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सेक्स के दौरान होने वाले दर्द को कभी न करें इग्नोर, जानें कारण और इलाज

इंटरकोर्स के समय अगर हर बार दर्द होता है या सेक्स के समय या बाद में वजाइना से ब्लड निकलता है तो इसके बारे में जल्द डॉक्टर को बताना चाहिए।

सेक्स या इंटरकोर्स के समय दर्द होना कभी-कभी बीमारी भी हो सकती है जिसे मेडिकल टर्म में डिस्पोरेनिया कहा जाता है। इंटरकोर्स के समय अगर हर बार दर्द होता है या सेक्स के समय या बाद में वजाइना से ब्लड निकलता है तो इसके बारे में जल्द डॉक्टर को बताना चाहिए।

इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर कि सिनियर गायनोकोलॉजिस्ट और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ रीता बख्शी के अनुसार इंटरकोर्स या सेक्स के दौरान दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे इंफेक्शन, वजाइना में लुब्रिकेंट का कम होना इत्यादि।

कारणः

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इंफेक्शनः वजाइना में सेक्स के दौरान दर्द या जलन इंफेक्शन के कारण हो सकता है। इंफेक्शन से वजाइना में सूखापन और खुजली जैसी समस्या हो जाती है जिससे महिलाओं को दर्द भरे सेक्स का सामना करना पड़ता है।

मनोवैज्ञानिक या मानसिक कारणः कई मामलों में यह मानोवैज्ञानिक भी होता है। सुनी-सुनाई बातों और धारणाओं को मानकर लोग यह मान लेते है कि सेक्स के दौरान दर्द होता है। इसके अलावा स्ट्रेस और डिप्रेशन के कारण भी सेक्स और इंटरकोर्स में लोगों को असुविधा होती है जिसके कारण दर्द का अनुभव होता है।

लुब्रिकेंट की कमीः कुछ महिलाएं सेक्स के लिए जल्द सहज नहीं हो पाती जिसके कारण वजाइना में लुब्रिकेंट भी नहीं आता, जिसके कारण दर्द होता है। यदि ऐसा कोई कारण समझ में आए तो अलग से लुब्रिकेंट का प्रयोग या साथी के साथ देर तक फोरप्ले के लिए समय की मांग कर सकते हैं।

वैगिनिस्मसः यह भी एक तरह से महिलाओं के मानसिक स्थिति के कारण ही होता है। महिलाएं संकुचन की स्थिति में रहती है जिसके कारण वजाइना में भी सिकुड़न की स्थिति आती है जो साथी को और भी उत्तेजित करती है जिसके कारण सेक्स दर्दनाक रूप ले लेता है।

एंडोमेट्रिओसिस और गुदा फिशरः अगर महिला में इन दोनों में से कोई भी बीमारी है तो सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है।

उपचार:

  • डिस्पोरेनिया से परेशान महिला को पेल्विक टेस्ट कराना चाहिए जिससे पता चल सके की दर्द का कारण इंफेक्शन है या वजाइना के बनावट में कोई दिक्कत है।
  • परामर्श और दवाओं के साथ डिसपोरेनिया से छुटाकारा आसानी से मिल सकता है।
  • मानसिक या मनोवैज्ञानिक रूप से अगर कोई परेशानी है तो कुछ थेरपी और परामर्श के साथ इसका इलाज किया जा सकता है। मांसपेशियों के संकुचन और मानसिक असहजता से छुटकारा मिल सकता है।

लाइफ स्टाइल में बदलाव

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सेक्सुअल विहैवियर में बदलावः लाइफ पार्टनर के साथ सेक्सुअल विहैवियर इसमें काफी मददगार होता है। अपने साथी से इस बारे में बात करें इसका असर व्यापक होता है।

नेचुरल लुब्रिकेंटः लाइफ पार्टनर को इंटरकोर्स से पहले फोरप्ले के लिए पर्याप्त समय दें जिससे वजाइना में पर्याप्त नेचुरल लुब्रिकेंट अा जाये यह महिला को भी उत्तेजित और साथ देने के लिए प्रोत्साहित करता है और दर्द की समस्या कम होती है।

कंडोम का प्रयोग करेंः किसी भी प्रकार के इंफेक्शन को रोकने के लिए यह सबसे बेहतर उपाय है। एक सुखद एहसास के इंटरकोर्स के लिए भी इसका उपयोग होता है। यह दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

हाइजीन का ख्याल रखेंः सेक्सुअल हाइजीन का ख्याल रखें। हमेशा इंटरकोर्स या सेक्स के बाद अच्छे तरीके से वजाइना को साफ करें। सेक्स के दौरान अगर सेक्स की समस्या बनी रहे तो मेडिकल चेकअप कराएं और यूरिनल इंफेक्सन की जांच करवाएं। यदि सेक्स करने में दर्द होता है तो उसे रोक दें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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