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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 9, 2019 9:10 PM IST
खराब नींद मेंटल हेल्थ को खराब कर सकती है. हाल ही में हुए एक शोध में पाया गया है कि जो लोग ठीक से नींद नहीं लेते हैं उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है.
खराब नींद मेंटल हेल्थ को खराब कर सकती है. हाल ही में हुए एक शोध में पाया गया है कि जो लोग ठीक से नींद नहीं लेते हैं उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है. शोध में उन लोगों को शामिल किया गया था जो प्राकृतिक आपदा से बचने के बाद ठीक से नींद नहीं ले पा रहे थे. नींद पर हुये इस शोध के अनुसार जो लोग कम नींद ले रहे थे उनका मेंटल हेल्थ खराब होने लगा था.
यह शोध स्लीप नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. नींद पर हुए इस शोध में 31 वर्ष की आयु वाले लगभग 165 लोगों को शामिल किया गया था. शोध में शामिल लोगों में 52 प्रतिशत पुरुष थे. यह शोध उन लोगों पर किया गया है जो 2010 में आये भूकंप की वजह से अपने घर के बिना जीवन गुजार रहे थे.
मुख्य शोधकर्ता न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के जूडिक ब्लैंक के अनुसार 2010 के हैती भूकंप के बाद बचे लोगों में नींद की गड़बड़ी को देखा गया, जो बहुत व्यापक थी. नींद की गड़बड़ी के बाद होने वाली यह परेशानी बहुत खतरना है.
नियमित एक्सरसाइज करने वालों का मेंटल हेल्थ होता है सबसे बेहतर.
एक सर्वेक्षण की मानें तो यह वहां के इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंप था. इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 2 लाख लोगों की मौत हुयी थी. भूकंप के बाद लगभग 10 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा था.
इस शोध ने इस बात को बल दिया है कि सामान्य आघात से संबंधित विकारों और जीवित बचे लोगों के समूह के मध्य कोमोरिड नींद की स्थिति के बीच मजबूत संबंध है.
प्राकृतिक आपदा के बाद जो लोग दो साल तक जीवित थे उन पर यह सर्वेक्षण किया गया था. सर्वेक्षण में यह पाया गया कि 94 प्रतिशत लोगों में अनिद्रा के लक्षण तो थे ही साथ में खतरे का अनुभव भी वो करते थे.
समय गुजरने के बाद दो साल बाद 42 प्रतिशत लोगों में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) के लक्षण पाये गये थे. इसके अलावा 22 प्रतिशत लोगों में अवसाद या डिप्रेशन के लक्षण पाये गये थे.
जो लोग ठीक से सो नहीं पाते थे उनको डिप्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा था. ज्यादातर लोगों में स्ट्रेस और तनाव को भी देखा गया है. कम सोने या ठीक से न सोने की वजह से PTSD का खतरा सबसे ज्यादा होता है.