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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 11, 2020 6:16 PM IST
Schizophrenia : वायु प्रदूषण से सिजोफ्रेनिया का खतरा | TheHealthSite Hindi
वायु प्रदुषण की वजह से बच्चों में मानसिक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. हाल ही में आए एक शोध के अनुसार वायु प्रदूषण वाली जगह में रहने वाले बच्चों में सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. हवा में प्रदुषण वाले तत्व सेहत पर असर डालने के साथ दिमाग पर भी असर करते हैं. इस शोध के अनुसार बचपन में प्रदूषित जगह में रहना मतलब मानसिक बीमारी (Mental Disorders) के खतरे को बढ़ना है. शोध के अनुसार जो बच्चा कम प्रदूषण वाले क्षेत्र में रहता है उसमें 2 प्रतिशत तो वहीं जो उच्च वायु प्रदुषण वाले क्षेत्र में रहता है उसमें 5 प्रतिशत सिजोफ्रेनिया मानसिक बीमारी का खतरा (Risk of Schizophrenia) रहता है.
मानसिक बीमारियों में सिजोफ्रेनिया सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है. इस मानसिक बीमारी में इंसान अपनी पहचान भूल जाता है. जो इंसान सिजोफ्रेनिया का शिकार हो जाता है वो कल्पनाओं में जीवन जीने लगता है. जब इंसान सिजोफ्रेनिया डिसऑर्डर का शिकार होता है, तो वह विचित्र व्यवहार के साथ तरह-तरह की आवाजें भी निकालने लगता है. जानिए भारत में क्या है Schizophrenia का इलाज.
डॉक्टर्स मानते हैं कि सिजोफ्रेनिया का पूरी तरह से इलाज नहीं किया जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि परिवार और समाज के साथ मिलकर इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है. कुछ मामलों में यह ठीक भी हो जाता है.