Advertisement

क्या महिलाएं सेक्स के दौरान नहीं पा सकती हैं ऑर्गेज्म? जानें ये 4 मिथ

कई महिलाएं ऑर्गेज्म तक पहुंचती हैं, पर वे उसके बारे में महसूस नहीं कर पातीं।

सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म सेक्स में संतुष्टि और सुखद अहसास दिलाता है। ऑर्गेज्म अपने पार्टनर को सेक्सुअली उत्तेजित करने से महसूस किया जा सकता है। कई शोध में यह कहा गया है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाएं सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म महसूस करती हैं, लेकिन इससे संबंधित कुछ मिथक भी लोगों के मन में व्याप्त हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि जो महिलाएं सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म का अनुभव नहीं कर पातीं, वे असामान्य होती हैं, पर ऐसा नहीं है। सेक्सोलॉजिस्ट के अनुसार, सभी महिलाएं ऑर्गेज्म पा सकती हैं। मैच्योर महिलाओं में मल्टिपल ऑर्गेज्म पाने की योग्यता अन्य महिलाओं के मुकाबले अधिक होती है। आइए जानते हैं ऑर्गेज्म से संबंधित कुछ ऐसे मिथक के बारे में, जो आपकी दुविधा को काफी हद तक दूर करने में सहायक हो सकते हैं।

मिथ 1 - अगर सेक्स के दौरान आप ऑर्गेज्म महसूस नहीं करतीं, तो आप ऐबनॉर्मल हैं?

फैक्ट- एन्ड्रोलॉजिस्ट डॉ. अजित सक्सेना के अनुसार, ऐसा बिल्कुल नहीं है। ऐसी धारणा 100 प्रतिशत गलत है। कई महिलाएं ऑर्गेज्म तक पहुंचती हैं, पर वे उसके बारे में महसूस नहीं कर पातीं। कई महिलाओं की पेल्विक मसल्स ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट नहीं करतीं, बल्कि उत्तेजना के एक प्वॉइंट के बाद वे रिलैक्स और संतुष्ट महसूस करने लगती हैं। यानी अगर सेक्स बहुत बढ़िया नहीं रहा तो डरने की जरूरत नहीं। इसका यह मतलब नहीं कि आप ऐबनॉर्मल हैं।

Also Read

More News

यह भी पढ़ें- सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म का सुख पाने के लिए करने होंगे ये काम

मिथ 2 - सेक्सुअल इंटरकोर्स से ही ऑर्गेज्म तक पहुंचा जा सकता है?

फैक्ट- तीन में से एक महिला संभोग के दौरान नियमित रूप से ऑर्गेज्म तक पहुंचती हैं। कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं जो संभोग के दौरान उत्तेजना महसूस करने के लिए पार्टनर से अतिरिक्त क्रिया (एक्स्ट्रा एक्ट) की चाह रखती हैं। हाल में हुए अध्ययन से पता चला है कि ऑर्गेज्म सेक्सुअल क्लाइमेक्स होता है फिर चाहे उसे आप जिस भी तरीके से प्राप्त करें। ऑर्गेज्म तक एक महिला कैसे पहुंचती है, इसका संबंध उसके मानसिक स्वास्थ्य या भावनात्मक परिपक्वता से नहीं होता।

मिथ 3 - क्लिटोरिस या जी-स्पॉट को 5 मिनट तक उत्तेजित करने से आप ऑर्गेज्म तक पहुंच सकते हैं, उसके बाद ऐसा संभव नहीं है?

फैक्ट- प्यार करने के तरीके बहुत सारे हैं, जो एक महिला को यौन चरमोत्कर्ष (Sexual climax) तक पहुंचने में मदद करते हैं। आप स्वयं ही अपनी खुशी का कारण बन सकती हैं साथ ही साथ पार्टनर के साथ संवाद भी बेहद जरूरी है।

मिथ 4 - कुछ महिलाएं ऑर्गेज्म प्राप्त करने में सक्षम ही नहीं होती हैं?

फैक्ट- लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं संभोग के दौरान यौन चरमोत्कर्ष प्राप्त करने में अयोग्य होती हैं, जिसे एनोरगैज्मिया कहते हैं। यह प्राइमरी या सेकेंडरी हो सकता है। प्राइमरी एनोरगैज्मिया वह अवस्था है, जिसमें एक औरत किसी भी तरीके से ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाती, जबकि सेकेंडरी एनोरगैज्मिया में एक खास प्वाइंट या समय जैसे फोरप्ले के दौरान ऑर्गेज्म महसूस किया हो पर सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान नहीं।

चित्रस्रोत- Shutterstock.

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on