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इरेक्टाइल डिसफंक्शन ! सेक्सुअल लाइफ में कहीं आ न जाए खटास, करें ये उपाय

एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 40 से 70 वर्ष के पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पाई जाती है।

शादीशुदा जिंदगी को सफल बनाने के लिए प्यार, लगाव, आपसी समझ जितना जरूरी होता है, उतना ही महत्वपूर्ण है शारीरिक संबंध कायम करना। शारीरिक संबंध बनाते समय किसी भी तरह की समस्या आपके रिश्तों में खटास ला सकती है। खासकर, परुषों में किसी भी तरह की कोई समस्या हो, तो यह बात उन्हें तनाव और अवसाद में डाल देती है। ऐसी ही पुरुषों में होने वाली एक समस्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) यानी नपुंसकता दोष। इस दोष के कारण कई बार शादीशुदा जिंदगी टूटने के कगार पर भी आ जाती है। ऐसे में सही समय पर इसका इलाज करना ही समझदारी है।

क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन

कई बार सेक्स के दौरान पर्याप्त इरेक्शन न होने को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है। इसे नपुंसकता भी कहते हैं। यह पुरुषों के सेक्सुअल हेल्थ से संबंधित समस्या है। यह वह स्थिति है, जब कोई पुरुष सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान पुरुष इरेक्शन पाने या उसे बरकरार रखने में असमर्थ रहता है। इस स्थिति में वह शारीरिक संबंध नहीं बना पाता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने पर पुरुष का पेनिस संभोग करने के दौरान पर्याप्त रूप से उत्तेजित नहीं हो पाता या फिर उसका आकार बड़ा नहीं होता। टाइट नहीं पाता। ऐसा एक या दो बार हो, तो परेशानी की बात नहीं, लेकिन सेक्स करते वक्त बार-बार यह समस्या आए, तो किसी सेक्सोलॉजिस्ट से मिलना जरूरी हो जाता है।

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स्टडी क्या कहती है

अक्सर लोग शर्म या संकोच के मारे इस समस्या को जल्दी दूसरों से जाहिर नहीं कर पाते, लेकिन बात नहीं करने से बात नहीं बनेगी। एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 40 से 70 वर्ष के पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पाई जाती है। कई बार ऐसी समस्याएं वैस्कुलर, न्यूरोलॉजिकल, डायबिटीज और प्रोस्टेट संबंधी सर्जरी के कारण भी होती है। साथ ही कुछ खास दवाइयों के लगातार सेवन या साइड एफेक्ट से भी किसी-किसी पुरुषों में यह समस्या देखी जाती है।

कारण क्या हैं

कई बार कुछ बीमारियां भी इसका कारण बनती हैं। हार्ट डिजीज, कम उम्र में ही डायबिटीज होना, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस, हद से ज्यादा स्मोकिंग और एल्कोहल का सेवन, अधिक उम्र आदि भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को बढ़ाती है। इस तरह की समस्या से आप भी परेशान हैं, तो कुछ बातों को लाइफस्टाइल में अपनाकर देखें, बहुत हद तक इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

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पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करें

इससे मांसपेशियों की शक्ति में सुधार होता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसका अभ्यास प्रतिदिन करना शुरू कर दें। यह यौन स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देती है। वियाग्रा जैसी दवाओं का सेवन खुद से न करें। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार, पेल्विक एरिया की एक्‍सरसाइज करने से लगभग 40 प्रतिशत पुरुषों में इरेक्‍टाइल की समस्‍या सामान्य हो गई। 33.5 प्रतिशत लोगों में समस्‍या का सुधार भी दिखा।

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टहलना है जरूरी

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन की मानें, तो प्रतिदिन स्वस्थ रहने के लिए 30 घंटे जिस तरह से टहलना फायदेमंद होता है, ठीक उसी तरह से यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को भी दूर करता है। आधे घंटे टहलने से ही 41 प्रतिशत तक इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने का खतरा कम हो सकता है। जिनका वजन अधिक है, उन्हें भी टहलना चाहिए, क्योंकि मोटे लोगों में भी इस समस्या के होने का रिस्क रहता है।

ब्लड प्रेशर पर भी नजर बनाए रखें

ब्लड प्रेशर का बढ़ना-घटना भी सेक्सुअल हेल्थ के लिए ठीक नहीं होता है। हाई और लो ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल आदि दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक, मस्तिष्काघात (Cerebral palsy) आदि हो सकता है। ये सभी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बनते हैं। गुड कोलेस्ट्रॉली की कमी और अधिक वजन से भी यह समस्या किसी-किसी पुरुषों में हो जाती है। दिल और दिमाग की सेहत को ठीक रखने के लिए डॉक्टर से मिलें।

मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए करें एक्सरसाइज

आपको सिक्स पैक या अपने डोले मजबूत नहीं करने, बल्कि कूल्हे के भाग को मजबूत करना है, ताकि पेनिस में सख्ती लाने में मदद मिल सके। रक्त प्रवाह बराबर बना रहे। ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि लगातार तीन से चार महीने तक कमर और कूल्हों की एक्सरसाइज की जाए, स्मोकिंग न की जाए, वजन घटा लिया जाए, तो काफी हद तक पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं।

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डायट में करें सुधार

मैसाचुसेट्स मेल एजिंग स्टडी के अनुसार, फल, सब्जियों, अनाज और मछली, रेड मीट, रिफाइंड ग्रेंस जैसे पौष्टिक आहार को डायट में शामिल करें। इनके सेवन से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन के जोखिम को कम किया जा सकता है। कोशिश करें कि विटामिन बी12 और विटामिन डी से युक्त आहार आप ले रहे हों। इन दोनों की कमी से भी कई बार यह समस्या शुरू हो जाती है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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