
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 3, 2021 9:52 AM IST
Breastfeeding And Weight Loss: ब्रेस्टफीडिंग के ज़रिए नवजात शिशु को सर्वोत्तम पोषण प्रदान किया जा सकता है। इसीलिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization) ने नवजात शिशुओं को जन्म के बाद 6 महीने तक मां का दूध अनिवार्य रुप से पिलाने की सलाह दी है। बच्चे के साथ-साथ ब्रेस्टफीडिंग मांओं के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। ऐसा ही एक फायदा वेट लॉस भी हो सकता है। दरअसल, ऐसे दावे किए जाते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली मांओं का वजन नियंत्रण में रहता है। आइए जानें क्या सचमुच ऐसा करने से वेट लॉस होता है या यह एक मिथक है। (Breastfeeding And Weight Loss In Hindi)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चे को जन्म देने के बाद काफी कम समय में तेज़ी से वेट लॉस होता है। इसीलिए, ब्रेस्टफीडिंग के फायदे (Health benefits of breastfeeding) गिनवाते समय वेट लॉस के बारे में भी बात की जाती है। हालांकि, इसके बाद वेट लॉस में बहुत अधिक समय लग सकता है क्योंकि, हर महिला का शरीर अपनी क्षमतानुसार कार्य करता है। वहीं, कई महिलाओं ने ऐसा भी अनुभव किया है कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान उनके वजन में तेज़ी से इजाफा हुआ है। (post pregnancy weight gain)
स्तनपान को वजन कम करने के एक नैचुरल तरीके के तौर पर देखा जाता है। कुछ स्टडीज और रिसर्च के अनुसार, बच्चे को अपना दूध पिलाने वाली मांओं का रोज़ाना एक्स्ट्रा 500 कैलोरी तक वेट लॉस करना संभव हो पाता है। आमतौर पर 20-30 मिनट की एक्सरसाइज से इतनी मात्रा में कैलोरी बर्न की जा सकती है। (Breastfeeding And Weight Loss) इससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वजन कम करने के लिहाज से ब्रेस्टफीडिंग मददगार साबित हो सकती है। वहीं, नर्सिंग फेज में महिलाएं अगर अपनी डायट का ख्याल रखें तो वेट लॉस तेज़ी से और हेल्दी तरीके से हो सकता है। एक्सपर्ट्स ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को प्रोटीन रिच फूड, फाइबर से भरपूर फल और सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज के अलावा दूध और नट्स खाने की सलाह देते हैं।