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सोरायसिस व स्ट्रेस की समस्या में लाभदायक हैं ये 2 योगासन

योग की सहायता से आप सोरायसिस और तनाव दोनों को नियंत्रित कर सकते हैं। ये 2 योगासन आपके लिये कारगर हो सकते हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 26, 2018 11:59 PM IST

सोरायसिस एक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारी है। सोरायसिस के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रति वर्ष 29 अक्टूबर को विश्व सोरायसिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से हो सकती है। इस बीमारी में स्किन पर सफेद या लाल रंग के धब्ब होने लगते हैं। ज्यादातर लोगों में यह स्कैल्प, हाथ-पैर, हथेलियों, पैर के तलवें, कोहनी, घुटनों और पीठ पर होती है।

वास्तव में तनाव और सोरायसिस आपस में जुड़े होते हैं क्योंकि तनाव सोरायसिस का एक बड़ा ट्रिगर है। स्पष्ट रूप से देखा जाए तो सोरायसिस के लिए कोई उपचार नहीं है, लेकिन योग की सहायता से आप सोरायसिस और तनाव दोनों को नियंत्रित कर सकते हैं। ये 2 योगासन आपके लिये कारगर हो सकते हैं।

बालासन

Balasana

बालासन करने से पीठ, गर्दन और कंधे के दर्द से राहत मिलती है। इस आसन का अभ्यास आप अपने शरीर को आराम पहुंचाने के लिए कर सकते हैं। इस आसन को करने से शरीर में खिंचाव आता है जो तनाव कम करने में मदद करता है।

इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दोनों पैरों को मोड़कर एड़ियों के बल बैठ जाएं। शरीर के ऊपरी भाग को जांघों पर टिका लें। फिर अपने सिर को जमीन से टच कराएं और अपने दोनों हाथ को पीछे लें जाएं उसके बाद सांस को धीरे से छोड़ें। इस प्रक्रिया को 10 से 15 मिनट तक करें। ऐसा करने से आपका शरीर तनाव मुक्त हो जाएगा।

अंजली मुद्रा

अंजली मुद्रा

अंजली मुद्रा खासतौर पर विश्राम और मेडिटेशन पर केंद्रित होती है। नमस्कार की मुद्रा को ही अंजली मुद्रा कहा जाता है। इस मुद्रा को अपने गहरी सांस लेने वाले योग के साथ उपयोग कर सकते हैं।

इसे करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर पैरों को क्रॉस करके बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को नमस्कार करने की अवस्था में ले आएं। गहरी सांस लें और अपने पीठ को पूरी तरह से सीधा कर लें। इस तरह के बहुत योगासन हैं जो उन लोगों के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं जिन्होनें योग अभ्यास करने की शुरूआत की है।