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प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ता है यीस्ट इंफेक्शन का खतरा? जानें इसका मां और बच्चे की सेहत पर असर

Pregnancy me Infection: प्रेग्नेंसी में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपको कोई भी संकेत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ता है यीस्ट इंफेक्शन का खतरा? जानें इसका मां और बच्चे की सेहत पर असर
प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

Written by Anju Rawat |Published : April 4, 2026 10:24 AM IST

Yeast Infection in Pregnancy: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इनका सीधा असर इम्यून सिस्टम और वजाइनल माइक्रोएनवायरमेंट पर पड़ता है। इन्हीं बदलावों की वजह से प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को यीस्ट इंफेक्शन होता है। यीस्ट इंफेक्शन को कैंडिडा इंफेक्शन भी कहा जाता है। यह इंफेक्शन आमतौर पर कैंडिडा एल्बिकंस नामक फंगस के कारण होता है, जो शरीर में ही मौजूद रहता है। जब शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और वजाइनल टिश्यू में ग्लाइकोजन की मात्रा बढ़ती है, तो इससे संक्रमण हो जाता है। आइए, नर्चर IVF क्लीनिक की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज (Dr. Archana Dhawan Bajaj, Gynaecologist and IVF expert, Nurture IVF Clinic) से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ता है?

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाता है। इसकी वजह से वजाइनल टिश्यू में ग्लाइकोजन की मात्रा बढ़ जाती है। ग्लाइकोजन यीस्ट के लिए पोषण का काम करता है, जिससे उसका विकास तेजी से होता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है।

इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान इम्यून सिस्टम थोड़ा कमजोर हो जाता है। कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से यीस्ट बढ़ जाता है। वजाइनल पीएच में बदलाव की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

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प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?

  • सफेद और गाढ़ा डिस्चार्ज
  • वजाइना में खुजली होना
  • वजाइना में जलन महसूस होना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • संबंध बनाते समय दर्द होना

वैसे तो यह संक्रमण गंभीर नहीं होता है, लेकिन समय पर इलाज न करवाने से परेशानियां बढ़ सकती हैं।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का मां की सेहत पर असर

  • प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का असर मां की सेहत पर काफी असर पड़ता है। यीस्ट इंफेक्शन की वजह से नींद में कमी आ सकती है। यानी यह संक्रमण अनिद्रा का कारण बन सकता है।
  • यीस्ट इंफेक्शन खुजली और जलन का कारण बन सकता है। अगर प्रेग्नेंसी में जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें।
  • यीस्ट इंफेक्शन की वजह से गर्भवती महिलाओं को चिड़चिड़ापन और थकान महसूस हो सकती है।
  • इतना ही नहीं, अगर यीस्ट इंफेक्शन बार-बार होता है तो यह इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है।

अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान ये संकेत महसूस हो रहे हैं, तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। ये यीस्ट संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का बच्चे की सेहत पर असर

  • प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन की वजह से सिर्फ मां नहीं, बच्चे की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। हालांकि, बच्चे पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • अगर डिलीवरी के दौरान यीस्ट इंफेक्शन हो तो नवजात को यह संक्रमण हो सकता है। इस स्थिति में बच्चे के मुंह में सफेद दाग दिखाई दे सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से बचाव कैसे करें?

  • यीस्ट इंफेक्शन से बचाव के लिए आपको प्रेग्नेंसी के दौरान हाइजीन का पूरा ख्याल रखना चाहिए।
  • इस दौरान सूती और ढीले कपड़े पहनने चाहिए।
  • वजाइनल एरिया को सूखा और साफ रखें।
  • शुगर लोडेड चीजों से बचें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह की कोई दवा न लें।

यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज करवाना बहुत जरूरी है। प्रेग्नेंसी के दौरान एंटी-फंगल उपचार दिए जाते हैं, जो मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।

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Highlights:

  • प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • यह एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ने के कारण हो सकता है।
  • प्रेग्नेंसी में वजाइना की हाइजीन का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।