वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2020: कोरोना काल में अपने शिशु को स्तनपान कराते समय रखें इन बातों का ध्यान

1 से लेकर 7 अगस्त तक 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2020' (World Breastfeeding Week 2020) सेलिब्रेट किया जाएगा। हर वर्ष इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। इस वर्ष की थीम 'सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्दियर प्लैनेट' है। जन्म के बाद एक शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। शिशु को कम से कम 6 महीने तक मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए।

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Written By: Anshumala | Updated : August 1, 2020 10:08 PM IST

आज यानी 1 अगस्त से लेकर 7 अगस्त तक 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2020' (World Breastfeeding Week 2020) सेलिब्रेट किया जाएगा। हर वर्ष इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। इस वर्ष की थीम 'सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्दियर प्लैनेट' (Support breastfeeding for a healthier planet) है। जी हां, एक शिशु का संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से होगा, तो भविष्य में स्वस्थ प्लैनेट का निर्माण करना आसान होगा। ऐसे में जन्म के बाद एक शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। शिशु को कम से कम 6 महीने तक मां का दूध (Breastfeeding tips in hindi) जरूर पिलाना चाहिए।

इससे बच्चा कई रोगों से बचा रहता है। उसका शारीरिक और मानसिक विकास बेहत तरीके से होगा। हड्डियां मजबूत होंगी। ठीक उसी तरह से एक मां के लिए भी अपने बच्चे को स्तनपान (Breastfeesding) कराने के कई फायदे होते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी (COVID-19 pandemic) के दौर में नवजात शिशुओं की देखभाल का खास ख्याल (New born baby care in hindi) रखना जरूरी है, क्योंकि जरा सी भी लापरवाही उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। आप अपना दूध भी पिलाएं, तो साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। शिशु की इम्यूनिटी कमजोर होती है, ऐसे में किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जब आप अपने बच्चे को दूध पिलाएं तो कुछ खास बातों का जरूर ख्याल रखें...

नवजात शिशु को दूध पिलाते समय रखें इन बातों का ख्याल

1 कोरोनावायरस सांस की बूंदों (respiratory droplets) के जरिए फैल सकता है। ऐसे में घर में किसी को भी कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो उन्हें बच्चे के पास ना आने दें। स्तनपान कराते समय भी मां से शिशु को यह वायरस संक्रमित कर सकता है। यदि आपको कोविड-19 के लक्षण (COVID-19 symptoms) नजर आ रहे हैं या आपने कोरोना का टेस्ट करवाया है और रिजल्ट का इंतजार है, तो बेहतर है कि आप मास्क पहनी रहें।

2 अपने शिशु को दूध पिलाते समय खांसने, छींकने से बचें। सांस या मुंह से निकलने वाली बूंदें (respiratory droplets) आपके बच्चे को संक्रमित करने के लिए काफी हैं। बच्चे को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह से साफ कर लें। अपना दूध पिलाते समय बार-बार ब्रेस्ट को ना छुएं। हाथ से दूध निकाल रही हैं या पंप के जरिए दूध निकाल रही हैं, तो हाथों को साबुन से साफ कर लें। (World Breastfeeding Week 2020 in hindi)

3 डब्लूएचओ के अनुसार, शिशु को कोरोना से बचाए रखने के लिए मां का दूध सबसे पौष्टिक आहार है। यह उन्हें रोगों से लड़ने की शक्ति देता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि हाल में जो भी महिलाएं मां बनीं हैं, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई के नियमों को कड़ाई से पालन करना चाहिए, तभी शिशु के संक्रमित होने के खतरे को कम कर सकती हैं।

4 सीडीसी के अनुसार, जब मां को कोरोना हुआ हो, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही शिशु को दूध पिलाएं। यदि आप कोरोना से संक्रमित हैं और आपके अंदर बेहद माइल्ड लक्षण नजर आ रहे हैं, तो आप सुरक्षित तरीके अपनाकर स्तनपान करा सकती हैं। इसके लिए मास्क पहनें। ब्रेस्टफीडिंग कराने से पहले हाथ और ब्रेस्ट को साफ कर लें।

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