ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द क्यों होता है? डॉक्टर बता रहे हैं इसके कारण
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द क्यों होता है? डॉक्टर बता रहे हैं इसके कारण
कई महिलाएं जब छोटे शिशु को स्तनपान करवाती हैं तो उन्हें दर्द का एहसास होने लगता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसा क्यों होता है और कब आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। इस बारे में जानकारी दे रही हैं डॉ. निधि गुप्ता।
Written By:
Ashu Kumar Das
| Published : August 4, 2026 9:18 AM IST
बच्चे को दूध पिलाना तो सबसे नेचुरल प्रोसेस है... फिर स्तनों में दर्द क्यों होता है? नई मां बनने के बाद ये सवाल लगभग हर महिला के मन में आता है। सच यह है कि ब्रेस्टफीडिंग दर्दनाक नहीं होनी चाहिए। अगर आपको फीडिंग के दौरान तेज जलन, चुभन या जख्म जैसा दर्द हो रहा है, तो इसका कोई न कोई कारण जरूर है। और अच्छी खबर ये है कि सही जानकारी और थोड़ी देखभाल से इस दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 1 से 7 अगस्त तक वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया जा रहा है तब हम आपको बताने जा रहे हैं स्तनपान के दौरान महिलाओं को दर्द क्यों होता है और इस स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द होने के कारण
नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की नियोनेटोलॉजी (नवजात शिशु चिकित्सा) डॉ. निधि गुप्ता का कहना है कि किसी भी नई मां को स्तनपान के दौरान दर्द होना आम बात है। इसके कई कारण होते हैं।
गलत लैच करना- डॉक्टर कहती हैं कि स्तनपान के दौरान होने वाले दर्द का सबसे बड़ा कारण है गलत लैच करना। जब बच्चा सिर्फ निप्पल को मुंह में लेता है, पूरे एरियोला को नहीं, तो निप्पल पर प्रेशर पड़ता है। इससे आपको दर्द महसूस हो सकता है। अगर आपको फीडिंग के दौरान नुकीला, चुभने वाला दर्द। फीड के बाद निप्पल चपटा या लिपस्टिक जैसा दिख रहा है तो यह लैचिंग के कारण होने वाला दर्द हो सकता है।
निप्पल में घाव होना- गलत लैच या ड्राईनेस की वजह से निप्पल पर क्रैक, छाले या खून आ सकता है। इसके कारण भी कई महिलाओं को स्तनपान के दौरान दर्द महसूस हो सकता है।
स्तनों का बहुत ज्यादा भर जाना- डिलीवरी के 3 से 4 दिन बाद जब दूध बनना शुरू होता है, तो ब्रेस्ट सख्त, भारी और दर्दनाक हो जाते हैं। ऐसे में कई बार महिलाओं को स्तनों में गांठ और दर्द महसूस हो सकता है।
ब्रेस्ट में सूजन- किसी कारण से जब दूध की नली ब्लॉक हो जाए तो ब्रेस्ट के एक हिस्से में लालिमा, गर्मी और तेज दर्द होता है। साथ में बुखार भी आ सकता है। ब्रेस्ट में होने वाली सूजन के कारण भी स्तनपान के दौरान दर्द महसूस हो सकता है।
बच्चे की जीभ का जुड़ा होना- कुछ बच्चों की जीभ नीचे से जुड़ी होती है जिसकी वजह से वो सही से लैच नहीं कर पाते है। बच्चे का सही तरीके से लैच न कर पाना भी कई मामलों में दर्द का कारण बन सकता है।
स्तनों में होने वाले दर्द को कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
स्तनपान के दौरान आपको किसी प्रकार का दर्द महसूस न हो इसके लिए आप नीचे बताए गए टिप्स को अपना सकते हैं-
पोजीशन सबसे जरूरी है- फुटबॉल होल्ड, क्रैडल होल्ड, लेटकर फीडिंग - जो भी पोजीशन आपको और बच्चे को आरामदायक लगे वही अपनाएं। स्तनपान के दौरान बस ध्यान दें कि बच्चे का पेट आपके पेट से सटा होना चाहिए।
लैच ऑन तकनीक सीखें- स्तनपान के दौरान दर्द न हो इसके लिए बच्चे को ब्रेस्ट की तरफ लाएं, ब्रेस्ट को बच्चे की तरफ न ले जाएं। निप्पल को बच्चे की नाक से टच करें ताकि वो मुंह पूरा खोले।
फीडिंग के बाद निप्पल केयर- स्तनपान के बाद निप्पल को साफ कपड़े से अच्छे से पोंछ दें। बच्चे को फीड करवाने के बाद अपना ब्रेस्ट मिल्क लगाएं और हवा लगने दें।
ब्रेस्ट पैड बदलते रहें- गीले पैड फंगल इंफेक्शन का कारण बनते हैं। इसलिए हर 2-3 घंटे में ब्रेस्ट पैड को बदलने की कोशिश करें।
एक तरफ से दूसरे तरफ शिफ्ट करें- अगर एक ब्रेस्ट में दर्द है तो दूसरी तरफ से फीडिंग शुरू करें। दर्द कम होने पर प्रॉब्लम वाली साइड पर आएं।
सिकाई का सही इस्तेमाल- स्तनपान के दौरान दर्द से बचने के लिए फीड से पहले गर्म सिकाई। फीड के बाद ठंडी सिकाई करें। इससे दूध का फ्लो बना रहेगा और स्तनों में किसी प्रकार की सूजन भी नहीं होगी।
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कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?
डॉ. निधि गुप्ता के अनुसार स्तनपान के दौरान अगर महिला को अपने अंदर कुछ खास लक्षण भी नजर आ रहे हैं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए और अपना इलाज करवाना चाहिए। इन लक्षणों में मुख्य रूप से शामिल है-
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बुखार 100.4 F से ज्यादा + ब्रेस्ट में लाल चकत्ता
निप्पल से पस या हरा डिस्चार्ज
स्तनों में दर्द इतना तेज कि आप फीड न करा पा रही हों
बच्चा वजन नहीं बढ़ा रहा
3 से 4 दिन घरेलू उपाय के बाद भी दर्द कम न हो
डॉ. निधि गुप्ता कहती हैं- दर्द के डर से ब्रेस्टफीडिंग कभी भी बंद नहीं करनी चाहिए। स्तनपान आपके बच्चे के लिए सबसे अच्छा पोषण है। सही लैच और थोड़ी मदद से 99% समस्याएं ठीक हो जाती हैं। जरूरत पड़े तो लैक्टेशन काउंसलर या अपने नियोनेटोलॉजिस्ट से तुरंत मिलें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। स्तनपान के दौरान आपको किसी प्रकार का दर्द हो रहा है या कोई अन्य समस्या हो रही है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करें।
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