Yoga for Fertility : गर्भ धारण करने में हो रही है परेशानी, तो नियमित रूप से करें ये 5 फर्टिलिटी योगासन
Yoga for Fertility : गर्भ धारण करने में हो रही है परेशानी, तो नियमित रूप से करें ये 5 फर्टिलिटी योगासन
लाइफस्टाइल में बदलाव के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में लोग ना सिर्फ गंभीर बीमारियों से परेशान हो रहे हैं, बल्कि गलत लाइफस्टाइल के चलते महिला और पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में कुछ खास योगासन करने की जरूरत होती है।
Written By: Kishori Mishra | Published : May 15, 2020 6:38 PM IST
Yoga for Fertility : लाइफस्टाइल में बदलाव के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में लोग ना सिर्फ गंभीर बीमारियों से परेशान हो रहे हैं, बल्कि गलत लाइफस्टाइल के चलते महिला और पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जब कपल्स बेबी प्लानिंग करते हैं, तो उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर्स की सलाह लेने पर वे सही डायट और एक्सरसाइज (Yoga for Fertility ) करने की सलाह देते हैं, ताकि प्रजनन क्षमता को बढ़ाया जा सके। प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए योग भी काफी सहायक होता है। आइए जानते हैं फर्टिलिटी के लिए कौन से योगासन (Yoga for Fertility) करने चाहिए-
फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए करें ये फर्टिलिटी योग
भ्रामरी योगासन
सुखासन में बैठ जाएं और अपनी आंखें बंद कर लें।
दोनों होथों की उंगलियों में से अनामिका उंगली से नाक के दोनों छिद्रों को हल्का सा दबाकर रखें।
अब दोनों हाथ की तर्जनियों को कान पर रखें। इन्हें गाल और कान के बीच के कार्टिलेज पर रखें।
मध्यमा को आंखों पर, सबसे छोटी उंगली को होंठ पर और अंगूठे से दोनों कानों के छिद्रों का बंद कर दें।
अब एक गहरी सांस अंदर लें और धीमें से गुनगुनाहट की आवाज करें। जितनी देर तक आप ये आवाज निकाल पाएं, उतनी देर तक आवाज निकालें।
फिर सांस छोड़ दें और अपनी सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं। ऐसा 6-7 बार करें।
पश्चिमोत्तानासन
सबसे पहले जमीन पर चटाई या दरी बिछाकर बैठ जाएं।
अब आप दोनों पैरों को सामने फैलाएं।
पीठ की पेशियों को ढीला छोड़ दें।
सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।
फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
इसके बाद अपने हाथ से उंगलियों को पकड़ने और नाक को घुटने से सटाने की कोशिश करें।
धीरे-धीरे सांस लें, फिर धीरे-धीरे सांस छोड़े।
इसके बाद अपनी स्थिति में वापस आ जाएं। इसे करीब 10 बार करने का अभ्यास डालें।
हस्तपादासन
इस आसन को करने के लिए पैरों को साथ में जोड़े हुए सीधे खड़े हो जाएं।
हाथों को शरीर के साथ लगाएं। शरीर के वजन को दोनों पैरों पर सामान रूप से डालें।
फिर सांस को बाहर छोड़ते हुए कमर के ऊपरी भाग को धीरे-धीरे सामने की ओर झुकाएं।
घुटनों को बिल्कुल सीधा रखें। सांस छोड़ते समय छाती को घुटनों की तरफ ले जाएं।
इस स्थिति में 10 सेकेंड तक रहें और फिर सामान्य स्थिति में आकर 5 सेकेंड आराम करें।
इसके बाद आप इस आसन को 5 से 6 बार दोहरा सकते हैं।
भुजंगासन
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएं।
दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। फिर अपने माथे को ऊपर ऊठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समान लाएं।
ऐसा करने पर शरीर का सारा भार बाजुओं पर पड़ेगा। अब शरीर के अगले भाग को बाजुओं के सहारे ऊपर उठाएं।
शरीर को स्ट्रेच करके लंबी सांस लें। कुछ समय तक इस आसन को करें।
फिर दोबारा सामान्य स्थिति में आ जाएं।
बद्ध कोणासन
इसे करने के लिए सबसे पहले मैट पर बैठ जाएं और अपने पैरों को सामने की तरफ फैलाएं।
आपके पैरों की एड़ियां एक-दूसरे के सामने होनी चाहिए।
अब पैरों को मोड़ते हुए एड़ियों को एक-दूसरे के पास रखें।
अब पीछे की तरफ मुड़ें और अपनी कोहनियों को जमीन पर रखें।
कोहनियों को आराम देने के लिए आप कम्बल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
अब अपनी पीठ को धीरे-धीरे नीचे ले जाएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें।
इस मुद्रा से बाहर निकलने के लिए, अपने शरीर को दाहिनी तरफ मोड़ें और धीरे-धीरे बैठने की कोशिश करें।
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