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क्या बार-बार सेक्स करने के कारण आप पापा नहीं बन पा रहे हैं?

दिन में बार-बार सेक्स करने से क्या स्पर्म काउन्ट लो हो जाता है?

शायद आप सुनकर यही सोच रहे होंगे कि क्या ऐसा भी होता है। तो आपको ये बता दे कि ऐसा कुछ नहीं होता। बार-बार सेक्स करने का असर स्पर्म काउन्ट पर नहीं पड़ता है बशर्ते की उनको कोई फर्टिलिटी प्रॉबल्म न हो। कई स्टडी से ये साबित हुआ है कि सेक्स करने से स्पर्म का क्वालिटी बढ़ता है और प्रेगनेंट होने की संभावना बढ़ती है। लेकिन इस खुलासा का मतलब ये नहीं कि बार-बार सेक्स करें क्योंकि बार-बार इजाक्युलेट करने से गर्भाधारण करने की क्षमता कम हो जाती है।

सेक्स और स्पर्म काउन्ट

अगर आप और आपकी पार्टनर बहुत समय से प्रेगनेंटहोने की कोशिश कर रहे हैं और प्रेगनेंसी नहीं हो पा रही हैं तो क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार स्पर्म काउन्ट लो है। तो ये जान लें कि बार-बार सेक्स करने से इजाक्युलेशन होगा और उससे स्पर्म काउन्ट और भी लो हो जायेगा। शरीर को फिर से उस जगह की पूर्ती करने के लिए समय लगता है। ये समय अंतराल व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है। आम तौर पर 24 से 48 घंटा स्पर्म को बनने और उसका काउन्ट बढ़ाने में लगता है। यानि प्रेगनेंट होने की संभावना को बढ़ाने के लिए दो इंटरकोर्स के बीच का समय 36 घंटा होना चाहिए।

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कहने का मतलब ये है कि अगर स्पर्म काउन्ट लो है तो बार-बार सेक्स करने से प्रेगनेंट होने की संभावना कम होती है। इसलिए इस संदर्भ में व्यक्ति को बार-बार सेक्स न करने की सलाह दी जाती है।

इजाक्युलेशन और स्पर्म क्वालिटी

ऐसे बहुत सारे स्टडी मिल जायेंगे जहां बार-बार इजाक्युलेशन, स्पर्म काउनट और क्वालिटी के बारे में बताया गया है। 2015 के रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी और एन्डोक्रिनॉलोजी के स्टडी के अनुसार उन लोगों के सिमेन का सैम्पल लिया गया जिन्होंने हफ़्ते में दो बार ही इजाक्युलेट किया है। इससे ये पाया गया कि रोज इजाक्युलेट करने से स्पर्म का काउन्ट और वोल्युम दोनों कम हो जाता है। लेकिन स्टडी के अनुसार ये पाया गया कि स्पर्म के गतिशिलता, मॉरफोलॉजी, फंक्शनल पैरामीटर, डीएनए फ्रैगमेन्टेशन पूरी तरह से प्रभावित तो नहीं होता है लेकिन स्पर्म काउन्ट धीरे-धीरे कम हो जाती है।

एक दूसरे जर्नल ट्रान्जेशनल एन्ड्रोलॉजी यूरोलॉजी में 23 से 33 साल के 20 लोगों के बीच लिया गया और उनको कहा गया कि 3 से 5 दिनों के संयम रखने के अंतराल में 14 दिनों तक इजाक्युलेट करें। सीमेन का सैम्पल 3,7 और 14 का लिया गया। और ये पाया गया कि सीमेन का कूल मोटाइल काउन्ट, सीमेन का वोल्युम और स्पर्म का कंसन्ट्रेशन कम हो गया लेकिन उसके मॉरफोलॉजी या डीएनए के संरचना में कोई अंतर नहीं आया। इससे ये रिजल्ट निकला कि कुछ समय के अंतराल में सेक्स करने से स्पर्म का काउन्ट बढ़ता है न कि रोज सेक्स करने से।

यानि इन स्टडी से ये साबित होता है कि जिनको लो स्पर्म काउन्ट का प्रॉबल्म है वे रोज-रोज सेक्स न करके कुछ समय के अंतराल में सेक्स करें इससे प्रेगनेंट होने की संभावना बढ़ती है।

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अनुवादक: Mousumi Dutta

चित्र स्रोत: Shutterstock

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