काम करते हैं।"

इस शोध के लिए 486 लोगों को शामिल किया था। इसमें एक्सपर्टस ने पाया कि एक-दूसरे से बीच-बीच में बात करते रहने से लोगो में रिश्ते का प्यार बना रहता है। शोधकर्ताओं ने कहा की हलांकि इस शोध में इसका खुशहाली से सीधा संबंध है ऐसा नहीं हो सका है। शोधकर्ताओं की मानें तो यह बात दोनो तरह के लोगों पर लागू होती है वो चाहे अंतर्मुखी व्यक्तित्व के लोग या बहिर्मुखी व्यक्तित्व के लोग।

यह शोध साइकोलॉजिकल साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया कि आपसी हाल-चाल और अर्थपूर्ण बातचीत का लोगों की खुशहाली पर कितना असर करता है यह कहना मुश्किल है लेकिन यह एक दूसरे को आवश्यक मदद पहुंचाने के लिए आवश्यक होता है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

Total Wellness is now just a click away.

Follow us on