
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 25, 2020 9:48 PM IST
व्हाइट डिस्चार्ज हो सकता है यीस्ट इंफेक्शन का लक्षण, जानें प्रेगनेंसी में यह समस्या होने के कारण और घरेलू उपाय
Yeast infections in Pregnancy: यीस्ट इंफेक्शन (Yeast infections) महिलाओं के लिए नुकसानदायक है। खासकर, प्रेगनेंसी में महिलाओं को यीस्ट इंफेक्शन होने से उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रेगनेंसी में वैजाइनल यीस्ट इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। इस बीमारी को वल्वोवजाइनल कैडिडियासिस (Vulvovaginal Candidiasis) या मोनिलियासिस भी कहा जाता है। (Yeast infections risk in Pregnancy)
जर्नल अमेरिकन फैमिली फिज़िशियन्स में छपे एक लेख के अनुसार, 75 प्रतिशत महिलाओं को अपने जीवन में कभी ना कभी यीस्ट इंफेक्शन की समस्या होती ही है। जबकि, 45 फीसदी महिलाओं को यह समस्या 2 से ज़्यादा बार होती है। 2009 में कैनेडियन फैमिली फिज़िशियन्स ने पता लगाया कि गर्भावस्था के दौरान यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा महिलाओं में बहुत अधिक बढ़ जाता है।
प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का शरीर को पहले से अधिक काम करना पड़ता है। इस तरह गर्भस्थ शिशु को आवश्यक मात्रा में पोषण मिल पाता है। इन्हीं प्रक्रियाओं के दौरान शरीर में हार्मोन्स के स्तर मे बदलाव होता है। जिससे, वैजाइनल यीस्ट इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। इसके अलावा इन कारणों से भी प्रेगनेंसी में यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है जैसे,
सेब का सिरका यानि (Apple cider vinegar) फंगस और इंफेक्शन को कम करता है। इसमें मौजूद एंजाइम्स यीस्ट इंफेक्शन फैलाने वाले फंगस को बढ़ने से रोकता है। यह बॉडी का पीएच बैलेंस (pH balance) भी ठीक करता है।
यीस्ट इंफेक्शन के लिए लहसुन एक असरदार नुस्खा है। आयुर्वेदिक चिकित्सा में लहसुन को कई समस्याओं के नैचुरल इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन इंफेक्शन बढ़ाने वाले कैंडिडा को खत्म करता है। जिससे, आपको इस समस्या की जड़ से आराम मिलता है।