
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 20, 2026 9:24 AM IST
Medically Verified By: Dr. Rujul Jhaveri
cramps in pregnancy
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव देखे जाते हैं। इन्हीं बदलावों के बीच कई महिलाओं को रात के समय पैरों में क्रैम्प्स यानी ऐंठन की समस्या महसूस की जाती है। खासतौर पर दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में यह परेशानी ज्यादा बढ़ती हुई देखी जाती है। कई बार अचानक नींद खुल जाती है और पैरों की मांसपेशियों में तेज खिंचाव महसूस किया जाता है। यह स्थिति कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक बनी रहती है।
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर का वजन लगातार बढ़ता है। इसका दबाव पैरों की नसों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इसी वजह से रात के समय क्रैम्प्स ज्यादा महसूस किए जाते हैं। दिनभर की थकान के बाद जब शरीर आराम की स्थिति में आता है, तब मांसपेशियों में जकड़न और ऐंठन बढ़ती हुई महसूस की जाती है।
गर्भावस्था में रक्त संचार में भी कई बदलाव देखे जाते हैं। बढ़ते हुए गर्भाशय की वजह से पैरों की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे ब्लड फ्लो प्रभावित किया जाता है और मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यही कारण पैरों में दर्द और ऐंठन को बढ़ाता है।
हार्मोनल बदलाव भी इस समस्या में बड़ी भूमिका निभाते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन का स्तर तेजी से बदलता है। इससे मांसपेशियां और लिगामेंट्स अधिक संवेदनशील महसूस किए जाते हैं। कई महिलाओं में रात के समय पैरों में भारीपन और खिंचाव भी महसूस किया जाता है।
कई बार शरीर में पानी की कमी भी क्रैम्प्स का कारण बनती है। अगर दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाता, तो शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा की जाती है। इससे मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन बढ़ाई जाती है। गर्म मौसम या ज्यादा पसीना आने की स्थिति में यह परेशानी और ज्यादा बढ़ती हुई देखी जाती है।
इसके अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे जरूरी मिनरल्स की कमी भी क्रैम्प्स को बढ़ाती है। ये इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए जरूरी माने जाते हैं। जब शरीर में इनकी कमी महसूस की जाती है, तब मांसपेशियां जल्दी सिकुड़ने लगती हैं और दर्द पैदा किया जाता है।
लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार बैठे रहने की आदत भी इस समस्या को बढ़ाती है। कई गर्भवती महिलाएं दिनभर कामकाज में व्यस्त रहती हैं। इससे पैरों पर अतिरिक्त दबाव डाला जाता है। रात के समय वही दबाव ऐंठन के रूप में महसूस किया जाता है।
क्रैम्प्स को कम करने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जाते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-
Disclaimer : अगर दर्द बहुत ज्यादा महसूस किया जाता है या पैरों में सूजन, लालिमा और गर्माहट दिखाई जाती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जाती है। कई बार यह किसी गंभीर ब्लड सर्कुलेशन संबंधी समस्या का संकेत भी माना जाता है। ऐसे में सही समय पर जांच और इलाज करवाने से मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जाता है।