Rheumatoid Arthritis : क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस, इसके कारण, लक्षण और उपचार

मूल रूप से ऑस्टियोअर्थराइटिस अर्थराइटिस का ही एक रूप है, जो कि उम्र बढ़ने पर अधिक पाई जाती है, लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। जानें, रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण, कारण और उपचार क्या हैं।

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Written By: Anshumala | Published : October 3, 2019 10:44 AM IST

कई लोगों को ऐसा लगता है कि अर्थराइटिस (Arthritis) बुजुर्गों की बीमारी है, जिसकी वजह से उनके जोड़ों में दर्द और तकलीफ महसूस होती है। लेकिन, अर्थराइटिस के अत्यधिक लक्षणों के साथ यह बुजुर्गों की तुलना में युवाओं को अधिक तकलीफ देता है। मूल रूप से ऑस्टियोअर्थराइटिस अर्थराइटिस का ही एक रूप है, जो कि उम्र बढ़ने पर अधिक पाई जाती है, लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस (what is Rheumatoid arthritis) किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। जानें, रूमेटाइड अर्थराइटिस (what is Rheumatoid arthritis) के कारण, लक्षण और उपचार क्या हैं-

किसी भी उम्र में हो सकता है रूमेटाइड अर्थराइटिस

सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर के वरिष्ठ प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. अखिलेश यादव का कहना है कि सच तो यह है कि अर्थराइटिस से पीड़ित युवाओं की संख्या में अचानक ही काफी तेजी आ गई है। खासकर एक्जीक्यूटिव और दफ्तर जाने वाले लोगों में। इन दिनों युवाओं को रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) होने का खतरा पहले के मुकाबले कहीं अधिक बढ़ गया है। वे अक्सर जोड़ों में दर्द, सूजन या कड़ेपन की शिकायत जोड़ों जैसे टखनों, तलुओं, हाथों आदि में करते हैं। इसके होने के कारणों में अंतर पाया जा सकता है।

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क्यों बढ़ रही है यह समस्या

व्यायाम में दिलचस्पी न लेना, खाने का अस्वस्थकर तरीका या असक्रिय जीवनशैली आदि के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी लोगों में अधिक देखने को मिल रही है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जहां आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक सक्रिय हो जाती है और आपके शरीर के अंदरूनी जोड़ों पर हमला करने लगती है। यह आपको किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकता है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण

इसके सामान्य लक्षणों (Symptoms of Rheumatoid arthritis) में शामिल हैं, जोड़ों में सूजन, सुबह उठने पर उनमें कड़ापन और दर्द, जो खत्म नहीं होता। यह कई हफ्तों तक बना रहता है। हालांकि, इस बीमारी से लड़ने के कई तरीके हैं। जांच के बाद लोग इस बात से निराश हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी यह क्रॉनिक स्थिति उनसे सक्रिय रहने की क्षमता छीन लेगी।

क्या करें रूमेटाइड अर्थराइटिस से बचने के लिए 

डॉ. यादव का कहना है कि ज्यादतार युवा जिनका अधिकांश समय कार या ऑफिस के अंदर बीतता है, उन्हें सुबह के समय थोड़ी देर धूप में जरूर बिताना चाहिए। साथ ही उन्हें सेहतमंद जीवनशैली जीने पर जोर देना चाहिए, जैसे नियमित रूप से जिम जाना, उछल-कूद वाले खेलों में हिस्सा लेना, जॉगिंग, स्विमिंग, टेनिस खेलना (Treatment of Rheumatoid arthritis) आदि। इससे जोड़ों के आस-पास की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। हॉबी आधारित गतिविधियां जैसे डांसिंग, एरोबिक्स, योग, पाइलेट्स और टहलना आदि।  यदि किसी को बचपन में मिरगी की समस्या रही हो, तो उनके शरीर में कैल्शियम का अवशोषण होने में परेशानी होती है। इस बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। यदि आपके पैरों में एक हफ्ते से अधिक जोड़ों में दर्द या कड़ापन हो, तो देर न करें। तुरंत ही रूमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

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